US लॉबी का ग्लोबल गैंग बेनकाब: उमर विवाद पर भड़की BJP का राहुल-शाकोव्स्की की स्क्रिप्ट पर वार
दिल्ली दंगा 2020 का आरोपी उमर खालिद की जमानत के मुद्दे पर न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी और 8 अमेरिकी सांसदों के हस्तक्षेप को लेकर बीजेपी ने बड़ा आरोप लगाया है. पार्टी ने इस मुहिम को भारत के खिलाफ साजिश करार दिया है. प्रदीप भंडारी का दावा है कि इसके पीछे राहुल गांधी और विदेशी लॉबी की भारत विरोधी गैंग का हाथ है. जानिए, क्या है पूरा मामला?
दिल्ली दंगा 2020 का आरोपी उमर खालिद की जमानत अब सिर्फ कानूनी मुद्दा नहीं, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति और भारत की संप्रभुता से जुड़ा बड़ा विवाद बन गई है. न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी और 8 अमेरिकी सांसदों द्वारा भारत से जुड़ी टिप्पणी के बाद बीजेपी ने सीधा हमला बोला है. बीजेपी का आरोप है कि यह पूरा घटनाक्रम भारत को वैश्विक मंच पर बदनाम करने की कोशिश है, जिसमें राहुल गांधी और विदेशी नेटवर्क की भूमिका है. सवाल यह है कि क्या यह मानवाधिकार का मामला है या भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रेशर पॉलिटिक्स?
साजिश में राहुल गांधी का हाथ
न्यूयॉर्क के नए मेयर जोहरान ममदानी और अमेरिका के आठ सांसदों ने भारतीय राजदूत को पत्र लिखकर जेल में बंद एक्टिविस्ट उमर खालिद के लिए निष्पक्ष और समय पर सुनवाई की मांग की. उमर को लेकर जारी इस मुहिम पर भारतीय जनता पार्टी भड़क उठी है. बीजेपी प्रवक्ता ने 2 जनवरी 2026 को एक्स पर एक खतरनाक भारत विरोधी साजिश का आरोप लगाया. BJP ने दावा किया कि US की धरती से रची गई इस कथित साजिश में राहुल गांधी शामिल थे.
BJP ने शुक्रवार को राहुल गांधी और US सांसद जेनिस शाकोव्स्की के बीच 2024 की एक मीटिंग का हवाला देते हुए इसे कांग्रेस नेता के भारत विरोधी कनेक्शन और सबूत बताया. शाकोव्स्की उन सात लोगों में शामिल थीं, जिन्होंने भारत सरकार से 2020 के दिल्ली दंगों के सिलसिले में गिरफ्तार उमर खालिद को जमानत देने की अपील की थी.
ग्लोबल गैंग की मास्टरमाइंड है शाकोव्स्की
राहुल गांधी की शाकोव्स्की और भारत विरोधी रुख के लिए जानी जाने वाली इल्हान उमर के साथ एक तस्वीर पोस्ट करते हुए BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने एक्स पर आरोप लगाया कि ये अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं. भंडारी ने आगे दावा किया कि गांधी की 2024 में US में शाकोव्स्की और उमर के साथ मीटिंग विदेशों में विधायी कदमों से जुड़ी थी.
उन्होंने जनवरी 2025 में शाकोव्स्की द्वारा 'इंटरनेशनल इस्लामोफोबिया से मुकाबला करने वाले अधिनियम' को पेश करने का हवाला दिया, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि इसमें साफ तौर पर भारत का नाम लिया गया था और मुस्लिम समुदायों पर कथित कार्रवाई का जिक्र किया गया था.
अब BJP प्रवक्ता ने राहुल गांधी के US आउटरीच से जुड़ी घटनाओं का क्रमवार पेश करते हुए कहा कि इसे सांसदों द्वारा उठाए गए बाद के कदमों से जोड़ने की कोशिश करार दिया है.
कैसे काम करती है भारत विरोधी लॉबी?
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने एक टाइमलाइन बताते हुए पूछा, "2024 में जेन शाकोव्स्की ने अमेरिका में राहुल गांधी से मुलाकात की. साथ में भारत विरोधी सांसद इल्हान उमर भी थीं. जनवरी 2025 में उन्होंने 'इंटरनेशनल इस्लामोफोबिया से मुकाबला करने वाले अधिनियम को फिर से पेश किया, जिसमें साफ तौर पर भारत का नाम लिया गया और 'मुस्लिम समुदायों पर कार्रवाई' का आरोप लगाया गया.
उन्होंने आगे कहा, "2026 की बात करें तो वही जेन शाकोव्स्की भारत सरकार को लिखती हैं और दंगों और हिंसा से जुड़े गंभीर मामलों में UAPA के तहत आरोपी उमर खालिद को लेकर 'चिंता' जताती हैं." शाकोव्स्की ने 30 दिसंबर को भारतीय सरकार को लिखे अपने पत्र में खालिद के लिए जमानत और अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार ट्रायल की मांग की. इसमें खालिद के सह-आरोपियों के साथ भी निष्पक्ष व्यवहार करने की बात कही गई, जो अभी भी जेल में हैं.
इस पत्र पर साइन करने वालों में से एक डेमोक्रेट जिम मैकगवर्न ने एक्स पर लिखा, "इस महीने की शुरुआत में मैं उमर खालिद के माता-पिता से मिला, जिन्हें भारत में बिना ट्रायल के पांच साल से ज्यादा समय से जेल में रखा गया है."
उमर के खिलाफ सबूत मजबूत नहीं
मैकगवर्न और अन्य लोगों ने लिखा, "मिस्टर खालिद पर आतंकवाद का आरोप लगाने के लिए इस्तेमाल किए गए सबूतों की मजबूती संदिग्ध है." और स्वतंत्र मानवाधिकार समूहों की जांच का हवाला दिया जिसमें "मिस्टर खालिद को आतंकवादी गतिविधि से जोड़ने वाले कोई सबूत नहीं मिले."
सांसदों के पत्र में भारत से, अंतर्राष्ट्रीय नागरिक और राजनीतिक अधिकारों पर समझौते पर हस्ताक्षरकर्ता होने के नाते, "व्यक्तियों के उचित समय के भीतर ट्रायल पाने या रिहा होने के अधिकारों को बनाए रखने का आग्रह किया गया है."
बीजेपी का कहना है कि विदेशी सांसदों का यह दखल एक भारत विरोधी अभियान का हिस्सा है, जो विदेशों में ऐसी कार्रवाइयों और कांग्रेस नेता की मुलाकातों के बीच सीधा संबंध दिखाता है. कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी ने बीजेपी के आरोपों या अंतर्राष्ट्रीय सांसदों द्वारा लिखे गए पत्र पर कोई जवाब नहीं दिया है.
उमर की जमानत याचिका SC में लंबित
इस बीच न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने खालिद को लिखा, "मैं, उमर की कड़वाहट पर आपकी बातों और इसे खुद पर हावी न होने देने के महत्व के बारे में सोचता हूं. आपके माता-पिता से मिलकर अच्छा लगा."
उमर खालिद की जमानत याचिका फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जिसमें जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने पिछले महीने दलीलें पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है.





