Amarnath Yatra 2026: बाबा बर्फानी के पहले दर्शन, सामने आई फोटो, 3 जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा
Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ गुफा से बाबा बर्फानी के पहले दर्शन की तस्वीर सामने आते ही श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ गया है. बर्फ से बने पवित्र शिवलिंग का दिव्य रूप एक बार फिर आस्था का केंद्र बन गया है, जो हर साल लाखों भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करता है.
बाबा बर्फानी के पहले दर्शन
Amarnath Yatra 2026: हर साल श्रद्धालुओं को जिस पल का इंतजार रहता है, वह आखिरकार आ गया है. अमरनाथ गुफा से बाबा बर्फानी की इस साल की पहली तस्वीर सामने आई है. इस तस्वीर में प्राकृतिक रूप से बने बर्फ के शिवलिंग का दिव्य और शांत स्वरूप साफ नजर आ रहा है, जो गुफा के भीतर बर्फ की मोटी परतों से घिरा हुआ है.
पास में रखा त्रिशूल और चढ़ाए गए फूल इस नजारे को और भी पवित्र बना रहे हैं. हर साल की तरह इस बार भी यह अद्भुत नजारा भगवान शिव की महिमा का प्रतीक बनकर भक्तों को आकर्षित कर रहा है. इस साल यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी, जिसमें लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचेंगे.
बाबा बर्फानी के पहले दर्शन
यह इस साल की बाबा बर्फानी की पहली फोटो है, जिसमें गुफा के पास त्रिशूल और फूल चढ़े हुए हैं. यात्रा शुरू होने से पहले 29 जून 2026 को ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन पहली पूजा की जाएगी. इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना कर यात्रा के सफल और सुरक्षित होने की प्रार्थना की जाती है. यह परंपरा कई सालों से चली आ रही है, जिससे इस यात्रा का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है.
दो प्रमुख मार्गों से पहुंचेंगे श्रद्धालु
अमरनाथ गुफा तक जाने के लिए श्रद्धालुओं के पास दो मुख्य रास्ते होते हैं. पहला बालटाल वाला रास्ता है, जो करीब 14 किलोमीटर का है. यहह छोटा तो है, लेकिन थोड़ा कठिन माना जाता है. दूसरा रास्ता पहलगाम और चंदनबाड़ी होकर जाता है, जिसकी दूरी लगभग 48 किलोमीटर है. यह रास्ता लंबा जरूर है, लेकिन चढ़ाई धीरे-धीरे होने के कारण काफी लोग इसी रास्ते से जाना पसंद करते हैं.
दर्शन का समय
यात्रा हर दिन सुबह जल्दी शुरू होती है. पवित्र गुफा में मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं को बाबा बर्फानी के दर्शन करने का मौका मिलता है. बर्फ से बना यह शिवलिंग बहुत ही खास और सुंदर होता है, जिसे देखकर हर साल भक्तों का मन खुश हो जाता है.
यात्रा से पहले रखें इन बातों का ध्यान
अमरनाथ यात्रा के लिए शारीरिक रूप से फिट होना बेहद जरूरी है. ऊंचाई और ठंड को देखते हुए गर्म कपड़े, रेनकोट, टॉर्च और जरूरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड साथ रखना जरूरी है. सही तैयारी के साथ यह यात्रा न केवल सुरक्षित होती है, बल्कि एक कभी न भूलने वाली आध्यात्मिक अनुभव भी बन जाती है.




