Budget 2026: क्या पिछले 10 साल से चली आ रही व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव, Section 80C से जुड़ी मांग मानेंगी वित्त मंत्री?
बजट 2026 से पहले उद्योग जगत ने सरकार से इनकम टैक्स में राहत बढ़ाने की मांग तेज कर दी है. Upstox की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स इन इंडिया (AMCHAM) ने सुझाव दिया है कि Section 80C के तहत टैक्स छूट की सीमा को मौजूदा ₹1.5 लाख से बढ़ाकर ₹3.5 लाख किया जाए. यह सीमा पिछले 10 वर्षों से नहीं बदली गई है.
केंद्रीय बजट 2026 से पहले इनकम टैक्स से जुड़ी राहत को लेकर उद्योग जगत की मांगें तेज हो गई हैं. व्यक्तिगत करदाताओं को ज्यादा टैक्स बचत का मौका देने के लिए कई इंडस्ट्री बॉडीज़ ने सरकार को अपने प्री-बजट सुझाव सौंपे हैं. इसी कड़ी में अमेरिकन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स इन इंडिया (AMCHAM) ने एक अहम सुझाव दिया है - Section 80C के तहत टैक्स छूट की सीमा को मौजूदा ₹1.5 लाख से बढ़ाकर ₹3.5 लाख किया जाए.
Upstox की रिपोर्ट के मुताबिक, AMCHAM का मानना है कि अगर सरकार Section 80C की सीमा बढ़ाती है तो इससे न सिर्फ मिडिल क्लास और सैलरीड टैक्सपेयर्स को सीधा फायदा होगा, बल्कि लंबी अवधि की बचत और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा.
अभी क्या है Section 80C का नियम
फिलहाल Income Tax Act, 1961 के Section 80C के तहत टैक्सपेयर्स कुछ खास निवेश और खर्चों पर अधिकतम ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट ले सकते हैं. इसमें EPF, PPF, ELSS, Life Insurance Premium, Home Loan Principal जैसे निवेश और खर्च शामिल हैं. हालांकि यह सुविधा केवल पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) चुनने वाले करदाताओं को ही मिलती है. नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) में Section 80C के तहत कोई छूट उपलब्ध नहीं है.
AMCHAM ने क्या कहा
AMCHAM ने अपने Pre-Budget Memorandum 2026-27 में कहा है - “वर्तमान में Section 80C के तहत कुल टैक्स छूट की सीमा ₹1,50,000 है. इसे बढ़ाकर ₹3,50,000 किया जाना चाहिए.” इंडस्ट्री बॉडी का तर्क है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन टैक्स छूट की सीमा पिछले कई सालों से जस की तस बनी हुई है. ऐसे में करदाताओं की वास्तविक टैक्स बचत कम होती जा रही है.
10 साल से नहीं बदली 80C की सीमा
गौर करने वाली बात यह है कि Section 80C की ₹1.5 लाख की सीमा साल 2014 से अब तक नहीं बदली गई है. बीते 10 वर्षों में सरकार ने नई टैक्स व्यवस्था के जरिए कई तरह की राहत दी है, लेकिन पुरानी व्यवस्था में 80C की सीमा को लेकर कोई बदलाव नहीं किया गया. इससे पहले भी कई टैक्स एक्सपर्ट्स और उद्योग संगठनों ने सरकार से 80C की सीमा को कम से कम ₹3 लाख तक बढ़ाने की मांग की है.
Life Insurance पर भी ज्यादा छूट की मांग
AMCHAM ने सिर्फ कुल 80C सीमा बढ़ाने की ही नहीं, बल्कि Life Insurance Premium पर मिलने वाली टैक्स छूट बढ़ाने का भी सुझाव दिया है. इंडस्ट्री बॉडी का कहना है कि मौजूदा ₹1.5 लाख की सीमा को बढ़ाकर कम से कम ₹2.5 लाख किया जाना चाहिए, हालांकि यह सुविधा भी केवल Old Tax Regime में ही लागू होगी.
किन लोगों को होगा सबसे ज्यादा फायदा
अगर सरकार इस सुझाव को बजट 2026 में स्वीकार करती है, ओल्ड टैक्स रिजीम वाले सैलरीड क्लास, मिडिल इनकम ग्रुप और HUF टैक्सपेयर्स को सीधा फायदा मिलेगा. साथ ही लोग ज्यादा निवेश और बीमा की ओर भी आकर्षित होंगे.
1 फरवरी को आएगा फैसला
अब सबकी नजरें 1 फरवरी 2026 पर टिकी हैं, जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना बजट भाषण देंगी. यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार उद्योग जगत की इस अहम मांग को स्वीकार करती है या नहीं. अगर Section 80C की सीमा बढ़ती है, तो यह बजट 2026 का मिडिल क्लास के लिए सबसे बड़ा टैक्स गिफ्ट साबित हो सकता है.





