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मैं एक इंसान हूं! Preity Zinta को पसंद नहीं हर समय पैपराजी की मौजदगी, कहा- उन्हें लिमिट्स तय करनी होगी

प्रीति ज़िंटा ने सोशल मीडिया AMA में बताया कि उन्होंने कुछ त्याग नहीं किया बल्कि जीवन में संतुलन बनाना सीखा है. उन्होंने पैपराज़ी के व्यवहार और बच्चों की तस्वीरें लेने पर सख्त नाराज़गी जताई.

मैं एक इंसान हूं! Preity Zinta को पसंद नहीं हर समय पैपराजी की मौजदगी, कहा- उन्हें लिमिट्स तय करनी होगी
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( Image Source:  ANI )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय5 Mins Read

Published on: 28 April 2026 9:14 AM

प्रीति ज़िंटा (Preity Zinta) ने हाल ही में एक्स हैंडल पर एक अनोखा और अचानक AMA (Ask Me Anythink) सेशन शुरू किया. इस सेशन में उन्होंने अपने फैंस के बहुत सारे सवालों के जवाब दिए. चाहे बात उनकी आने वाली फिल्मों की हो, उनकी आईपीएल टीम पंजाब किंग्स की हो, या फिर उनका निजी जीवन हो – प्रीति ने सब पर खुलकर बात की. एक फैन ने उनसे एक बहुत ही गहरा सवाल पूछा. उन्होंने पूछा कि 'शोहरत, निजता और मन की शांति – इन तीनों में से आपको सबसे ज्यादा क्या त्याग करना पड़ा है?. इस सवाल का जवाब देते हुए प्रीति ज़िंटा ने एक लंबा और दिल से लिखा हुआ नोट शेयर किया.

प्रीति ने साफ-साफ बताया, 'वास्तव में मैंने कुछ भी त्याग नहीं किया है. मैंने चीजों को जैसे हैं, वैसे ही स्वीकार करना सीख लिया है और अपनी अपेक्षाओं को भी संभालना सीख गई हूं. अब मेरे लिए जीवन एक बड़ा बैलेंस्ड बनाने का खेल बन गया है. मैं खुद को बहुत निजी स्वभाव की इंसान मानती हूं. मुझे अपने फैंस से बात करना बहुत अच्छा लगता है और जब वे तस्वीरें मांगते हैं तो मैं उन्हें निराश नहीं करना चाहती. लेकिन साथ ही साथ, लोगों और मीडिया के साथ अपनी कुछ लिमिट्स तय करना भी मेरे लिए बहुत जरूरी है.'

बच्चो की तस्वीर लेना पसंद नहीं

उन्होंने आगे लिखा, 'मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लगता जब लोग या मीडिया वाले मेरे बच्चों की तस्वीरें लेने की कोशिश करते हैं. यह मेरे लिए पूरी तरह अस्वीकार्य है. मुझे यह भी पसंद नहीं है कि बिना पूछे मेरी तस्वीरें खींच ली जाएं. दरअसल, जब भी कोई मुझसे विनम्रता से पूछता है, तो मैं लगभग हमेशा ‘हां’ कह देती हूं. सिर्फ दो ही मामलों में मैं मना कर देती हूं- एक तो जब मुझे फ्लाइट पकड़ने की बहुत जल्दी होती है, और दूसरा जब मैं किसी मंदिर में होती हूं.'

पैपराज़ी लगातार पीछा करना

प्रीति ने अपनी बात को और साफ करते हुए कहा, 'मुझे पैपराज़ी द्वारा लगातार पीछा किए जाने या अचानक से मुझे घेर लेने वाली स्थिति बिल्कुल पसंद नहीं है. कई बार तो यह डरावना भी लगता है. मुझे पता है कि आजकल के कई एक्टर खुद पैपराज़ी को बुलाकर अपनी तस्वीरें खिंचवाते हैं क्योंकि उन्हें लगातार सुर्खियों में बने रहना होता है. लेकिन मैं खुद ऐसा नहीं करती. इसलिए जब वे मेरे पीछे पड़े रहते हैं तो यह थोड़ा परेशान करने वाला लगता है.'

हद से ज्यादा हो जाता है

एक्ट्रेस ने कहा, 'मुझे इवेंट्स में पैपराज़ी का होना कोई समस्या नहीं है, क्योंकि वह उनका काम है. लेकिन जब वे मेरे जिम के बाहर आकर खड़े हो जाते हैं या मेरी बिल्डिंग के आसपास छिपकर तस्वीरें लेने की कोशिश करते हैं, तो यह मेरे लिए हद से ज्यादा हो जाता है. आखिरकार मैं भी एक इंसान हूं. मुझे भी शांति से रहने का, आराम करने का और अपने एकांत का समय चाहिए.'

'लाहौर 1947' से होगा कमबैक

उन्होंने अपनी बात को खत्म करते हुए लिखा, 'इन सब बातों के बावजूद मैं अपने करियर के हर अवसर और लोगों के प्यार के लिए बहुत-बहुत आभारी हूं. मैं शिकायत नहीं कर रही हूं, बस अपने मन की सच्ची बातें आपके साथ शेयर कर रही हूं. मुझे भी जमीन से जुड़े रहना है, क्योंकि मैं भी आखिरकार एक आम इंसान हूं.' काम की बात करें तो प्रीति ज़िंटा अब बड़े पर्दे पर जोरदार वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. उनकी आखिरी फिल्म 'भैयाजी सुपरहिट' साल 2018 में रिलीज हुई थी. अब वह सनी देओल, शबाना आज़मी, करण देओल, अली फ़ज़ल और अभिमन्यु सिंह के साथ फिल्म 'लाहौर 1947' में बतौर लीड रोल में नजर आएंगी.'

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