Gautam Adani पर US में चलेगा फ्रॉड केस! एक्सेप्ट किया लीगल नोटिस, कितने दिनों में देना होगा जवाब?
अरबपति Gautam Adani और उनके भतीजे Sagar Adani ने US Securities and Exchange Commission के नोटिस को स्वीकार किया. अब न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में सिविल फ्रॉड केस आगे बढ़ेगा.
भारतीय अरबपति गौतम अदानी और उनके भतीजे सागर अदानी ने अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) द्वारा चलाए जा रहे नागरिक धोखाधड़ी मामले में कानूनी नोटिस स्वीकार करने पर सहमति जताई है. इस कदम से मामला अब ब्रुकलिन, न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में आगे बढ़ने के लिए तैयार हो गया है.
अदानी के वकीलों ने ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क में अदालत में पेश होकर अपने क्लाइंट की ओर से SEC का समन्स स्वीकार किया. अदालत ने कहा कि नोटिस स्वीकार करने के बावजूद, आरोपी पक्ष सभी कानूनी अधिकारों को सुरक्षित रखते हैं, जिसमें क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) चुनौती देना भी शामिल है.
अदानी पक्ष ने अधिकार सुरक्षित रखा
अदानी के वकीलों ने ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क में अदालत में पेश होकर अपने क्लाइंट की ओर से SEC का समन्स स्वीकार किया. अदालत ने कहा कि नोटिस स्वीकार करने के बावजूद, आरोपी पक्ष सभी कानूनी अधिकार सुरक्षित रखता है, जिसमें अदालत के क्षेत्राधिकार पर चुनौती देना भी शामिल है.
90 दिन में देना होगा जवाब
अदानी और उनके भतीजे को अब अदालत के निर्देशानुसार 90 दिन में SEC की शिकायत का जवाब देना होगा. इसके बाद नियामक को जरूरी होने पर 60 दिन तक जवाब देने का अधिकार रहेगा. इसके बाद आरोपी पक्ष अतिरिक्त प्रतिक्रिया दाखिल कर सकता है.
क्या हैं मूल आरोप?
SEC ने आरोप लगाया है कि गौतम और सागर अदानी ने अमेरिकी निवेशकों को Adani Green Energy के भारत स्थित सौर ऊर्जा ठेकों से जुड़े कथित रिश्वत घोटाले के बारे में गुमराह किया. SEC ने यह मुकदमा नवंबर 2024 में दायर किया था.
मामले में देरी और वैकल्पिक सेवा
मामला एक साल से अधिक समय तक लंबित रहा, क्योंकि आरोपी भारत में थे और नोटिस नहीं पहुंचा पाए. हाल ही में SEC ने अमेरिकी वकील और बिज़नेस ईमेल के माध्यम से वैकल्पिक सेवा का अनुरोध किया.
AGEL की सफाई और कानूनी प्रकृति
अदानी समूह की नवीकरणीय ऊर्जा शाखा AGEL ने कहा कि कंपनी मामले में पक्ष नहीं है. केवल दो निदेशक आरोपी हैं और किसी के खिलाफ आपराधिक आरोप नहीं हैं. मामला पूरी तरह नागरिक प्रकृति का है.
वॉल स्ट्रीट के वकील संभालेंगे केस
गौतम और सागर अदानी ने अपनी कानूनी रक्षा के लिए रॉबर्ट जिउफ़्रा जूनियर को नियुक्त किया है, जिन्होंने हाई-प्रोफाइल मामलों का बचाव किया है. जिउफ़्रा ने नोटिस स्वीकार करने की पुष्टि की, जिससे अदालत को सेवा प्रक्रिया पर निर्णय लेने की आवश्यकता नहीं रही.
आगे की कानूनी प्रक्रिया
SEC का मामला अब औपचारिक कानूनी प्रक्रिया से गुजरेगा. अदानी पक्ष मोशन टू डिसमिस या अन्य प्रतिक्रिया दाखिल कर सकता है, जबकि नियामक किसी भी बचाव का विरोध करने का अधिकार सुरक्षित रखेगा.
अदानी समूह का खंडन
अदानी समूह ने बार-बार किसी भी गलत गतिविधि का खंडन किया है और पारदर्शिता, शासन और अनुपालन मानकों का पालन करने का दावा किया है. आरोपों का केंद्र USD 265 मिलियन का कथित रिश्वत घोटाला है.





