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Ajit Pawar Plane Crash: ब्लैक बॉक्स खोलेगा राज! बारामती विमान हादसे में अब तक क्या-क्या आया सामने?

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत वाले बारामती विमान हादसे की जांच तेज हो गई है. CCTV फुटेज, ब्लैक बॉक्स डेटा और एविएशन एक्सपर्ट्स की राय के आधार पर तीन खतरनाक थ्योरी सामने आई हैं. इनमें इंजन फेलियर, रनवे देर से दिखना और एयरोडायनामिक स्टॉल की आशंका शामिल है. जांच एजेंसियां हादसे के असली कारणों की गहराई से पड़ताल कर रही हैं.

Ajit Pawar Plane Crash: ब्लैक बॉक्स खोलेगा राज! बारामती विमान हादसे में अब तक क्या-क्या आया सामने?
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सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी

Updated on: 30 Jan 2026 1:13 PM IST

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की जान लेने वाले बारामती विमान हादसे की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है. द संडे गार्जियन में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे हादसे से जुड़े नए सबूत सामने आ रहे हैं. ताजा CCTV फुटेज और फ्लाइट डेटा ने इस भीषण दुर्घटना को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एविएशन एक्सपर्ट्स अब क्रैश के पीछे संभावित तकनीकी और मानवीय कारणों की गहराई से पड़ताल कर रहे हैं.

अधिकारियों के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त विमान VT-SSK Learjet 45 बिजनेस जेट बुधवार को दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश कर रहा था, तभी हादसा हुआ. ब्लैक बॉक्स (FDR और CVR) बरामद कर लिया गया है और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की तीन सदस्यीय टीम डेटा का विश्लेषण कर रही है. जांच पूरी होने के बाद ही असली वजह सामने आएगी, लेकिन फिलहाल तीन संभावित थ्योरी पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है.

CCTV फुटेज में क्या दिखा?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे CCTV फुटेज में विमान के आखिरी पल कैद हुए हैं. वीडियो में साफ दिखता है कि क्रैश से ठीक पहले विमान का बायां पंख अचानक नीचे की ओर झुक गया. कम ऊंचाई पर तेज़ी से झुकाव (शार्प बैंक) ने विमान को संभलने का कोई मौका नहीं दिया. एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि यह पैटर्न लैंडिंग के दौरान लिफ्ट या थ्रस्ट में अचानक कमी की ओर इशारा करता है, जहां रफ्तार, एंगल और पायलट की प्रतिक्रिया बेहद अहम होती है.

Ajit Pawar Plane Crash Reason: क्या इंजन फेलियर बना वजह?

जांच में इंजन फेलियर की संभावना को भी गंभीरता से देखा जा रहा है. यदि लैंडिंग के वक्त एक इंजन फेल हो जाए, तो दूसरे इंजन की ताकत विमान को एक तरफ खींच सकती है, जिससे असंतुलन पैदा होता है. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि क्रैश से पहले किसी तरह की इमरजेंसी कॉल नहीं की गई, जिससे अचानक इंजन फेलियर की संभावना थोड़ी कम मानी जा रही है.

मार्टिन कंसल्टिंग के मार्क डी मार्टिन ने कहा कि 'लियरजेट 45 एक बेहद तेज़ गति वाला विमान है और इसे कम गति पर, खासकर लैंडिंग के दौरान, उड़ान के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता. जो कुछ मैंने देखा है, उससे लगता है कि उतरते समय विमान के एक इंजन में खराबी आ गई. जब एक इंजन फेल हो जाता है, तो दूसरे इंजन की शक्ति विमान को एक तरफ खींच सकती है.' अब FDR डेटा से ही साफ होगा कि इंजन परफॉर्मेंस में कोई गड़बड़ी थी या नहीं.

रनवे देर से दिखना और बारामती एयरपोर्ट की सीमाएं

तीसरी बड़ी थ्योरी रनवे विजिबिलिटी और बारामती एयरपोर्ट की बुनियादी सीमाओं से जुड़ी है. इस एयरपोर्ट पर एडवांस नेविगेशन सिस्टम नहीं है और लैंडिंग काफी हद तक विजुअल अप्रोच पर निर्भर करती है. सेफ्टी एक्सपर्ट अमित सिंह ने कहा कि 'विज़ुअल एप्रोच का मतलब ही यह होता है कि पायलट को रनवे साफ़-साफ़ दिखाई दे. ऐसे में एक बुनियादी सवाल उठता है. खराब दृश्यता की स्थिति में विमान को रनवे पर उतरने की अनुमति किसने दी और किस आधार पर?

इस मामले में ऐसा प्रतीत होता है कि अंतिम क्षणों में सूरज की तेज़ चमक (सन ग्लेयर) के कारण दृश्यता प्रभावित हुई और चालक दल को बहुत देर से एहसास हुआ कि विमान रनवे के साथ सही तरीके से संरेखित नहीं था.' एक अन्य पायलट के मुताबिक 'ऐसा प्रतीत होता है कि रनवे बहुत देर से दिखाई दिया और उसे पकड़ने की कोशिश में विमान को अत्यधिक बैंक एंगल पर मोड़ा गया.' कम ऊंचाई पर तेज़ मोड़ किसी भी हाई-परफॉर्मेंस जेट के लिए जानलेवा साबित हो सकता है.

Aerodynamic Stall थ्योरी: सबसे खतरनाक संभावना

जांच में सबसे मजबूत थ्योरी असममित एयरोडायनामिक स्टॉल की मानी जा रही है. यह स्थिति तब बनती है जब विमान की गति कम हो जाती है या एंगल ऑफ अटैक ज्यादा हो जाता है, जिससे पंख लिफ्ट खो देते हैं. Learjet 45 के इंजन टेल पर लगे होते हैं, जिससे कम स्पीड और जमीन के करीब रिकवरी और मुश्किल हो जाती है. फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स के अध्यक्ष सी.एस. रंधावा ने बताया कि विमान चार प्रमुख बलों पर आधारित होता है- लिफ्ट, वज़न, थ्रस्ट और ड्रैग. कम गति के कारण ऐसा प्रतीत होता है कि विमान ने क्रिटिकल एंगल ऑफ अटैक को पार कर लिया, जिससे ड्रैग बढ़ गया और लिफ्ट कम हो गई. इसी वजह से विंगटिप स्टॉल हुआ और विमान का नोज़ बाईं ओर नीचे की तरफ गिर गया.' उन्होंने आगे कहा कि स्टिक शेकर्स के एक्टिवेशन और कॉकपिट बातचीत की जानकारी ब्लैक बॉक्स से सामने आएगी.

आगे जांच में किन बातों पर रहेगा फोकस?

AAIB की टीम अब ब्लैक बॉक्स डेटा के जरिए विमान की स्पीड, एंगल ऑफ अटैक, इंजन थ्रस्ट और पायलट इनपुट्स का पूरा विश्लेषण करेगी. CVR से यह भी पता चलेगा कि आखिरी पलों में पायलटों के बीच क्या बातचीत हुई और खतरे को कितनी देर पहले पहचाना गया. फिलहाल विशेषज्ञ किसी एक वजह पर निष्कर्ष निकालने से बच रहे हैं. उनका मानना है कि यह हादसा कई कारणों के मेल से हुआ हो सकता है.

अजित पवार
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