काबुल के सबसे सुरक्षित इलाके शाहर-ए-नव में चीनी रेस्टोरेंट के सामने किसने किया धमाका? कई लोगों की हुई मौत

काबुल के शाहर-ए-नव इलाके में सोमवार को एक होटल के पास हुए धमाके में कई लोगों की मौत और कई के घायल होने की पुष्टि हुई है. यह इलाका विदेशी नागरिकों के कारण अत्यधिक सुरक्षित माना जाता है. शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक धमाका एक चीनी रेस्टोरेंट के सामने हुआ. तालिबान के नियंत्रण के बावजूद अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकी संगठन अब भी सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं.;

( Image Source:  Sora_ AI )
Edited By :  अच्‍युत कुमार द्विवेदी
Updated On : 19 Jan 2026 8:08 PM IST

Kabul Hotel Blast: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के बेहद सुरक्षित माने जाने वाले शाहर-ए-नव (Shahr-e-Naw) इलाके में सोमवार को हुए जोरदार धमाके में कई लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए. तालिबान सरकार के गृह मंत्रालय और काबुल पुलिस ने इस विस्फोट की पुष्टि की है.

काबुल पुलिस के प्रवक्ता खालिद जद्रान ने बताया कि यह धमाका शाहर-ए-नव के चौथे जिले में गुलफरोशी स्ट्रीट स्थित एक होटल में हुआ. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विस्फोट एक चीनी रेस्टोरेंट के सामने हुआ, जहां उस वक्त काफी भीड़ मौजूद थी.

कई लोगों के मारे जाने और घायल होने की जानकारी

तालिबान के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल मतीन कानी ने बताया कि शुरुआती रिपोर्ट्स में कई लोगों के मारे जाने और घायल होने की जानकारी मिली है. हालांकि, मृतकों और घायलों की सटीक संख्या अभी सामने नहीं आई है.

काबुल के सबसे सुरक्षित इलाकों में गिना जाता है शाहर-ए-नव 

शाहर-ए-नव इलाका आमतौर पर विदेशी नागरिकों, दूतावासों और उच्च सुरक्षा प्रतिष्ठानों के कारण काबुल के सबसे सुरक्षित इलाकों में गिना जाता है. ऐसे इलाके में धमाके ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

2025 में काबुल में हुए थे दो आत्मघाती हमले

बीते वर्ष 2025 में काबुल में आत्मघाती हमलों की दो बड़ी घटनाएं दर्ज की गई थीं. फरवरी में शहरी विकास और आवास मंत्रालय में घुसने की कोशिश कर रहे एक हमलावर ने खुद को उड़ा लिया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत और तीन अन्य घायल हुए थे. उसी सप्ताह उत्तर-पूर्वी अफगानिस्तान में एक बैंक के बाहर हुए आत्मघाती हमले में पांच लोगों की जान चली गई थी.

अफगानिस्तान में तालिबान के आने के बाद हिंसा में आई कमी

हालांकि 2021 में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद अफगानिस्तान में कुल मिलाकर हिंसा में कमी आई है, लेकिन इस्लामिक स्टेट (IS) अब भी एक गंभीर खतरा बना हुआ है. IS लगातार ऐसे हमलों को अंजाम देकर तालिबान की सत्ता को चुनौती देता रहा है और पहले भी तालिबान अधिकारियों, विदेशी राजनयिकों और आम नागरिकों को निशाना बनाता रहा है.

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