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Kriti Sanon : स्टार किड को ज्यादा मौके मिले, बजट इशू होने पर कम की गई फीस; बॉलीवुड में मेल एक्टर्स को मिलती है ज्यादा तवज्जो

कृति सैनन ने हालिया इंटरव्यू में बॉलीवुड के अंदर मौजूद नेपोटिज्म, फीमेल एक्टर्स के साथ फीस भेदभाव और आउटसाइडर होने के संघर्ष पर खुलकर बात की.

Kriti Sanon : स्टार किड को ज्यादा मौके मिले, बजट इशू होने पर कम की गई फीस; बॉलीवुड में मेल एक्टर्स को मिलती है ज्यादा तवज्जो
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( Image Source:  Instagram: kritisanon )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय4 Mins Read

Published on: 10 May 2026 4:33 PM

कृति सैनन पिछले दस साल से फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव हैं. इस दौरान उन्होंने अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाई हैं और अपनी मेहनत से दर्शकों का दिल जीता है. साल 2021 में आई फिल्म 'मिमी' में शानदार एक्टिंग के लिए उन्हें नेशनल अवार्ड भी मिला. लेकिन पिछले कुछ सालों में उन्हें वैसी बड़ी सफलता नहीं मिल पाई है. उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक नहीं चलीं. हाल ही में कृति ने जीक्यू मैगजीन को एक लंबा इंटरव्यू दिया. इसमें उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने बताया कि फिल्मी दुनिया में आउटसाइडर होने की क्या चुनौतियां हैं और बॉलीवुड में आज भी कितना पितृसत्तात्मक (पुरुष प्रधान) सोच-विचार मौजूद है.

कृति के मुताबिक, 'मिमी' उनकी जिंदगी की सबसे अहम फिल्म साबित हुई. उन्होंने कहा, 'मिमी मेरी सबसे बड़ी अचीवमेंट थी. यह पहली फिल्म थी जिसमें मैंने पूरी जिम्मेदारी खुद ली थी. उस समय कोविड-19 महामारी चल रही थी. फिल्म पहले सिनेमाघरों में रिलीज होनी थी, लेकिन बाद में ओटीटी पर आई. फिर भी लोगों ने इसे बहुत प्यार दिया. नेशनल अवार्ड मिलना मेरे करियर का सबसे शानदार पल था.'

मिमी से पहले कृति निराशा के दौर से गुजर रही थी. उन्होंने बताया, 'मैं बहुत कुछ करना चाहती थी. मुझे पता था कि मुझमें और भी ज्यादा करने की क्षमता है, लेकिन सही अवसर नहीं मिल रहे थे. कुछ रोल मैं बहुत करीब तक पहुंच गई थी, लेकिन आखिर में वे स्टार किड्स को दे दिए गए. जब आप फिल्मी घराने से नहीं आते, तो आपको बहुत अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है.' कृति ने साफ कहा कि उन्हें कुछ भी आसानी से नहीं मिला. हर काम, हर रोल उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और जोखिम उठाकर हासिल किया है.

इंटरव्यू में कृति ने बॉलीवुड के पितृसत्तात्मक रवैये पर भी तीखी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि पैसे के मामले में महिलाओं के साथ भेदभाव होता है. 'जब बजट कम करना होता है तो सबसे पहले लीड एक्ट्रेस की फीस घटा दी जाती है, जबकि मेल एक्टर्स को बड़ा हिस्सा दिया जाता है. यह सोच आज भी गहरी जड़ें जमाए हुए है.' कृति ने छोटी-छोटी बातों का भी जिक्र किया जो रोजमर्रा में होता है. सेट पर अक्सर देखा जाता है कि एक्ट्रेस पहले तैयार है या नहीं, ताकि मेल एक्टर को इंतजार न करना पड़े. यह अनजाने में होता है, लेकिन इसे बदलना बहुत जरूरी है.'

उन्होंने अपनी शुरुआती दिनों की एक घटना भी शेयर की. एक मेल को-एक्टर, जो मुझसे सीनियर भी नहीं था, उसे बेहतर कार मिल गई. बात कार की नहीं थी, बल्कि बराबरी और सम्मान की थी.' कृति ने कहा कि करियर की शुरुआत में हर बात खुलकर कहना मुश्किल होता था, लेकिन अब वे अपने हक के लिए आवाज उठाती हैं. अच्छी बात यह है कि आजकल ज्यादातर नए निर्माता और निर्देशक प्रगतिशील सोच रखते हैं, लेकिन पुरानी सोच अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है.

काम की बात करें तो कृति सैनन अब दर्शकों के सामने 'कॉकटेल 2' में नजर आएंगी. होमी अदजानिया द्वारा निर्देशित इस फिल्म में रश्मिका मंदाना और शाहिद कपूर भी लीड रोल में हैं. यह फिल्म 19 जून 2026 को रिलीज होने वाली है. कृति सैनन की कहानी मेहनत, संघर्ष और हिम्मत की मिसाल है. बिना किसी बड़े फिल्मी बैकग्राउंड के उन्होंने अपनी काबिलियत से जगह बनाई है और अब भी लगातार बेहतर काम करने की कोशिश कर रही हैं. दर्शक उम्मीद करते हैं कि उनकी आने वाली फिल्में उन्हें फिर से पुरानी सफलता दिलाएंगी.

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