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अब PF निकालना Online पेमेंट जितना आसान! अप्रैल से UPI के जरिए निकासी संभव, लेकिन ये ₹25 हजार की लिमिट का पेंच क्‍यों?

अप्रैल 2026 से EPFO से जुड़े करीब 8 करोड़ कर्मचारी UPI के जरिए सीधे अपने PF खाते से पैसा निकाल सकेंगे. शुरुआत में यह सुविधा BHIM ऐप पर उपलब्ध होगी और प्रति ट्रांजैक्शन ₹25,000 की सीमा तय किए जाने की संभावना है. नए सिस्टम में सदस्य अपने मोबाइल पर ही कुल बैलेंस, निकासी योग्य राशि और अनिवार्य 25% न्यूनतम बैलेंस देख सकेंगे.

अब PF निकालना Online पेमेंट जितना आसान! अप्रैल से UPI के जरिए निकासी संभव, लेकिन ये ₹25 हजार की लिमिट का पेंच क्‍यों?
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( Image Source:  X/mansukhmandviya )
प्रवीण सिंह
Edited By: प्रवीण सिंह

Updated on: 18 Jan 2026 11:31 PM IST

कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) से पैसा निकालने की प्रक्रिया जल्द ही पूरी तरह बदलने जा रही है. अप्रैल 2026 से देशभर के करीब 8 करोड़ से ज्यादा EPFO मेंबर अपने PF खाते से UPI के जरिए सीधे पैसा निकाल सकेंगे. इसके लिए शुरुआत में BHIM ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है.

इस नई सुविधा के तहत EPFO सदस्य अपने मोबाइल फोन से ही यह देख सकेंगे कि उनके खाते में कुल कितना पैसा जमा है, उसमें से कितना पैसा निकासी के लिए पात्र है और कितना न्यूनतम 25% बैलेंस के रूप में खाते में रखना अनिवार्य होगा.

एक ट्रांजैक्शन में ₹25,000 की सीमा क्यों?

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती चरण में प्रति ट्रांजैक्शन ₹25,000 की अधिकतम सीमा तय करने पर विचार किया गया है. इसकी वजह यह है कि तुरंत मिलने वाली सुविधा का दुरुपयोग न हो. अधिकारी ने कहा कि UPI आधारित निकासी तेज और आसान होगी, लेकिन इसी वजह से इसमें अतिरिक्त सावधानी भी जरूरी है. उन्होंने बताया कि अगर कोई सदस्य बहुत कम समय में 2-3 बार पैसा निकाल लेता है, तो भले ही उसने पूरी रकम न निकाली हो, लेकिन निकासी की सालाना तय सीमा (frequency) खत्म हो सकती है.

कौन-कौन सी एजेंसियां कर रही हैं काम

इस नई UPI सुविधा को तैयार करने में EPFO, C-DAC (Centre for Development of Advanced Computing) और NPCI (National Payments Corporation of India) मिलकर काम कर रहे हैं. इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) भुगतान व्यवस्था के समन्वय में अहम भूमिका निभा रहा है. शुरुआत में निकासी की सुविधा केवल BHIM ऐप पर उपलब्ध होगी और पैसा सीधे UPI से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर होगा.

ब्लू-कॉलर वर्कर्स को मिलेगा बड़ा फायदा

यह सुविधा खास तौर पर ब्लू-कॉलर वर्कर्स के लिए फायदेमंद मानी जा रही है. अभी तक कई मजदूर और छोटे कर्मचारी EPFO के ऑनलाइन पोर्टल पर लॉगिन, दस्तावेज अपलोड और लंबी प्रक्रिया के कारण PF निकालने में दिक्कत महसूस करते हैं. UPI सुविधा से यह प्रक्रिया बेहद आसान हो जाएगी.

पहले क्यों नहीं शुरू हो पाई यह सुविधा

सरकारी अधिकारी ने बताया कि यह सुविधा पहले ही शुरू की जा सकती थी, लेकिन नवंबर में लेबर कोड्स की अधिसूचना और अक्टूबर में PF निकासी नियमों में बदलाव की वजह से सॉफ्टवेयर में जरूरी बदलाव करने पड़े. निकासी नियमों में हुए बदलावों को UPI सिस्टम से जोड़ना जरूरी था. अब यह काम अंतिम चरण में है और अप्रैल से पहले सुविधा शुरू हो जाएगी.

PF निकासी नियमों में बड़ा बदलाव

पिछले साल अक्टूबर में EPFO की बोर्ड बैठक के बाद PF निकासी नियमों को काफी सरल किया गया था. पहले जहां 13 अलग-अलग कैटेगरी थीं, अब उन्हें घटाकर सिर्फ 3 कैटेगरी कर दिया गया है जो हैं - जरूरी जरूरतें (इलाज, शिक्षा, शादी), आवास से जुड़ी जरूरतें और विशेष परिस्थितियां. इसके साथ ही एक अहम बदलाव यह किया गया कि अब EPFO मेंबर 75% PF राशि कभी भी निकाल सकते हैं जबकि 25% रकम न्यूनतम बैलेंस के तौर पर खाते में रखना जरूरी होगा.

शिक्षा, शादी और बीमारी के लिए ज्यादा छूट

नए नियमों के तहत शिक्षा और बीमारी से जुड़ी निकासी को ज्यादा लचीला बनाया गया है. शिक्षा के लिए अब 10 बार PF निकासी की अनुमति है, शादी के लिए 5 बार और बीमारी के लिए हर वित्तीय वर्ष में 3 बार. जबकि पहले शादी और शिक्षा के लिए कुल मिलाकर सिर्फ 3 बार निकासी की इजाजत थी.

बेरोजगारी पर PF निकासी को लेकर विवाद

EPFO ने बेरोजगारी के दौरान पूरे PF की निकासी की अवधि 2 महीने से बढ़ाकर 12 महीने करने का फैसला लिया था, जिस पर विपक्ष ने सवाल उठाए. इसके बाद श्रम और रोजगार मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट की. मंत्रालय ने कहा कि नौकरी छोड़ने के तुरंत बाद 75% PF निकाला जा सकता है, बाकी 25% रकम 12 महीने बेरोजगार रहने के बाद मिलेगी. इसका मतलब यह है कि नियमों में बदलाव का असर केवल न्यूनतम बैलेंस वाले 25% हिस्से पर पड़ेगा.

क्यों अहम है UPI से PF निकासी

UPI के जरिए PF निकासी से पैसे मिलने में देरी खत्म होगी, कागजी प्रक्रिया कम होगी, दलालों और एजेंटों की भूमिका खत्म होगी और जरूरत के समय कर्मचारियों को तुरंत राहत मिलेगी. डिजिटल इंडिया के तहत EPFO की यह पहल कर्मचारियों के लिए एक बड़ा बदलाव मानी जा रही है, जो PF सिस्टम को पहले से कहीं ज्यादा तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाएगी.

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