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रणवीर सिंह पर बैन लगाने वाला FWICE कितना ताकतवर, किसके हाथ में इसकी कमान, पहले किस-किस पर लगा चुका रोक

'डॉन 3' से आखिरी समय में अलग होने के बाद रणवीर सिंह और एक्सेल एंटरटेनमेंट के बीच विवाद गहरा गया है। FWICE ने अब एक्टर के खिलाफ असहयोग आदेश जारी कर इंडस्ट्री में हलचल बढ़ा दी है.

रणवीर सिंह पर बैन लगाने वाला FWICE कितना ताकतवर, किसके हाथ में इसकी कमान, पहले किस-किस पर लगा चुका रोक
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रूपाली राय
By: रूपाली राय6 Mins Read

Updated on: 26 May 2026 2:43 PM IST

बॉलीवुड में एक बार फिर बड़ा विवाद छिड़ गया है. फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयीज़ (FWICE) ने सुपरस्टार रणवीर सिंह (Ranveer Singh) पर असहयोग का आदेश जारी कर दिया है. मतलब अब रणवीर सिंह के साथ बॉलीवुड के टेक्नीशियन, स्टाफ, स्पॉट बॉय और दूसरे वर्कर्स काम नहीं करेंगे. यह फैसला सिर्फ फिल्मों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि विज्ञापनों और दूसरे प्रोजेक्ट्स पर भी लागू होगा. बड़ी बात यह है कि ऐसे कुल 34 फेडरेशन हैं जिन्हें FWICE मैनेज करता है. इस फेडरेशन को मदर बॉडी भी कहा जाता है क्योंकि इसमें लगभग 4 से 5 लाख लोग जुड़े है. इसे एक ताकतवार फेडरेशन माना जाता है. जिसमें डायरेक्टर-प्रोड्यूसर, एक्टर्स, जूनियर्स आर्टिस्ट एसोसिएशन जुड़े है.

FWICE क्या है?

FWICE का पूरा नाम Federation of Western India Cine Employees है. हिंदी में इसे पश्चिमी भारत सिने कर्मचारी महासंघ कहते हैं. यह मुंबई की सबसे बड़ी फिल्म वर्कर्स यूनियन है, जो 1956 से काम कर रही है. लेकिन यह 1958 में रजिस्टर्ड हुई. रजिस्टर्ड होने के बाद यह एसोसिएशन सबसे बड़ी बनकर उभरी. यह फेडरेशन फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के सभी छोटे-बड़े कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए लड़ता है. इसमें किसी भी तरह का राजनीति, धर्म या जाति का भेदभाव नहीं होता. यह यूनियन वर्कर्स के हक के लिए लड़ती है. जैसे सही सैलरी, काम के घंटे, ओवरटाइम पेमेंट, सुरक्षा और अच्छी काम करने की परिस्थितियां. अगर कोई प्रोडक्शन हाउस वर्कर्स का शोषण करता है, पैसे नहीं देता या गलत व्यवहार करता है, तो FWICE तुरंत एक्शन लेता है. कोविड के समय सलमान खान ने इस संगठन को 12 करोड़ रुपये की मदद भी दी थी. FWICE को बड़े-बड़े सेलेब्स अपना समर्थन देते है. 90 प्रतिशत लोग FWICE के अलग-अलग फेडरेशन से जुड़ें है. इसकी ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अगर एसोसिएशन अपने मेंबर्स को काम करने से रोक दें तो अगले दिन से कई फिल्मों की शूटिंग ठप पड़ सकती है.

पूरा विवाद क्या है?

दिसंबर 2025 में रणवीर सिंह ने अचानक 'डॉन 3' फिल्म से अपना नाम वापस ले लिया. उन्होंने करीब दो साल पहले इस फिल्म में काम करने के लिए कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था. शूटिंग शुरू होने से सिर्फ तीन हफ्ते पहले उन्होंने यह फैसला लिया. रणवीर ने अपनी वजह बताते हुए कहा कि फिल्म की स्क्रिप्ट में काफी बदलाव हो गए हैं, इसलिए वे अब यह फिल्म नहीं करना चाहते. यह फैसला उनकी फिल्म 'धुरंधर' की जबरदस्त सफलता के कुछ दिन बाद आया. 'धुरंधर' ने दुनिया भर में 3000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की थी. लेकिन फरहान अख्तर और उनकी कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट को भारी नुकसान हुआ. फरहान और रितेश सिधवानी का कहना है कि रणवीर के कारण उन्होंने प्री-प्रोडक्शन में बहुत सारा पैसा खर्च कर दिया था. लोकेशन बुकिंग, होटल बुकिंग, विदेश यात्रा की तैयारी, 200 से ज्यादा स्टाफ की व्यवस्था सब कुछ हो चुका था. जहां पहले नुकसान सिर्फ 40 करोड़ का था, अब कुल नुकसान 45 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. एक्सेल एंटरटेनमेंट ने रणवीर सिंह से इस पैसे की भरपाई मांगी. उन्हें दो विकल्प दिए गए या तो फिल्म कर लें या 40-45 करोड़ रुपये खुद की जेब से दे दें. लेकिन रणवीर दोनों ही बातों के लिए तैयार नहीं हुए. कई बार बीच-बचाव और सुलह की कोशिशें हुईं, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. आखिरकार FWICE को मैदान में उतरना पड़ा.

FWICE का सख्त फैसला

FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित और महासचिव अशोक दुबे ने साफ कहा कि अब रणवीर सिंह के साथ कोई भी वर्किंग एम्प्लॉयी काम नहीं करेगा. अशोक पंडित ने कहा, 'यह कोई व्यक्तिगत मामला नहीं है. हम रणवीर सिंह की स्टारडम का पूरा सम्मान करते हैं. उन्होंने 'धुरंधर' जैसी फिल्म से दर्शकों को सिनेमाघरों में वापस लाया है. लेकिन इंडस्ट्री से अलग-थलग रहकर कोई काम नहीं चल सकता.' उन्होंने आगे कहा कि अगर भविष्य में कोई प्रोड्यूसर आखिरी समय में किसी डायरेक्टर या टेक्नीशियन को हटाता है, तो FWICE उसी तरह सख्ती से काम लेगा. संगठन का मकसद निर्माताओं और वर्कर्स के बीच बैलेंस बनाए रखना है.

पहले भी कई सितारों पर लगा है बैन

FWICE पहले भी कई बार ऐसे फैसले ले चुका है. पहलगाम हमले के बाद इसने पाकिस्तानी कलाकारों पर बैन लगाया था. फहवाद खान, माहिरा खान, हानिया आमिर जैसे कई पाकिस्तानी स्टार्स पर भारत में काम करने और फिल्में रिलीज करने पर रोक लगाई गई. भारतीय कलाकारों में दिलजीत दोसांझ पर भी FWICE ने असहयोग का आदेश जारी किया था. पहलगाम जैसी आंतकी घटना होने के बावजूद दिलजीत पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर के साथ पंजाबी फिल्म 'सरदार जी 3' की शूटिंग की और प्रोमोशन भी किया. इसके बाद FWICE ने 5 लाख सदस्यों को निर्देश दिया कि वे दिलजीत के साथ काम न करें. बाद में टी-सीरीज के भूषण कुमार के अनुरोध पर उन्हें 'बॉर्डर 2' की शूटिंग पूरी करने की इजाजत मिली, लेकिन असहयोग का आदेश जारी था और आगे भी जारी रहेगा. इसी तरह सिंगर मीका सिंह को 2019 में उरी हमले के बाद पाकिस्तान में एक शादी में परफॉर्म करने के लिए कुछ समय के लिए बैन किया गया था. बाद में मीका केकई बार माफी मांगने पर बैन हटा लिया गया.

अब रणवीर के फैंस परेशान

रणवीर सिंह पर बैन लगने के बाद उनके लाखों फैंस चिंतित हैं. उनकी आने वाली फिल्म 'प्रलय', 'बैजू बावरा' और दूसरे प्रोजेक्ट्स पर क्या असर पड़ेगा, यह अभी साफ नहीं है. तो अब सवाल यह भी कि जब दिलजीत पर असहयोग का आदेश लागू होने के बाद भी उन्होंने अपने दो प्रोजेक्ट्स हर सूरत में पूरे किए. 'बॉर्डर 2' हिट होने से पहले और बाद में भी दिलजीत को इंडस्ट्री से सरहाना मिली. तो क्या रणवीर भी दिलजीत की तरह अपने आने वाले प्रोजेक्ट्स को कितना पूरा कर पाएंगे?.

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