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सैफ को नहीं मुझे मिलना चाहिए था.... Swadesh के लिए नेशनल अवार्ड न जीतने पर निराश हुए थे Shahrukh Khan

शाहरुख ने कई बार कहा है कि ऐसी फिल्मों के असफल होने के बाद उन्हें अपने फिल्मी चुनावों पर दोबारा सोचना पड़ा. यही वजह थी कि बाद में उन्होंने ज़्यादा कमर्शियल और मसाला फिल्मों को चुना.

सैफ को नहीं मुझे मिलना चाहिए था.... Swadesh के लिए नेशनल अवार्ड न जीतने पर निराश हुए थे Shahrukh Khan
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( Image Source:  IMDB )

शाहरुख खान ने आखिरकार वो मुकाम हासिल कर लिया, जिसकी उन्हें और उनके फैन्स को 33 साल से उम्मीद थी. उन्हें फिल्म 'जवान' के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल फिल्म अवार्ड मिला है. शाहरुख के लंबे करियर में कई ऐसे मौके आए जब उन्होंने बेहतरीन एक्टिंग किया, लेकिन उन्हें नेशनल अवार्ड नहीं मिल. सबसे बड़ा उदाहरण फिल्म ‘स्वदेस’ (2004) है. इस फिल्म में उन्होंने एक एनआरआई वैज्ञानिक का किरदार निभाया था जो अपनी जड़ों की तलाश में भारत लौटता है.

क्रिटिक्स और फैंस दोनों ने माना कि यह उनके करियर का सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस था. लेकिन उस साल नेशनल अवार्ड सैफ अली खान को 'हम तुम' के लिए दे दिया गया. यह फैसला कई लोगों को आज भी चौंकाता है. कुछ साल पहले एक वीडियो सामने आया था जिसमें शाहरुख एक मंच पर निर्देशक कुणाल कोहली और एंकर मंदिरा बेदी के साथ बैठे थे. जब उनसे पूछा गया कि उन्हें कौन सी फिल्में पसंद हैं, तो उन्होंने मस्ती में कहा, 'हम तुम बहुत अच्छी फिल्म थी... उसके हीरो ने नेशनल अवॉर्ड भी जीता... जबकि मुझे मिलना चाहिए था... लेकिन वो अलग कहानी है.'

'स्वदेस' की ऑथेंटिसिटी पर उठा था सवाल

इस मज़ाकिया जवाब में भी उनका छुपा दर्द और अफ़सोस साफ़ झलकता है. कुणाल कोहली उस वक्त थोड़ा मुस्कुराए, लेकिन शाहरुख की बात बहुत कुछ कह गई. एक फैन ने इसका कारण समझाते हुए कहा कि उस साल टीएस नागभरण नाम के एक व्यक्ति जूरी में थे, जिन्होंने 'स्वदेस' की ऑथेंटिसिटी पर सवाल उठाया था. उन्होंने कहा था कि ये फिल्म उनकी एक कन्नड़ फिल्म से मिलती-जुलती है. शायद इसी वजह से शाहरुख को उस साल सम्मान नहीं मिला. 'स्वदेस' बॉक्स ऑफिस पर ज़्यादा सफल नहीं रही थी.

इस वजह से चुनी कमर्शियल फिल्में

शाहरुख ने कई बार कहा है कि ऐसी फिल्मों के असफल होने के बाद उन्हें अपने फिल्मी चुनावों पर दोबारा सोचना पड़ा. यही वजह थी कि बाद में उन्होंने ज़्यादा कमर्शियल और मसाला फिल्मों को चुना. कई फैन्स अब सोच रहे हैं अगर 'स्वदेस' के लिए उन्हें नेशनल अवार्ड मिल जाता, तो शायद शाहरुख और भी ऐसी सोशल रिलेवेंट और गहरी कहानियां करने के लिए इंस्पायर्ड होते. 2025 में हुए 71वें नेशनल फिल्म अवार्ड में शाहरुख ने विक्रांत मैसी को '12वीं फेल' के साथ संयुक्त रूप से यह सम्मान जीता. यही नहीं, रानी मुखर्जी को 'मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे' के लिए बेस्ट एक्ट्रेस और '12वीं फेल' को बेस्ट फिल्म का अवार्ड मिला.

मेरी मेहनत मायने रखती है

शुक्रवार रात शाहरुख ने एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उन्होंने कहा, 'नेशनल अवार्ड सिर्फ़ एक अचीवमेंट नहीं है. यह मुझे याद दिलाता है कि मेरी मेहनत मायने रखती है. यह मुझे और मेहनत करने, सीखते रहने और सिनेमा की सेवा करने के लिए इंस्पायर्ड करता है. यह अवार्ड सिर्फ़ ट्रॉफी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है – सच्चाई को पर्दे पर दिखाने की.' उन्होंने अपने निर्देशक एटली, पूरी टीम, फैन्स और परिवार को भी धन्यवाद दिया

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