कहां हैं Mojtoba Khamenei, हिज़बुल्लाह चीफ को लिखे मैसेज ने बढ़ाया सस्पेंस, बोले, पिता के इस काम को करते रहेंगे पूरा
मोजतोबा खामेनेई कहां है? ये सवाल लगातार बना हुआ है. अब हिज़बुल्लाह को लिखे मैसेज ने इस सस्पेंस को और बढ़ा दिया है, जिसमें पिता के रास्ते पर चलने की बात कही गई है.
Mojtoba Khamenei Message: ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने हिज़्बुल्लाह प्रमुख Naim Qassem को संदेश भेजकर अमेरिका और इजराइल के खिलाफ “रेजिस्टेंस” (प्रतिरोध) को जारी रखने का भरोसा दिया है. यह जानकारी ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी Fars ने बुधवार सुबह दी है.
अपने संदेश में खामेनेई ने कासिम के जरिए उनके पिता और ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei की मौत पर जताई गई संवेदना के लिए आभार व्यक्त किया. 28 फरवरी को तेहरान में हुए अमेरिकी-इजराइली हमले में अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसे ईरान शहादत मानता है. खामेनेई के मैसेज से साफ है कि वह उसी रास्ते पर चलने वाले हैं जिस पर उनके पिता थे. वह अमेरिका के खिलाफ प्रतिरोध के उस काम को पूरा करते रहेंगे जिसे उनके पिता समर्थन करते आए थे.
मोजतोबा खामेनेई ने क्या कहा?
खामेनेई ने कहा कि अमेरिका और इजराइल जैसे “कट्टर दुश्मनों” के खिलाफ डटे रहना उनके पिता की सबसे बड़ी पहचान थी. उन्होंने हिज़्बुल्लाह के दिवंगत नेताओं के संघर्ष, बहादुरी और बलिदान की भी सराहना की. साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें नाइम कासिम की समझदारी, बुद्धिमत्ता और साहस पर पूरा भरोसा है, जो इजराइल की योजनाओं को नाकाम कर लेबनान के लोगों के सम्मान और समृद्धि को फिर से स्थापित करेंगे.
कहां है मोजतोबा खामेनेई?
मोजतोबा खामेनेई को लेकर लगातार सस्पेंस बना हुआ है. दावा किया जा रहा है कि वह रूस में हैं वहीं अंडर ग्राउंड होने के भी आंकलन लगाए जा रहे हैं. खामेनेई बाहर नहीं आते हैं और अंदर रहकर ही केवल बयान जारी करते हैं, जिसकी वजह से लोगों के बीच संदेह है कि वह ज़िंदा हैं भी य नहीं
कब बने ईरान के सुप्रीम लीडर?
इस बीच, 8 मार्च को ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर चुने जाने की घोषणा की थी. दूसरी ओर, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने फारस की खाड़ी में एक इजराइली कंटेनर जहाज को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया. यह कार्रवाई अमेरिका और इजराइल के ठिकानों पर हमलों की नई लहर का हिस्सा बताई गई है.
IRGC ने कंपनियों को क्या दी चेतावनी?
IRGC ने चेतावनी दी है कि जिन कंपनियों पर “आतंकी जासूसी” में शामिल होने का आरोप है, उन्हें निशाना बनाया जा सकता है. इसमें कई बड़ी अमेरिकी टेक कंपनियों का नाम लेते हुए वहां काम करने वाले कर्मचारियों और आसपास रहने वाले लोगों को इलाका खाली करने की सलाह दी गई है. इसके अलावा, IRGC ने यह भी कहा कि उसने इजराइली सेना से जुड़े “महत्वपूर्ण और रणनीतिक” संचार, टेलीकम्युनिकेशन और औद्योगिक ठिकानों पर ड्रोन हमले किए हैं.
वहीं, ईरान ने मुजाहिदीन-ए-खल्क ऑर्गनाइजेशन (MKO) से जुड़े दो “हथियारबंद आतंकियों” को फांसी देने की भी जानकारी दी है. इन पर तेहरान में कई आतंकी गतिविधियों में शामिल होने और सरकार को गिराने की साजिश रचने का आरोप था. उधर, ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने उन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि ईरान ने तुर्किये की ओर मिसाइल दागी है. उन्होंने इसे “बिलकुल बेबुनियाद” बताया.