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नबील गबोल नहीं अल्ताफ हुसैन हैं Dhurandhar के असली 'जमील जमाली', इस शख्स ने खोल दी 'इंडियन एजेंट' होने तक की पोल

धुरंधर फिल्म में जमील जमाली का किरदार लंबे समय से चर्चा में है. अब रिसर्च टीम ने साफ किया कि यह किरदार मुख्य रूप से अल्ताफ हुसैन से प्रेरित है, जबकि कुछ झलक नबील गबोल की भी है.

नबील गबोल नहीं अल्ताफ हुसैन हैं Dhurandhar के असली जमील जमाली, इस शख्स ने खोल दी इंडियन एजेंट होने तक की पोल
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( Image Source:  Instagram: therakeshbedi, ANI )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय4 Mins Read

Updated on: 21 April 2026 6:08 PM IST

पिछले दिसंबर में फिल्म 'धुरंधर' (Dhurandhar) रिलीज होने के बाद से ही एक सवाल बार-बार उठ रहा है. राकेश बेदी द्वारा निभाया गया किरदार जमील जमाली असल में किस पर आधारित है? पहले तो ज्यादातर लोगों का मानना था कि यह किरदार पाकिस्तानी राजनेता नबील गबोल पर आधारित है. खुद नबील गबोल ने भी फिल्म रिलीज होने के बाद कई इंटरव्यू में इसकी पुष्टि की थी. लेकिन अब स्थिति थोड़ी बदल गई है और साफ हो रहा है कि किरदार की प्रेरणा कहीं और से भी आई है.

असल में जमील जमाली किस पर आधारित है?

फिल्म के रिसर्च कंसल्टेंट आदित्य राज कौल ने हाल ही में प्रखर गुप्ता के पॉडकास्ट में साफ-साफ बता दिया कि जमील जमाली का किरदार मुख्य रूप से अल्ताफ हुसैन पर आधारित है, साथ ही इसमें नबील गबोल के कुछ फैक्ट भी मिलाए गए हैं. लेकिन ज्यादातर हिस्सा अल्ताफ हुसैन का ही है.' उन्होंने बताया कि अल्ताफ हुसैन के वीडियो देखकर ही जमील जमाली का पूरा लुक तैयार किया गया है. उनका चश्मा, बोलने का अंदाज, बॉडी लैंग्वेज सब कुछ काफी मिलता-जुलता है. अल्ताफ हुसैन आज भी जीवित हैं और ब्रिटेन में रहते हैं.

अल्ताफ हुसैन कौन हैं?

अल्ताफ हुसैन मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट (MQM) के फाउंडर हैं. उनका जन्म 1953 में कराची में हुआ था. 1992 से वे पाकिस्तान छोड़कर ब्रिटेन में निर्वासन (exile) में रह रहे हैं. पाकिस्तान में उन पर हत्या, राजद्रोह, हिंसा भड़काने और RAW (भारतीय खुफिया एजेंसी) के लिए काम करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, अल्ताफ हुसैन ने 48 साल की उम्र में शादी की थी और उनकी पत्नी उनकी उम्र की लगभग आधी (करीब 20 साल) थी। फिल्म में भी जमील जमाली की बेटी यालीना (सारा अर्जुन) बताती है कि उसका जन्म तब हुआ था जब उसके पिता 45 साल के थे और उन्होंने उसकी मां से शादी की थी, जिनकी उम्र पिता की आधी थी. यह डिटेल भी अल्ताफ हुसैन से काफी मिलती है.

पहले लोग नबील गबोल क्यों समझ रहे थे?

जब 'धुरंधर' पहली फिल्म रिलीज हुई, तब जमील जमाली का किरदार देखकर लोग तुरंत नबील गबोल की याद करने लगे थे. समानता इतनी ज्यादा थी कि नबील गबोल खुद कई इंटरव्यू में कह चुके हैं, 'फिल्म में मेरे किरदार को बहुत बड़ा महत्व दिया गया है, लेकिन सही तरीके से नहीं दिखाया गया. उन्होंने लयारी को आतंकवादियों का अड्डा बना दिया है.' लेकिन 'धुरंधर 2' के क्लाइमेक्स में जब यह खुलासा होता है कि जमाली दरअसल भारतीय खुफिया एजेंट हैं, तो पूरा किरदार ही बदल जाता है. यही ट्विस्ट नबील गबोल से जुड़ी छवि से अलग करता है.

राकेश बेदी ने खुद क्या कहा?

राकेश बेदी ने हमेशा यही कहा है कि जमील जमाली किसी एक व्यक्ति की हूबहू कॉपी नहीं है. लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, 'मैं कहना चाहूंगा मैं तुमसे प्यार करता हूं, नबील गबोल. मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं. यह महज संयोग है कि मैं तुमसे थोड़ा-बहुत मिलता-जुलता हूं. लेकिन इसमें मेरा कोई कसूर नहीं. न तुम्हारे पिता भारत आए, न मेरे पिता पाकिस्तान गए. बस थोड़ा वजन दोनों के शरीर में है, इसलिए हम एक जैसे लगते हैं. फिल्म में मैंने भी वैसा ही कपड़ा पहना था, इसलिए और भी समानता लग रही थी.' राकेश बेदी ने आगे बताया कि उन्होंने न सिर्फ नबील गबोल, बल्कि अल्ताफ हुसैन और पाकिस्तान के कई अन्य राजनेताओं के वीडियो देखे हैं. उन्होंने उनके हाव-भाव, बोलने का तरीका और चालाकी को ध्यान से देखकर किरदार को तैयार किया है. उन्होंने एक और राजनेता का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान की संसद (जिसे वे सीनेट कहते हैं) में आज भी एक ऐसा चालाक नेता है जो हर सरकार में सत्ता में बना रहता है.

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