2004 कराची ब्लास्ट में कैसे बची थी Sonu Nigam की जान? पाकिस्तान ने ऐसे की थी मदद; फिर भी जारी रखा कॉन्सर्ट
साल 2004 में कराची में हुए बम धमाके के बीच सोनू निगम की जान बाल-बाल बची, लेकिन उन्होंने शो रद्द नहीं किया. यह घटना आज भी भारत-पाक रिश्तों और संगीत के जज्बे की मिसाल मानी जाती है.
सोनू निगम (Sonu Nigam) साल 2004 में पाकिस्तान के शहर कराची में एक म्यूजिक कॉन्सर्ट करने के लिए गए थे. वहां उनके कॉन्सर्ट के दौरान एक भयानक बम ब्लास्ट हो गया, जिसमें उनकी जान बाल-बाल बच गई. इस घटना के बारे में सोनू निगम पहले भी कई बार बता चुके हैं. हाल ही में उन्होंने एक रील रीशेयर की है, जो एक पुरानी डॉक्यूमेंट्री क्लिप की है. यह डॉक्यूमेंट्री ठीक उसी कराची ब्लास्ट की घटना पर आधारित है. रील को इंस्टाग्राम पर अर्सलान खान नाम के शख्स ने पोस्ट किया था. अर्सलान खान सोनू निगम के पाकिस्तान वाले कॉन्सर्ट की कई पुरानी रील्स और वीडियो नियमित रूप से शेयर करते रहते हैं.
10 अप्रैल 2004 को कराची में सोनू निगम का कॉन्सर्ट होने वाला था. ठीक उसी जगह के बहुत पास एक कार बम फट गया. इस विस्फोट में एक युवक की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गए. जो लोग कॉन्सर्ट देखने जा रहे थे, उनमें से भी कुछ लोग इस ब्लास्ट की चपेट में आ गए. रील में बताया गया है कि सोनू निगम उस समय बस में सवार थे. ब्लास्ट होने के बाद भी उन्होंने अपना शो रद्द नहीं किया और पाकिस्तानी दर्शकों के सामने परफॉर्मेंस दी.
ब्लास्ट के बाद क्या हुआ?
डॉक्यूमेंट्री की क्लिप में वॉइस ओवर के जरिए पूरी घटना के बारें में बताया गया है. ब्लास्ट होते ही सब जगह अफरा-तफरी मच गई. ऑर्गनाजर्स ने सोनू निगम को तुरंत एक बस में बिठाकर वहां से हटाया और पास ही स्थित मरीना होटल की पार्किंग में ले गए. होटल के स्टाफ को जब पता चला कि सोनू निगम वहां हैं, तो वे बहुत खुश हो गए. उन्होंने कहा, 'सोनू निगम आए हैं? उन्हें अंदर ले आओ. सोनू को होटल की लॉबी में बिठाया गया. वे उस समय काफी परेशान और घबराए हुए थे. सुरक्षा अधिकारियों ने दो ऑप्शन रखे थे या तो वापस होटल चले जाएं या इवेंट वेन्यू पर जाएं. ऑर्गनाइजर फुरकान भाई ने सुझाव दिया कि अगर होटल चले गए तो शो को रद्द करना पड़ेगा, क्योंकि दोबारा होटल से वेन्यू तक लाना मुश्किल हो जाएगा इसलिए तय किया गया कि इवेंट वेन्यू पर ही जाना है.
सोनू ने कॉन्सर्ट में क्या गाया?
इसके बाद सोनू निगम भारी सुरक्षा के बीच वेन्यू पहुंचे. उन्होंने स्टेज पर आकर पहले तो दर्शकों से कहा कि आज की शाम कोई जल्दी में तो नहीं है न? फिर उन्होंने एक बेहद पॉपुलर गाना गाया 'क्या बेबसी है ये, क्या हैं मजबूरियां… हम पास हैं फिर भी कितनी हैं दूरियां…' इस गाने पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं और सीटियां बजाईं. सोनू ने अपने कई सुपरहिट गाने भी गाए. दर्शक बहुत एक्साइटेड थे और उन्होंने भरपूर प्यार दिया.
बाल-बाल बचे सोनू निगम
रील में आगे बताया गया कि ब्लास्ट होने से ठीक पहले सोनू वाली बस उस जगह से गुजरी थी. बस के पीछे की तरफ ही बम फटा. सब लोग इधर-उधर भागने लगे. सोनू की बस ग्राउंड की तरफ चली गई. वहां पहुंचकर फुरकान भाई और उनकी टीम ने सुरक्षा कर्मियों को आवाज दी. सुरक्षा बल तुरंत पहुंचे और सोनू को घेरकर सुरक्षित जगह पर ले गए. एक अन्य क्लिप में ऑर्गनाइजर फुरकान ने बताया कि ब्लास्ट के बाद सोनू को बहुत भारी सुरक्षा व्यवस्था के साथ वेन्यू पर लाया गया. उनके साथ पाकिस्तानी रेंजर्स भी थे. शुरू में अरशद महमूद का ओपनिंग एक्ट था, जिसका समय बढ़ा दिया गया ताकि दर्शक शांत हो जाएं और कॉन्सर्ट जारी रखा जा सके. सोनू बैकस्टेज पर बैठकर परफॉर्मेंस सुनते रहे. काफी देर बाद वे स्टेज पर आए.
भारत-पाकिस्तान के रिश्तों पर सोनू के विचार
स्टेज पर पहुंचकर सोनू निगम ने इमोशनल होकर कहा, 'मैं कोशिश करूंगा कि आपको अच्छे से एंटरटेन कर सकूं. आज की इस शाम में मैं ये कहकर शुरुआत करना चाहता हूं कि भारत और पाकिस्तान के लोग बहुत बदकिस्मत रहे हैं. हम एक-दूसरे को इतना प्यार करते हैं, लेकिन सालों से इसे मिस कर रहे हैं. चाहे भारत में हों या पाकिस्तान में आइए, दुआ करें कि हमारा ये प्यार हमेशा बढ़ता रहे.'
हनुमान चालीसा का चमत्कार मानते हैं सोनू
सोनू निगम पहले भी इस घटना का जिक्र कर चुके हैं. उन्होंने बताया था कि उनकी बस के ठीक बगल वाली गाड़ी के परखच्चे उड़ गए थे. उन्होंने ये भी कहा कि जिस बम का रिमोट दबाया गया, वो काम नहीं किया, जिसकी वजह से वे और उनका पूरा परिवार बच गया. सोनू इस घटना को हनुमान जी की कृपा मानते हैं. वे हर शो से पहले हनुमान चालीसा पढ़कर जाते हैं. कराची वाले शो से पहले भी उन्होंने चालीसा पढ़ी थी. इस घटना के बाद उनकी हनुमान जी में आस्था और भी मजबूत हो गई. यह घटना सोनू निगम के जीवन की एक यादगार और डरावनी कहानी है, जिसमें मौत से सामना हुआ, लेकिन प्यार और सुरक्षा ने उन्हें बचाया.




