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वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर नोएडा के सेक्टर 59 से हरियाणा तक हंगामा, कई कंपनियों पर लगा ताला- देखिए बवाल के पांच VIDEO

नोएडा के सेक्टर 59 से शुरू हुआ वेतन बढ़ाने की मांग का प्रदर्शन देखते ही देखते हरियाणा तक फैल गया, जहां हजारों मजदूर सड़कों पर उतर आए. कई जगहों पर हंगामा, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं, जिससे कंपनियों को ताला लगाना पड़ा और ट्रैफिक भी बुरी तरह प्रभावित हुआ.

वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर नोएडा के सेक्टर 59 से हरियाणा तक हंगामा, कई कंपनियों पर लगा ताला- देखिए बवाल के पांच VIDEO
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सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी5 Mins Read

Published on: 13 April 2026 1:23 PM

सोमवार सुबह उत्तर प्रदेश के नोएडा के औद्योगिक इलाकों में शुरू हुआ मजदूरों का प्रदर्शन कुछ ही घंटों में उग्र हो गया. शुरुआत शांतिपूर्ण विरोध से हुई, लेकिन देखते ही देखते हालात बिगड़ गए और कई जगहों पर तोड़फोड़, पथराव और आगजनी की घटनाएं सामने आईं. हजारों की संख्या में फैक्ट्री कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर वेतन बढ़ोतरी और बेहतर कामकाजी हालात की मांग उठाई.

स्थिति तब और गंभीर हो गई जब यह विरोध हरियाणा के फरीदाबाद तक फैल गया. दोनों शहरों के औद्योगिक क्षेत्रों में सड़कों पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और कई प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया.

क्या नोएडा से शुरू हुआ प्रदर्शन फरीदाबाद तक फैल गया?

नोएडा के सेक्टर-62, फेज-2 और सेक्टर-60 में शुरू हुआ यह विरोध जल्द ही फरीदाबाद के सेक्टर-37 और सेक्टर-38 तक पहुंच गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, Samvardhana Motherson और Richco Sports जैसी कंपनियों के करीब 10,000 से ज्यादा मजदूर सड़कों पर उतर आए. इसके चलते दिल्ली-Meerut एक्सप्रेसवे समेत कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक पूरी तरह से ठप हो गया.

मजदूरों की मुख्य मांग क्या है?

मजदूरों का कहना है कि वे लंबे समय से वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी जा रही. उनकी प्रमुख मांगें हैं- न्यूनतम वेतन में वृद्धि, ओवरटाइम का भुगतान और सुरक्षित कार्यस्थल. प्रदर्शन कर रही लक्ष्मी ने कहा कि 'हम सिर्फ दो चीजें मांग रहे हैं. पहली ओवरटाइम का पैसा और दूसरी हर महीने कम से कम 20,000 रुपये की सैलरी. हमारी कंपनी में हमारा शोषण हो रहा है. हमें समय पर खाना तक नहीं दिया जाता और महिलाओं की सुरक्षा का भी कोई इंतजाम नहीं है." वहीं एक अन्य मजदूर अक्षय ने कहा कि 'हमें 10,000 रुपये मिलते हैं और कई बार उसमें से 1,000 रुपये भी काट लिए जाते हैं. जिससे साफ है कि वेतन को लेकर असंतोष काफी गहरा है.

क्या हरियाणा की वेतन बढ़ोतरी बनी विवाद की वजह?

दरअसल, हरियाणा सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन में 35% की बढ़ोतरी के बाद यह मुद्दा और भड़क गया. अब उत्तर प्रदेश के मजदूर भी समान वेतन की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि एक ही काम के लिए अलग-अलग राज्यों में अलग वेतन मिलना अन्यायपूर्ण है. प्रदर्शनकारी अंकुर कुमार ने सवाल उठाया कि 'अगर वेतन में समानता ही नहीं है, तो बड़े शहरों में काम करने का क्या मतलब है?"

प्रदर्शन हिंसक कैसे हुआ?

शुरुआत में शांतिपूर्ण विरोध कर रहे मजदूरों का गुस्सा धीरे-धीरे भड़क उठा. कुछ असामाजिक तत्वों के शामिल होने से हालात बिगड़ गए और कई जगहों पर वाहनों में तोड़फोड़, पथराव और आगजनी की घटनाएं सामने आईं. नोएडा के फेज-2 इलाके में पुलिस की गाड़ी तक को नुकसान पहुंचाया गया.

प्रशासन ने क्या कदम उठाए?

स्थिति को काबू में करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा कि मजदूरों को उनका हक मिलना चाहिए, लेकिन कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी. पुलिस के अनुसार 'स्थिति नियंत्रण में है और लगातार निगरानी की जा रही है. श्रमिकों को समझाने और शांति बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं.'

दिल्ली में क्यों बढ़ाई गई सुरक्षा?

नोएडा और फरीदाबाद में बढ़ते तनाव को देखते हुए दिल्ली में भी हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. सीमावर्ती इलाकों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की अशांति राजधानी तक न पहुंचे.

क्या मजदूरों के हालात सच में इतने खराब हैं?

मजदूरों ने आरोप लगाया है कि उन्हें न तो समय पर खाना मिलता है और न ही सुरक्षित कार्यस्थल. महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं. इसके अलावा, साप्ताहिक छुट्टी और शिकायत निवारण व्यवस्था की कमी भी उनके गुस्से का बड़ा कारण है. सरकार ने श्रम विभाग को निर्देश दिए हैं कि मजदूरों और कंपनियों के बीच बातचीत कर समाधान निकाला जाए. हालांकि, अगर मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है.

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