मिडिल ईस्ट में बढ़ेगा टकराव? US का वॉर प्लान तैयार, ‘पावरफुल स्ट्राइक’ की आहट..जानें ट्रंप के दिमाग में क्या पक रहा

ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए अमेरिका ने नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखते हुए “शॉर्ट और पावरफुल” हमलों की तैयारी कर ली है. ट्रंप के सख्त रुख के बीच संभावित सैन्य कार्रवाई और बढ़ते तनाव ने हालात को और गंभीर बना दिया है,

( Image Source:  X-@ANI (File Photo) )
Edited By :  समी सिद्दीकी
Updated On : 30 April 2026 7:36 AM IST

US-Iran Tension: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने साफ संकेत दिया है कि जब तक ईरान अमेरिका के साथ शांति समझौते पर सहमत नहीं होता, तब तक उस पर नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखी जाएगी. यानी अमेरिका ईरान पर दबाव बनाए रखने के लिए समुद्री रास्तों को नियंत्रित करने की रणनीति पर कायम है.

इस बीच ट्रंप के दिमाग में कुछ अलग पक रहा है, वह ईरान के खिलाफ कुछ बड़ा करने की फिराक में हैं. बीते रोज एक पोस्ट के जरिए उन्होंने इस बात का संकेत भी दिया था.

क्या करना चाहते हैं ट्रंप?

एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक मामले से जुड़े सूत्रों ने दावा किया है कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के खिलाफ छोटे लेकिन बेहद ताकतवर हमलों की एक योजना तैयार कर ली है. बताया जा रहा है कि ये हमले सीमित समय के लिए होंगे, लेकिन इनका असर काफी बड़ा हो सकता है. सूत्रों के अनुसार, इन संभावित हमलों का मुख्य निशाना ईरान का इंफ्रास्ट्रक्चर हो सकता है, ताकि उस पर दबाव बढ़ाया जा सके और उसे बातचीत की मेज पर लाया जा सके.

Axios की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ट्रंप ने ईरान के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने की बात कही गई थी. गौरतलब है कि यह इलाका वैश्विक तेल सप्लाई के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है, और यहां अमेरिका ने अपनी नौसैनिक मौजूदगी बनाए रखी है.

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या तस्वीर पोस्ट की थी?

मंगलवार को ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर भी पोस्ट की, जिसमें वह बंदूक के साथ नजर आ रहे हैं और उस पर “No More Mr Nice Guy” लिखा हुआ है. फिलहाल उन्होंने ईरान पर दबाव बनाने के लिए सीधे हमले के बजाय नाकाबंदी को ही प्राथमिक रणनीति के तौर पर चुना है.

नाकाबंदी के बारे में ट्रंप ने क्या बोला?

एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि नाकाबंदी, ईरान पर बमबारी करने से ज्यादा असरदार है. उन्होंने कहा, “ईरान इस समय भारी दबाव में है, वे बुरी तरह जकड़े हुए हैं और हालात उनके लिए और खराब होने वाले हैं. वे परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकते.” उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान इस नाकाबंदी को हटवाने के लिए अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है, लेकिन वह इसे हटाने के पक्ष में नहीं हैं क्योंकि वह नहीं चाहते कि ईरान परमाणु ताकत बने.

ट्रंप ने आगे यह भी दावा किया कि नाकाबंदी के चलते ईरान का तेल निर्यात प्रभावित हुआ है और उसकी तेल पाइपलाइंस “फटने के करीब” पहुंच रही हैं. हालांकि, कुछ विशेषज्ञों और विश्लेषकों ने इस दावे पर सवाल उठाए हैं और इसे पूरी तरह सही नहीं माना है.

ईरान ने क्या कहा?

दूसरी तरफ, ईरान की ओर से भी सख्त प्रतिक्रिया सामने आई है. एक ईरानी सुरक्षा सूत्र के हवाले से कहा गया है कि अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी का जवाब “व्यावहारिक और अभूतपूर्व कार्रवाई” के जरिए दिया जाएगा. सूत्र ने कहा कि ईरानी बलों ने अब तक संयम बरता है ताकि कूटनीति को मौका दिया जा सके, लेकिन अगर यह नाकाबंदी जारी रहती है तो इसका “कड़ा और करारा जवाब” दिया जाएगा.

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