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'मिस्टर इंडिया' की बेबी ज़ीनत और 'आहट' की फिरदौस दादी अब कहां है? अचानक इंडस्ट्री से गायब होकर जी रही है शांत जीवन

80 के दशक की मशहूर चाइल्ड आर्टिस्ट बेबी ज़ीनत ने कई हिट फिल्मों में काम किया, लेकिन अचानक इंडस्ट्री से दूर हो गईं. मलयालम सिनेमा में आखिरी फिल्म के बाद उन्होंने शांत जिंदगी चुन ली और अब लाइमलाइट से दूर हैं.

मिस्टर इंडिया की बेबी ज़ीनत और आहट की फिरदौस दादी अब कहां है? अचानक इंडस्ट्री से गायब होकर जी रही है शांत जीवन
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( Image Source:  Facebook: Zeenatdadi )
रूपाली राय
By: रूपाली राय4 Mins Read

Published on: 22 Feb 2026 6:29 AM

बेबी ज़ीनत दादी (Zeenat Dadi) की कहानी एक जादुई सफर की तरह रही छोटी सी उम्र में चमकती हुई स्टार. फिर अचानक गुमनामी की छाया में चली गईं, और आज भी लोगों के दिलों में एक मीठी याद बनकर बसी हैं.1980 के दशक में बॉलीवुड की चमक-दमक वाली दुनिया में एक छोटी सी लड़की ने सबका दिल जीत लिया था. उसका नाम था बेबी ज़ीनत. लोग उन्हें कुम्मी के नाम से भी पुकारते थे, क्योंकि 1987 में आई सुपरहिट फिल्म 'मिस्टर इंडिया' में वो अनिल कपूर और श्रीदेवी के साथ अनाथ बच्चों की सबसे बड़ी बहन का रोल निभाती थीं.

फिल्म में वो घर की जिम्मेदार, थोड़ी गंभीर लेकिन बहुत प्यारी लड़की थीं. उनकी बड़ी-बड़ी आंखें, मासूम मुस्कान और वो छोटी-छोटी शरारतें – सब कुछ इतना यादगार था कि आज भी जब लोग 'मिस्टर इंडिया' देखते हैं, तो कुम्मी को देखकर बचपन की यादें ताजा हो जाती हैं. बेबी ज़ीनत का जन्म शायद 1970 के अंत या 1980 की शुरुआत में हुआ था. बहुत छोटी उम्र से ही वो कैमरे के सामने आ गईं. उनकी पहली फिल्में थीं 'पुकार' (1983) और 'घर एक मंदिर' (1984). इनमें वो छोटे-छोटे रोल में नजर आईं, लेकिन उनकी क्यूटनेस और एक्टिंग ने निर्देशकों का ध्यान खींच लिया. फिर आई 'मिस्टर इंडिया', जो उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी फिल्म साबित हुई. इस फिल्म के बाद भी उन्होंने कई हिंदी फिल्मों में काम किया 'ईश्वर' (1989), 'एलान-ए-जंग' (1989).

सुपरस्टार के डेब्यू

लेकिन जिंदगी ने एक अलग मोड़ लिया. 1990 के आसपास हिंदी फिल्मों से उनका काम कम हो गया. फिर 1992 में एक नया चैप्टर शुरू हुआ – उन्होंने मलयालम सिनेमा में कदम रखा. फिल्म का नाम था 'पप्पायुडे स्वंथम अप्पूस'. इस फिल्म में मम्मूटी के साथ उन्होंने लीड रोल निभाया। इस फिल्म में उनका नाम था मीनाक्षी फिल्म में वो एक प्यारी, सपोर्टिव किरदार थीं और फिल्म काफी हिट हुई. मलयालम के फैंस आज भी इस फिल्म को बहुत पसंद करते हैं. ये उनकी आखिरी फिल्म थी. कहते हैं इस फिल्म के बाद उन्होंने अपना नाम सीना दादी रख लिया. इसके बाद वो अचानक गायब हो गईं. कोई नई फिल्म नहीं, कोई इंटरव्यू नहीं, कोई पब्लिक अपीयरेंस नहीं। जैसे वो स्पॉटलाइट से उतरकर कहीं दूर चली गई हों.

कहां गायब हुई दोनों बहनें?

कई सालों तक लोग सोचते रहे कि बेबी ज़ीनत कहां गईं? क्या हुआ उनके साथ? लेकिन सच तो ये था कि वो फिरदौस दादी की बड़ी बहन थीं. फिरदौस दादी 1990 के दशक में मशहूर हुईं फिल्म 'तहलका' (1992) और कई टीवी सीरियल्स में नजर आई. फिरदौस को टीवी की लेडी सुपरस्टार कहा जाता था. आर.माधवन, इरफ़ान खान और गिरीश कनाड़ जैसे दिग्गजों के साथ काम किया. फिरदौस ने कई हिट टीवी शो किए 'आहट', 'सीआईडी', 'कहीं किसी रोज़', 'अस्तित्व एक पहचान' और 'डोंट वैरी चाचू'.

क्या धर्म बना इंडस्ट्री छोड़ने की वजह?

फिरदौस का करियर आसमान छू ही रहा था कि अचानक वह भी बिना कुछ कहे इंडस्ट्री से गायब हो गई. लोग अक्सर कन्फ्यूज हो जाते थे कि फिरदौस ही बेबी ज़ीनत हैं, लेकिन नहीं फिरदौस छोटी बहन थीं. ज़ीनत दादी आज भी फेसबुक पर एक्टिव और अपने पति और बेटे की तस्वीरें शेयर करती है. वह और फिरदौस अब लाइमलाइट से दूर शांत जीवन बिता रही है. हालांकि दोनों का इंडस्ट्री से जाना कुछ हद तक उनका मुस्लिम धर्म भी बताया जाता है. लेकिन ज़ीनत और फिरदौस ने कभी इस बात की पुष्टि नहीं की. दोनों बहनों का रिश्ता आज भी मजबूत है. सोशल मीडिया पर ज़ीनत अपनी बहन फिरदौस की तस्वीरें शेयर करती हैं, जो दिखाता है कि परिवार कितना क्लोज है.

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