मैं अच्छा पति नहीं था! Piyush Mishra ने कबूली बेवफाई, पत्नी के लिए नहीं थी कोई फीलिंग
एक्टर और सिंगर पीयूष मिश्रा ने अपने इंटरव्यू में स्वीकार किया कि वे लंबे समय तक अच्छे पति नहीं थे और उन्होंने रिश्ते में गलतियां कीं. विपश्यना मेडिटेशन और पत्नी प्रिया के अटूट साथ ने उनकी जिंदगी और सोच को पूरी तरह बदल दिया.
एक्टर, सिंगर और म्यूजिशियन पीयूष मिश्रा (Piyush Mishra) ने अपनी ऑटोबयोग्राफी 'तुम्हारी औकात क्या है, पीयूष मिश्रा' में अपने जीवन के कई निजी और कठिन पहलुओं को पूरी बेबाकी से लिखा है. अब उन्होंने एक शुभंकर मिश्रा के साथ इंटरव्यू में अपनी पत्नी के साथ के रिश्ते, पति की भूमिका और अपने व्यक्तिगत बदलाव के बारे में खुलकर बात की. पीयूष मिश्रा का कहना है कि अब वे एक अच्छे पति बन गए हैं, लेकिन पहले वे बिल्कुल अच्छे पति नहीं थे. उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआती दिनों में वे किसी भी तरह की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं थे.
वे कहते हैं, 'जब कोई व्यक्ति 20 साल की उम्र में प्यार में पड़ता है, तो उस वक्त दिमाग में कोई तर्क या सोच नहीं चलती. बस प्यार होता है और यही उसकी सबसे बड़ी खूबसूरती है. लेकिन जब आप 35 साल या उससे ज्यादा उम्र के हो जाते हैं, तो प्यार की परिभाषा बदल जाती है. तब आप उस इंसान से प्यार करते हैं जो आपके साथ बूढ़ा होने को तैयार हो. मेरी पत्नी प्रिया ने मेरे साथ बूढ़ा होने का फैसला लिया और मुझे स्वीकार किया.'
कितने साल लगे पत्नी को स्वीकार करने में?
पीयूष ने ईमानदारी से बताया कि उन्हें यह एहसास होने में पूरे 10 से 15 साल लग गए कि प्रिया उनकी असली पत्नी है. उन्होंने कहा, 'बहुत देर से मुझे समझ आया कि मैं अब एक पति बन चुका हूं. शुरू के कई सालों तक मेरे मन में उसके लिए सिर्फ यही भावना थी कि वह मेरे बच्चों को पाल रही है, मेरे लिए खाना बना रही है और घर संभाल रही है. उसके अलावा मेरे दिल में उसके लिए कोई गहरी भावना नहीं थी. मैं बहुत रूखा और सख्त स्वभाव का इंसान था न सिर्फ प्रिया के साथ, बल्कि हर किसी के साथ मेरा बर्ताव ठंडा और बिना भावनाओं वाला था. मुझे दूसरों की खुशी या दुख कुछ भी महसूस नहीं होता था.'
'विपश्यना' मेडिडेशन की प्रैक्टिस
लेकिन पिछले 15 सालों से वे 'विपश्यना' मेडिडेशन की रेगुलर प्रैक्टिस कर रहे हैं. इस ध्यान साधना ने उनके अंदर बहुत बड़ा बदलाव लाया. वे कहते हैं, 'विपश्यना के बाद मुझे धीरे-धीरे एहसास होने लगा कि दूसरा व्यक्ति भी दर्द सहता है, उसे भी तकलीफ होती है और उसे सहानुभूति का हक है. पहले मैं बहुत अकेला और असामाजिक इंसान था. अगर मेरे पास काम नहीं होता तो शायद मैं पूरी तरह से दुनिया से कट जाता. काम ने मुझे बचाया और विपश्यना ने मुझे इंसान बनाया.'
पत्नी प्रिया ने मुश्किलों के बावजूद क्यों साथ दिया?
जब उनसे पूछा गया कि उनकी पत्नी ने बेवफाई जैसे गंभीर मुद्दों के बावजूद उनके साथ रहने का फैसला क्यों लिया, तो पीयूष ने इमोशनल होकर जवाब दिया. उन्होंने कहा कि प्रिया उनसे सच्चा प्यार करती थी. वह उनके लिए घर छोड़कर आई थी और अपने माता-पिता की मर्जी के खिलाफ शादी की थी. उसने बहुत बड़ा त्याग किया था. प्रिया ने एक बार उनसे साफ कहा था, 'चाहे तुम कुछ भी कर लो, मैं तुम्हें तलाक नहीं दूंगी. मैं तुम्हें कभी नहीं छोड़ूंगी.' पीयूष आज उसकी इस अटूट कमिटमेंट को फीलिंग के साथ याद करते हैं. वे कहते हैं, 'यह उनकी महानता ही थी कि वे मेरे साथ टिकी रहीं. आज मैं इसे समझता हूं. मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं.'
बेवफाई की गलती और उससे उबरना
पीयूष मिश्रा ने अपनी गलतियों को भी पूरी ईमानदारी से स्वीकार किया. उन्होंने बताया कि जब उन्हें अपनी गलतियों का एहसास हुआ, तो एक दिन उन्होंने प्रिया को बैठाकर सब कुछ खुलकर बता दिया. दोनों रोए, एक-दूसरे को गले लगाया और दिल हल्का कर लिया. प्रिया ने कहा, 'तुमने गलतियां कीं, मैंने भी कीं. तुमने ज्यादा कीं, मैंने कम कीं. अब इन सब बातों को यहीं खत्म करते हैं.' इस खुली बातचीत के बाद दोनों के बीच का रिश्ता और भी मजबूत हो गया. पीयूष ने यह भी कहा कि अगर परिस्थितियां उलट होतीं और प्रिया ने कोई गलती की होती, तो वे भी उसे माफ कर देते. वे मानते हैं कि शादी में दोनों तरफ से गलतियां हो सकती हैं.
सबसे कठिन सच्चाई जो सब बदल गई
दोनों को पूरी तरह से ईमानदार होने और सब कुछ खोलकर रखने में कई साल लग गए. पीयूष बताते हैं, 'हम दोनों की जिंदगी को बेहतर बनाना था. यह सिर्फ मेरी समस्या नहीं थी. प्रिया भी अपने संघर्ष से गुजर रही थी. हम दोनों मानसिक रूप से बहुत परेशान थे. बहुत सी बातें हम एक-दूसरे को बताना चाहते थे, लेकिन डर लगता था कि दूसरा व्यक्ति कैसे रिएक्ट करेगा.' आखिरकार 5-6 साल की लड़ाई के बाद एक दिन उन्होंने फैसला किया कि अब सब कुछ खोलकर रखेंगे. शुरू में दोनों को झटका लगा, लेकिन उसके बाद उनकी जिंदगी बहुत हल्की और बेहतर हो गई. अब छिपाने को कुछ नहीं बचा था, इसलिए वे आगे बढ़ सके. पीयूष मिश्रा ने 1995 में दिल्ली में आर्किटेक्ट प्रिया नारायणन से शादी की थी. इस दंपति के दो बेटे हैं जोश और जय.




