Russian कमांडर ने सैनिकों को नंगा कर पेड़ों से बांधा फिर मुंह पर जबरन ठूंसी बर्फ, हैरान कर देने वाला वीडियो आया सामने
बर्फ से ढके जंगल में रूसी सेना के एक कथित कमांडर की बर्बरता कैमरे में कैद हुई है, जहां दो सैनिकों को न सिर्फ पेड़ों से उल्टा बांधा गया, बल्कि उन्हें कड़ाके की ठंड में अंडरवियर में छोड़ दिया गया. आरोप है कि दोनों सैनिकों ने अपने पोस्ट छोड़ने और आदेश न मानने की कोशिश की थी.;
सोशल मीडिया पर सामने आया एक खौफनाक वीडियो इंसानियत को झकझोर देने वाला है. बर्फ से ढके जंगल में रूसी सेना के एक कथित कमांडर की बर्बरता कैमरे में कैद हुई है, जहां दो सैनिकों को न सिर्फ पेड़ों से उल्टा बांधा गया, बल्कि उन्हें कड़ाके की ठंड में अंडरवियर में छोड़ दिया गया. आरोप है कि दोनों सैनिकों ने अपने पोस्ट छोड़ने और आदेश न मानने की कोशिश की थी.
महज 28 सेकंड का यह वीडियो, लेकिन इसके दृश्य लंबे समय तक दिल-दिमाग में सिहरन पैदा करने वाले हैं. वीडियो में एक भारी आवाज बार-बार सैनिकों पर चिल्लाते हुए सुनाई देती है, जबकि बर्फ उनके मुंह में जबरन ठूंसी जा रही है. यह क्लिप सामने आने के बाद रूसी सेना के भीतर कथित यातनाओं को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
'इन बेवकूफों ने पोस्ट छोड़ने की कोशिश की'- वीडियो में गूंजती धमकी
वीडियो में सुनाई दे रही आवाज कथित तौर पर कमांडर की है, जो गुस्से में चिल्लाते हुए कहता है कि 'इन बेवकूफों ने बिना अनुमति अपनी पोस्ट छोड़ने की कोशिश की और आदेश मानने से इनकार कर दिया.' दोनों सैनिक पेड़ों से उल्टा लटके हुए दिखाई देते हैं. उनके शरीर पर सिर्फ अंडरवियर है और चारों तरफ बर्फ जमी हुई है. ठंड से कांपते सैनिक लगातार माफी मांगते नजर आते हैं.
माफी के बदले मिली और यातना
वीडियो में एक सैनिक रोते हुए कहता है कि 'मुझे माफ़ कर दीजिए, आगे ऐसा दोबारा नहीं होगा. लेकिन इसके जवाब में अधिकारी और भी क्रूर हो जाता है. वह सैनिक के मुंह में बर्फ डालते हुए कहता है कि 'इसे खाओ, पूरे के पूरे बेवकूफ़.' इसके बाद वह चीखते हुए जोड़ता है कि सैनिकों को “work properly, without excuses” यानी बिना बहाने ठीक से काम करना होगा.
क्यों दी गई ऐसी सजा?
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों सैनिक कथित तौर पर उस स्थान तक नहीं पहुंचे, जहां उन्हें भेजा गया था. हालांकि यह साफ नहीं हो पाया है कि वह जगह कहां थी और वहां पहुंचना क्यों जरूरी था. वीडियो को प्रो-यूक्रेनी टेलीग्राम चैनल Exilenova+ ने प्रकाशित किया है. यह पहला मामला नहीं है. अक्टूबर 2025 में रूस के स्वतंत्र मीडिया आउटलेट Verstka ने पूर्व सैनिकों की गवाही के आधार पर खुलासा किया था कि जो सैनिक हमलों में शामिल होने से इनकार करते हैं या आदेश नहीं मानते, उनके साथ मारपीट, अपमान और शारीरिक यातना की जाती है.
युद्ध की जिद और इंसानी कीमत
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले ही साफ कर चुके हैं कि जब तक यूक्रेन उनकी शर्तों- कुछ इलाकों को सौंपने को नहीं मानता, तब तक सैनिकों को वापस नहीं बुलाया जाएगा. वहीं यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया. जेलेंस्की ने कहा था कि हमें कुछ भी देने का कोई अधिकार नहीं है, न हमारे क़ानूनों के तहत, न अंतरराष्ट्रीय क़ानून के तहत और न ही नैतिक क़ानून के तहत.' इसी बीच रूस ने सप्ताहांत में यूक्रेन के खारकीव और ओडेसा पर रातभर हमले किए. इन दोहरे हमलों में बच्चों और एक गर्भवती महिला समेत कम से कम 44 लोग घायल हुए हैं. युद्ध की आग में सबसे ज्यादा झुलस रही है इंसानियत.