दोस्तों को रास्ता, दुश्मनों पर रोक, Iran ने खींची रेड लाइन, किन देशों को तेहरान ने दी Strait of Hormuz से गुजरने की इजाजत?

Iran ने कहा हुआ है कि वह कुछ ही देशों के जहाजों को Strait of Hormuz से गुजरने की इजाजत देगा. जानें वह कौनसे देश हैं जिन्हें तेहरान ने अपने दोस्तों की लिस्ट में शामिल किया है?

( Image Source:  @IranDefenceForc )
Edited By :  समी सिद्दीकी
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Strait of Hormuz: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक Strait of Hormuz पर ईरान की पकड़ ने वैश्विक तेल आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. यह जलमार्ग दुनिया के करीब 20 फीसद ऊर्जा व्यापार का रास्ता है, और यहां बाधा आने से कई देशों को तेल की कमी का सामना करना पड़ रहा है.

तेल संकट के चलते कई ऐसे देश, जो मिडिल ईस्ट पर तेल के लिए निर्भर हैं, अब अलग-अलग उपाय अपना रहे हैं. कुछ देशों ने काम के दिनों को घटाकर चार दिन का वर्क वीक कर दिया है, जबकि कई जगहों पर एयर कंडीशनर के इस्तेमाल को भी कम किया जा रहा है, ताकि ऊर्जा की बचत हो सके.

क्या Iran ने बढ़ाई सख्ती?

इसी बीच, शनिवार को ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध दूसरे महीने में प्रवेश कर गया. इस दौरान कुछ जहाजों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने में सफलता जरूर हासिल की है, लेकिन उनकी तादाद पहले के मुकाबले काफी कम हो गई है. जहां युद्ध से पहले हर दिन औसतन 100 से ज्यादा जहाज इस रास्ते से गुजरते थे, वहीं अब यह संख्या घटकर महज 3 से 4 जहाज प्रतिदिन रह गई है.

हालांकि, इस तनावपूर्ण माहौल के बावजूद कुछ जहाज ऐसे हैं, जो इस रास्ते से होकर भारत तक पहुंच रहे हैं. पिछले एक महीने में कम से कम पांच जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर भारत पहुंचे हैं. इनमें LPG लेकर आने वाले Pine Gas, Jag Vasant, Shivalik और Nanda Devi शामिल हैं, जबकि Jag Laadki जहाज कच्चा तेल लेकर आया.

भारत के प्रति ईरान का रुख क्या?

भारत के लिए राहत की बात यह है कि ईरान ने उसे मित्र देशों की सूची में शामिल किया है, जिन्हें इस अहम जलमार्ग से गुजरने की अनुमति दी जा रही है. इसी कड़ी में शनिवार को भारत के झंडे वाले दो जहाज-BW Tyr और BW Elm-LPG लेकर इस रास्ते से गुजरना शुरू हुए थे.

किन देशों को है Strait of Hormuz से गुजरने की इजाजत?

इस समय भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जिन्हें ईरान ने यह छूट दी है. इन देशों में China, Russia, Iraq और Pakistan भी शामिल हैं. मुंबई स्थित ईरान के वाणिज्य दूतावास ने भी एक बयान में इसकी पुष्टि की है, जिसमें ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के हवाले से कहा गया कि इन 'मित्र देशों' को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी गई है.

इनके अलावा Thailand और Malaysia ने भी दावा किया है कि उनके जहाजों को इस जलमार्ग से गुजरने की इजाजत मिलेगी. वहीं दूसरी ओर, ईरान ने साफ कर दिया है कि United States, Israel और उनके सहयोगी देशों से जुड़े जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन को लिखे एक पत्र में कहा है कि जो देश उसके खिलाफ किसी भी आक्रामक कार्रवाई में शामिल नहीं हैं और सुरक्षा नियमों का पालन करते हैं, उन्हें ही सुरक्षित मार्ग दिया जाएगा.

क्या ईरान गुजरने वाले जहाजों से लेगा पैसे?

इस बीच एक और अहम मुद्दा सामने आया है. ईरान की संसद इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क (टोल) लगाने पर विचार कर रही है. इसके लिए एक मसौदा कानून तैयार किया गया है, जिसे अंतिम रूप दिया जा रहा है. ईरानी अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह अन्य व्यापारिक रास्तों पर शुल्क लिया जाता है, उसी तरह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से भी शुल्क लेना स्वाभाविक है, क्योंकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना ईरान की जिम्मेदारी है.

हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कुछ जहाजों से पहले ही शुल्क वसूला जा रहा है. इस पर अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने सवाल उठाते हुए इसे गैरकानूनी और खतरनाक बताया है. इस पूरे घटनाक्रम के बीच स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के दोनों ओर करीब 2,000 जहाज फंसे हुए हैं, जो इस अहम समुद्री रास्ते से गुजरने का इंतजार कर रहे हैं.

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