इस ‘खौफनाक हथियार’ से कांपते हैं दुश्मन, आएगा हार्ट अटैक; ईरान की अमेरिका को वॉर्निंग- अब होगा इस्तेमाल
ईरान ने अमेरिका-इजरायल के खिलाफ नए खतरनाक हथियार की चेतावनी दी है. दरअसल, ट्रंप ने होर्मुज खोलने के बदले नाकाबंदी हटाने का प्रस्ताव ठुकरा दिया, जिससे तनाव और बढ़ गया है.
Iran News: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर सख्त चेतावनी दी है. ईरान ने कहा है कि वह बहुत जल्द एक ऐसे नए हथियार का इस्तेमाल कर सकता है, जिससे दुश्मन देश डरते हैं और जिससे उन्हें हार्ट अटैक तक आ सकता है.
यह बयान उस समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसमें होर्मुज को दोबारा खोलने के बदले अमेरिका से नाकाबंदी हटाने की बात कही गई थी. इस प्रस्ताव में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत को आगे टालने की भी बात शामिल थी, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने इसे नहीं माना और नाकाबंदी जारी रखने का फैसला किया.
ईरान ने क्या कहा?
ईरान की नौसेना के कमांडर रियर एडमिरल शहराम ईरानी ने सरकारी चैनल प्रेस टीवी से बातचीत में कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक बहुत जल्द दुश्मन ताकतों का सामना ऐसे हथियार से कराएगा, जिससे वे बेहद डरते हैं. उन्होंने कहा कि यह हथियार दुश्मनों के बेहद करीब है और उम्मीद जताई कि इसे देखकर उन्हें हार्ट अटैक न आ जाए.
ट्रंप प्रशासन की रणनीति पर क्या बोले ट्रंप?
उन्होंने ट्रंप प्रशासन की उस रणनीति पर भी तंज कसा, जिसमें आर्थिक दबाव डालकर ईरान को बातचीत के लिए मजबूर करने की कोशिश की जा रही है. उनका कहना था कि दुश्मनों ने यह सोचकर गलती की कि वे कम समय में अपने लक्ष्य हासिल कर लेंगे, लेकिन अब यह सोच सैन्य अकादमियों में मजाक बन गई है.
क्या ईरान ने अब्राहम लिंकन पर किए अटैक?
ईरानी कमांडर ने दावा किया कि ईरान ने अमेरिकी विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन पर कम से कम सात मिसाइल हमले किए हैं, जिनकी वजह से कुछ समय तक अमेरिका उस पोत से विमान उड़ाने या हवाई अभियान चलाने में सक्षम नहीं रहा.
कमांडर के मुताबिक, ईरान ने अरब सागर की ओर से भी होर्मुज को बंद कर दिया है और चेतावनी दी है कि अगर दुश्मन और करीब आए, तो बिना देरी के कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि नाकाबंदी के बावजूद कुछ जहाज ईरान के बंदरगाहों से रवाना हुए हैं और अपने डेस्टीनेशन तक पहुंच भी गए हैं.
अमेरिकी की तुलना समोालिया के डाकुओं से की?
उन्होंने अमेरिकी सेना पर ईरानी जहाजों को “गैरकानूनी तरीके से कब्जे में लेने” का आरोप लगाया और इसे समुद्री डकैती तथा “बंधक बनाने” जैसा बताया. उनका कहना था कि अमेरिका ने जहाजों पर मौजूद क्रू मेंबर्स और उनके परिवारों को भी बंधक बनाया है. उन्होंने अमेरिका की तुलना सोमालिया के समुद्री डाकुओं से करते हुए कहा कि वे उनसे भी बदतर हैं. ईरानी कमांडर ने युद्ध में मारे गए लोगों का बदला लेने की भी कसम खाई और कहा कि वे “आखिरी बूंद तक” लड़ेंगे और दुश्मनों को ऐसा जवाब देंगे, जिसे वे हमेशा याद रखेंगे.
दूसरी तरफ, डोनाल्ड ट्रंप ने Axios को दिए इंटरव्यू में कहा कि वह ईरान के उस प्रस्ताव को नहीं मान रहे हैं, जिसमें नाकाबंदी हटाने के बदले होर्मुज खोलने की बात कही गई थी. उनका कहना था कि नाकाबंदी, बमबारी से ज्यादा असरदार है और इससे ईरान पर ज्यादा दबाव पड़ेगा. उन्होंने दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी.