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20 भाषाओं में 48 हजार से ज्यादा गाने, 60 साल तक सुरों से जीते करोड़ों दिल; कौन थीं एस. जानकी, जिनके निधन पर भावुक हुए पीएम मोदी

20 भाषाओं में 48 हजार से अधिक गाने गाने वाली दिग्गज पार्श्व गायिका एस. जानकी का 88 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। जानिए उनके जीवन और 60 साल लंबे संगीत सफर.

20 भाषाओं में 48 हजार से ज्यादा गाने, 60 साल तक सुरों से जीते करोड़ों दिल; कौन थीं एस. जानकी, जिनके निधन पर भावुक हुए पीएम मोदी
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( Image Source:  @PTI_News )

भारतीय सिनेमा की दिग्गज पार्श्व गायिका और 'नाइटिंगेल ऑफ साउथ इंडिया' के नाम से मशहूर एस. जानकी का 88 वर्ष की उम्र में मैसूर में निधन हो गया. उनके निधन से भारतीय संगीत जगत में शोक की लहर है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय और फिल्म जगत के कई दिग्गज कलाकारों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि एस. जानकी अम्मा का निधन संगीत और संस्कृति की दुनिया के लिए अपूरणीय क्षति है. उन्होंने लिखा कि एस. जानकी के गीत कई भाषाओं में गाए गए और उनकी आवाज कई पीढ़ियों के लोगों के दिलों तक पहुंची.

पीएc मोदी ने आगे लिखा-"उन्होंने अपनी गायकी से हर भावना को बेहद खूबसूरती और बहुमुखी प्रतिभा के साथ अभिव्यक्त किया. पीएम मोदी ने कहा कि उनकी मधुर आवाज आने वाले सालों तक श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करती रहेगी."

मुख्यमंत्री विजय ने क्या कहा?

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने सोशल मीडिया प्लेटफर्म X पर लिखा कि भारतीय फिल्म संगीत की दुनिया में अपनी अनोखी आवाज से कई पीढ़ियों का दिल जीतने वाली महान पार्श्व गायिका एस. जानकी के निधन से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है. उनके अलावा अभिनेता रजनीकांत, कमल हासन और चिरंजीवी ने भी एस. जानकी को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया.

कौन थीं एस. जानकी?

एस. जानकी का पूरा नाम सिस्टला श्रीराममूर्ति जानकी (Sistla Sreeramamurthy Janaki) था. उनका जन्म 23 अप्रैल 1938 को तत्कालीन मद्रास प्रेसीडेंसी के गुंटूर (अब आंध्र प्रदेश) में हुआ था. उनके पिता सिस्टला श्रीराममूर्ति आयुर्वेदिक डक्टर और टीचर थे.

एस. जानकी ने पहली बार गाना कब गाया?

उन्होंने अपना बचपन मुख्य रूप से सिरसिल्ला (अब तेलंगाना) में बिताया. मात्र नौ साल की उम्र में उन्हें पहली बार मंच पर गाने का अवसर मिला. उन्होंने नादस्वरम वादक पैडिस्वामी से संगीत की शुरुआती शिक्षा ली, हालांकि उन्होंने शास्त्रीय संगीत की कोई औपचारिक ट्रेनिंग नहीं ली.

एस. जानकी का कब शुरू हुआ फिल्मी सफर?

एस. जानकी ने सिर्फ 19 साल की उम्र में 1957 में तमिल फिल्म 'विधियिन विलायट्टु' (Vidhiyin Vilayattu) से पार्श्व गायन की शुरुआत की. इसी साल उन्होंने छह अलग-अलग भाषाओं में भी गीत रिकॉर्ड किए. इसके बाद उन्होंने तेलुगु फिल्म 'एम.एल.ए.' के लिए भी गाने गाए. अपने करियर के शुरुआती दौर में ही उन्होंने कई भारतीय भाषाओं में गायन कर अपनी अलग पहचान बना ली.

एस. जानकी ने कितने गाने गाए हैं?

एस. जानकी भारतीय संगीत इतिहास की सबसे अधिक गीत रिकर्ड करने वाली गायिकाओं में शामिल हैं. उन्होंने फिल्मों, एल्बम, रेडियो और टेलीविजन के लिए 48 हजार से अधिक गीत रिकर्ड किए.

एस जानकी ने कितने भाषाओं में गाने गाए?

उन्होंने तेलुगु, कन्नड़, तमिल, मलयालम, हिंदी, संस्कृत, ओड़िया, तुलु, उर्दू, पंजाबी, बंगाली, कोंकणी, बडगा सहित 20 भारतीय भाषाओं में गीत गाए. इसके अलावा उन्होंने अंग्रेजी, जापानी, जर्मन और सिंहली जैसी विदेशी भाषाओं में भी अपनी आवाज दी.

किस भाषा में कितने गाने रिकॉर्ड किए?

उनके करियर में सबसे अधिक गीत कन्नड़ भाषा में रिकर्ड हुए, इसके बाद मलयालम भाषा का स्थान रहा. अपनी भावपूर्ण गायकी और आवाज में अलग-अलग भावों को जीवंत करने की क्षमता के कारण उन्हें 'क्वीन ऑफ एक्सप्रेशन एंड मड्यूलेशन' भी कहा जाता था.

एस. जानकी का गायन करियर करीब 60 वर्षों तक चला. वर्ष 2016 में उन्होंने फिल्मों और मंचीय प्रस्तुतियों से संन्यास लेने की घोषणा की थी. हालांकि 2018 में उन्होंने तमिल फिल्म 'पन्नाडी' (Pannaadi) के लिए फिर से एक गीत रिकर्ड किया.

एस जानकी ने कब लिया था सन्यास?

28 अक्टूबर 2017 को मैसूर में आयोजित एक संगीत कार्यक्रम के साथ उन्होंने अपने लंबे करियर को औपचारिक रूप से विराम दिया. अपने विदाई गीत के रूप में उन्होंने मलयालम लोरी 'अम्मा पूविनुम' (Amma Poovinum) को चुना था.

कितने पुरस्कार मिल चुके हैं?

एस. जानकी को अपने लंबे संगीत करियर में कई प्रतिष्ठित सम्मान मिले. उन्हें 4 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और 33 राज्य फिल्म पुरस्कार प्राप्त हुए. इसके अलावा मैसूर विश्वविद्यालय ने उन्हें मानद डक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया. उन्हें तमिलनाडु सरकार का कलैमामणि पुरस्कार और कर्नाटक सरकार का राज्योत्सव प्रशस्ति पुरस्कार भी मिला.

साल 2013 में भारत सरकार ने उन्हें देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित करने की घोषणा की थी, लेकिन एस. जानकी ने यह सम्मान स्वीकार करने से इनकार कर दिया था. उन्होंने कहा था कि उनके 55 वर्षों के लंबे करियर के बाद यह सम्मान काफी देर से दिया जा रहा है. साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय पुरस्कारों में दक्षिण भारतीय कलाकारों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व और उचित सम्मान नहीं मिलने पर भी निराशा जताई थी.

एस जानकी की शादी और निजी जीवन

एस. जानकी ने वर्ष 1959 में वी. रामप्रसाद से विवाह किया था. उनके पति ने उनके संगीत करियर में हमेशा उनका साथ दिया और अधिकांश रिकर्डिंग के दौरान उनके साथ रहे. वर्ष 1997 में हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया. अपने चाचा की सलाह पर एस. जानकी कम उम्र में चेन्नई आई थीं, जहां उन्होंने एवीएम स्टूडियो में संगीतकार आर. सुदर्शनम के साथ गायिका के रूप में काम शुरू किया. यहीं से उनका फिल्मी सफर शुरू हुआ और आगे चलकर वह भारतीय संगीत की सबसे लोकप्रिय और सम्मानित पार्श्व गायिकाओं में शामिल हो गईं.

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