स्पिरिट बॉक्स में सुशांत सिंह राजपूत से क्या हुई बातचीत, पैरानॉर्मल एक्सपर्ट सौरभ पूनिया ने शेयर किया एक्सपीरियंस, EXCLUSIVE
सुशांत सिंह राजपूत को लेकर पैरानॉर्मल एक्सपर्ट सौरभ पूनिया ने अपनी एक इन्वेस्टिगेशन का अनुभव शेयर किया है. उन्होंने बताया कि स्पिरिट बॉक्स के जरिए सुशांत से बातचीत के दौरान उन्हें किस तरह के जवाब सुनाई दिए.
सुशांत सिंह राजपूत की मौत को कई साल बीत चुके हैं, लेकिन उनसे जुड़ी यादें और सवाल आज भी लोगों के बीच चर्चा में रहते हैं. अब दिशा सालियान की मौत की जांच दोबारा सीबीआई के पास पहुंचने के बाद यह कड़ी एक बार फिर सुर्खियों में है. इसी बीच पैरानॉर्मल एक्सपर्ट सौरभ पूनिया ने ‘स्टेट मिरर’ के जीतेंद्र चौहान से बातचीत में सुशांत और दिशा से कथित तौर पर कनेक्शन को लेकर अपने एक्सपीरियंस शेयर किए हैं.
सौरभ ने बताया कि पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेशन के दौरान उन्हें कई बार सुशांत की मौजूदगी महसूस हुई. उन्होंने बताया कि जब उन्होंने सुशांत की स्पिरिट से बात की, तो उन्होंने रस्सी का जिक्र किया.
स्पिरिट बॉक्स में कैसे मिलते हैं जवाब?
सौरभ के मुताबिक, स्पिरिट बॉक्स से कभी-कभी अचानक कोई शब्द या आवाज सुनाई दे सकती है. उनका कहना है कि हर आवाज को वह किसी आत्मा का मैसेज नहीं मानते हैं. उनके अनुसार, जब किसी सवाल के जवाब में लगातार ऐसा वाक्य या जवाब मिले, जिसका सवाल से सीधा संबंध हो, तभी वे उसे जरूरी साइन मानते हैं.
क्यों बार-बार आता है सुशांत सिंह का नाम?
सौरभ पूनिया ने बताया कि जितना लोग सुशांत सिंह राजपूत को जानते हैं, उतना दिशा सालियान को नहीं. इसके बावजूद 6 साल बाद दिशा का केस वापस से जांच के घेरे में है. इसके आगे उन्होंने बताया कि अक्सर सुशांत की बहन भी कहती हैं कि उन्हें एक्टर की प्रेजेंस महसूस होती है, क्योंकि वह एक बहुत ही नेक इंसान थे.
सुशांत सिंह से बातचीत में क्या पता चला?
पैरानॉर्मल एक्टीविटिज के एक्सपर्ट ने बताया कि जब उनकी सुशांत सिंह से बातचीत हुई है, तो उन्होंने बताया है कि उन्हें रस्सी से मारा गया. हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि वाक्य पूरे नहीं थे. इतना ही नहीं, उन्होंने बताया कि जब वह उनकी नानी के घर गए थे, तब सुंशात से उनसे बात नहीं की थी.
दिशा की मौत के बाद फिर क्यों आया सुशांत का नाम?
दिशा सालियान की मौत जून 2020 में मुंबई में हुई थी. इसके कुछ ही दिनों बाद सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हो गई थी. दोनों घटनाओं के समय में अंतर कम होने के कारण इनके बीच संबंध को लेकर लंबे समय से तरह-तरह की चर्चाएं होती रही हैं. हालांकि, दोनों मौतों के बीच सीधा संबंध साबित करने वाला निष्कर्ष सामने नहीं आया है.
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