Maduro India Connection: सत्य साईं भक्त हैं मादुरो! राष्ट्रपति कार्यालय में भी लगी तस्वीर; जानें कब आए थे भारत

अमेरिकी सेना द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी की खबर ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है. लैटिन अमेरिका से लेकर वॉशिंगटन तक इस घटनाक्रम को बेहद अहम माना जा रहा है. अब इस बीच मादुरो का भारत कनेक्शन सामने आया है. वह सत्य साईं बाबा के भक्त हैं. इतना ही नहीं, उनके ऑफिस में भी बाबा की फोटो लगी हुई है.;

( Image Source:  x-@KundanSKM )
Edited By :  हेमा पंत
Updated On : 5 Jan 2026 4:49 PM IST

3 जनवरी 2026 को अमेरिका ने 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' के तहत वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी Cilia Flores को गिरफ्तार कर लिया गया. यह घटना अंतरराष्ट्रीय राजनीति और युद्ध के नियमों पर सवाल खड़े कर रही है. अब इस बीच मादुरो का भारतीय कनेक्शन सामने आया है. 

बहुत कम लोग जानते हैं कि मादुरो सत्य साईं बाबा के गहरे भक्त रहे हैं और उनका यह जुड़ाव सिर्फ निजी आस्था तक सीमित नहीं था. सत्य साईं बाबा की तस्वीर वेनेजुएला के राष्ट्रपति भवन के निजी दफ्तर तक में लगाई गई थी. 

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साईं बाबा से Maduro का कनेक्शन

मादुरो और उनकी जीवनसाथी सिलिया फ्लोरेस की कहानी राजनीति से पहले आस्था से है. ईसाई परंपराओं में पले-बढ़े मादुरो की आध्यात्मिक दुनिया से पहचान फ्लोरेस ने कराई. शादी से पहले ही उन्होंने मादुरो को भारत के प्रसिद्ध संत सत्य साईं बाबा के विचारों से जोड़ा. साल 2005 में यह जुड़ाव एक खास मोड़ पर पहुंचा, जब दोनों आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी पहुंचे.

साईं बाबा से मादुरो की मुलाकात

आंध्र प्रदेश के प्रशांति निलयम में मादुरो ने साईं बाबा से अकेले में मुलाकात की. उस यात्रा की एक यादगार तस्वीर आज भी चर्चा में रहती है, जिसमें मादुरो और फ्लोरेस साईं बाबा के पास फर्श पर बैठे दिखाई देते हैं.

राष्ट्रपति ऑफिस में साईं बाबा की तस्वीर

जब मादुरो सत्ता के शिखर पर पहुंचे, तब उनकी आस्था भी उनके साथ राष्ट्रपति भवन तक चली आई. मिराफ्लोरेस पैलेस में स्थित उनके ऑफिस की दीवारों पर साईं बाबा की तस्वीर को वही स्थान मिला, जहां वेनेजुएला के महान नायक सिमोन बोलिवर और क्रांतिकारी नेता ह्यूगो चावेज़ की फोट रहती थी. 

साईं बाबा की मौत पर एक दिन का शोक

साल 2011 में जब साईं बाबा का देहांत हुआ, उस समय मादुरो देश के विदेश मंत्री थे. खबर मिलते ही उन्होंने इसे केवल व्यक्तिगत क्षति नहीं माना, बल्कि राष्ट्रीय सम्मान का विषय बनाया. उनके प्रयासों से वेनेजुएला की संसद में शोक प्रस्ताव पारित हुआ और पूरे देश में एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया. उस दिन बाबा को एक ऐसे मार्गदर्शक के रूप में याद किया गया, जिनकी शिक्षाएं इंसानियत और सेवा की भावना से जुड़ी थीं.

वेनेजुएला में साईं संगठन की मजबूत जड़ें

वेनेजुएला में साईं बाबा की शिक्षाओं से जुड़ा एक मजबूत समुदाय दशकों से मौजूद है. इसकी शुरुआत 1974 में हुई और आज यह लैटिन अमेरिका के सबसे बड़े साईं भक्त समूहों में गिना जाता है. मादुरो के शासनकाल में कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों को देश छोड़ना पड़ा, लेकिन साईं से जुड़ी संस्थाएं लगातार काम करती रहीं.

साईं बाबा को कहा प्रकाश की मूर्ति

साल 2024 में वेनेजुएला के राष्ट्रीय दिवस समारोह में ‘ॐ’ का प्रतीक प्रमुख रूप से दिखाई दिया, जिसने इस आध्यात्मिक जुड़ाव को फिर सामने ला दिया. इसके बाद नवंबर 2025 में अपनी गिरफ्तारी से कुछ समय पहले मादुरो ने साईं बाबा की जन्मशती पर उन्हें “प्रकाश की मूर्ति” कहकर नमन किया. अपने संदेश में उन्होंने कहा था कि वे आज भी उस मुलाकात को याद करते हैं और कामना करते हैं कि उस महान गुरु की समझ और सोच सबका मार्गदर्शन करती रहे.

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