प्रेग्नेंट Hema Malini के साथ सास सतवंत कौर ने किया था ऐसा व्यवहार, रहना पड़ा था भूतिए बंगले में
नवंबर 2025 में 89 साल की उम्र में धर्मेंद्र के निधन ने पूरे देश को गमगीन कर दिया. उनके जाने के बाद पहली पत्नी प्रकाश कौर द्वारा आयोजित प्रार्थना सभा में हेमा मालिनी और उनकी बेटियों की गैरमौजूदगी ने परिवारिक अनबन की अटकलों को जन्म दिया. हालांकि हेमा मालिनी ने साफ किया कि कोई विवाद नहीं है और उन्होंने अलग तरीके से श्रद्धांजलि दी.
Hema Malini: Beyond the Dream Girl: नवंबर 2025 में, जब बॉलीवुड के दिग्गज धर्मेंद्र (Dharmendra) का 89 साल की उम्र में निधन हुआ, तो लाखों फैंस का दिल टूट गया. लोग रोए, दुखी हुए और सोचा कि हिंदी सिनेमा का एक सुनहरा युग हमेशा के लिए खत्म हो गया. धर्मेंद्र सिर्फ पर्दे पर ही नहीं असल में भी बेहद जिंदादिल इंसान रहे. उनका जाना सचमुच एक बड़े जीवन के अंत जैसा लगा. लेकिन उनके जाने के बाद परिवार में जो कुछ हुआ, उसने लोगों की चर्चा को एक नए मोड़ पर ला दिया. सब बात करने लगे उनके दो परिवारों के बीच के रिश्तों के बारे में.
धर्मेंद्र के निधन के ठीक बाद, 24 नवंबर 2025 को उनकी पहली पत्नी प्रकाश कौर ने मुंबई में अपने बेटों सनी देओल और बॉबी देओल के साथ, और बेटियों विजेता तथा अजीता के साथ मिलकर एक प्रार्थना सभा आयोजित की. इस कार्यक्रम में दूसरी पत्नी हेमा मालिनी और उनकी बेटियां ईशा देओल तथा अहाना देओल नहीं आईं. इससे तुरंत तरह-तरह की बातें होने लगीं. लोग अटकलें लगाने लगे कि शायद परिवार में कुछ अनबन है.
कोई अनबन नहीं
हेमा मालिनी ने इसके बजाय अपने तरीके से श्रद्धांजलि दी. उन्होंने अपने घर पर एक छोटी पूजा की और नई दिल्ली में एक अलग समारोह आयोजित किया. बाद में उन्होंने बताया कि ये सब बहुत निजी और सम्मानजनक तरीके से किया गया था. कुछ लोगों ने तो यहां तक कहा कि पहले परिवार ने हेमा को अलग रखा, जिससे उन्हें बहुत दुख पहुंचा होगा. लेकिन हेमा ने स्पष्ट किया कि ये परिवार का निजी मामला है और कोई झगड़ा नहीं है.
भाई के घर हुआ था अयंगर विवाह
प्रार्थना सभाओं को लेकर ये सारी चर्चाएं तो बाद की बात हैं. उससे बहुत पहले धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की शादी खुद में बहुत खास और अलग थी. दोनों को प्यार फिल्म 'तुम हसीन मैं जवान' के सेट पर हुआ था. उस समय धर्मेंद्र पहले से प्रकाश कौर जी से शादीशुदा थे और उनके बच्चे भी बड़े हो चुके थे. कानूनी रूप से तलाक मुमकिन नहीं था, इसलिए उन्होंने एक अलग रास्ता चुना. साल 1980 में उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाकर निकाह किया. फिर हेमा जी की तमिल जड़ों का सम्मान करते हुए एक पारंपरिक अयंगर विवाह भी किया. ये शादी बहुत चुपचाप हेमा के भाई के घर पर हुई थी.
मिलने आते थे सास-ससुर
लेकिन हेमा के लिए खास बात यह रही कि जहां उनकी सौतन उन्हें अपना न सकी वहीं सास-ससुर ने छुप-छुप के प्यार दिया. हेमा मालिनी हमेशा धर्मेंद्र के माता-पिता के बारे में बहुत प्यार से बात करती हैं. अपनी किताब 'हेमा मालिनी: बियॉन्ड द ड्रीम गर्ल' में उन्होंने कई प्यारी यादें शेयर की हैं. उन्होंने लिखा कि धर्मेंद्र जी के पिता चाय पीने उनके घर आते थे और घी-लस्सी को लेकर मजाक करते थे. उनकी मां सतवंत कौर बहुत प्यार करने वाली थी. एक बार जब हेमा प्रेग्नेंट थीं, तो सास सतवंत कौर ने उन्हें गले लगाकर आशीर्वाद दिया.
डबिंग स्टूडियो में मिलने आईं थी सास
हेमा को याद है कि एक दिन जुहू के डबिंग स्टूडियो में सतवंत कौर उनसे मिलने आईं. किसी को घर पर बताया तक नहीं. हेमा ने उनके पैर छुए, तो उन्होंने गले लगाया और कहा, 'बेटा, हमेशा खुश रहो.' हेमा जी को बहुत अच्छा लगा कि वे उनसे खुश हैं. धर्मेंद्र ने अपनी पहली शादी प्रकाश कौर से साल 1954 में की थी, जब वे सिर्फ 19 साल के थे. उनसे चार बच्चे हैं- बेटे सनी देओल और बॉबी देओल, जो दोनों बड़े स्टार हैं, और बेटियां विजेता तथा अजीता. हेमा मालिनी से उनके दो बेटियां हैं- ईशा देओल और अहाना देओल. धर्मेंद्र का परिवार बड़ा और अनोखा था. उनके जाने से न सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री को दुख हुआ, बल्कि उनके निजी जीवन की कहानियां भी फिर से लोगों की जुबान पर आ गईं. वे हमेशा सबके दिलों में जिंदा रहेंगे.
रहना पड़ा भूतिया बंगले में
हेमा मालिनी ने अपनी किताब में राज कपूर के साथ अपनी पहली हिंदी फिल्म ‘सपनों का सौदागर’ के दिनों को याद किया. उस समय वह मुंबई के बांद्रा में एक छोटे से फ्लैट में रहती थीं. उस फ्लैट को ज्यादातर कॉस्ट्यूम डिजाइनर भानु अथैया फिटिंग के लिए इस्तेमाल करती थी. बाद में वह एक बंगले में रहने चली गईं, लेकिन वहां उनका अनुभव बहुत बुरा रहा. वह लिखती हैं, 'हर रात मुझे लगता था कि कोई मेरा गला दबा रहा है. सांस लेने में बहुत तकलीफ होती थी. मैं अपनी मां के साथ सोती थी और मां ने खुद देखा कि मैं कितनी बेचैन रहती थी. अगर यह एक-दो बार ही हुआ होता तो हम इसे इग्नोर कर देते, लेकिन यह हर रात होता था.' इन परेशान करने वाली घटनाओं से तंग आकर हेमा ने फैसला किया कि अब मुंबई में अपना खुद का और आरामदायक घर लेना चाहिए. इसी वजह से उन्होंने अपना पहला अपार्टमेंट खरीदा. पुराने दिनों को याद करते हुए उन्होंने धर्मेंद्र के बारे में कहा, 'मुझे याद है धर्म जी मेरे घर कॉफी पीने आया करते थे, लेकिन उस समय मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि मुझे उनसे प्यार हो जाएगा और मैं उनसे शादी कर लूंगी.' 1972 में 'सीता और गीता' फिल्म की शूटिंग के दौरान हेमा ने अपना पहला बंगला खरीदा.





