Explainer: कुंडली न्यूयार्क के एक टीचर की, जिसकी अंधेरी दुनिया में हर दिन सामने आ रहा एक नया एपस्टीन!

एक समय था जब जेफ्री एपस्टीन स्कूल में गणित पढ़ाता था. ब्लैकबोर्ड पर बच्‍चों को फॉर्मूला सिखाने वाला इसी शख्‍स ने आगे चलकर ऐसा आपराधिक नेटवर्क बनाया, जिसने दुनिया के ताकतवर तबकों को झकझोर दिया. आइए आज के एक्सप्लेनर में एपस्टीन से जुड़े उन सभी सवालों के जवाब जानते हैं...;

By :  सागर द्विवेदी
Updated On : 13 Feb 2026 12:33 PM IST

एक साधारण सा शिक्षक… जो कभी स्कूल की क्लास में खड़े होकर बच्चों को गणित के फॉर्मूला समझाया करता था. ब्लैकबोर्ड पर चॉक से कैलकुलेशन लिखने वाला वही शख्स एक दिन ऐसी अंधेरी दुनिया का सरगना बन जाएगा, ये शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी. शिक्षा के मंदिर में ज्ञान बांटने वाला इंसान आखिर उस हैवानियत की हद तक कैसे पहुंच गया, जहां आम इंसान की सोच रुक जाती है. लेकिन उसकी घिनौनी कल्पनाएं वहीं से शुरू होती थीं?

ये कहानी है अमेरिका के जेफ्री एपस्टीन की. एक ऐसा नाम, जिसने अपनी काली करतूतों से पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया. आज भी जब उसका जिक्र होता है तो लोगों के मन में सिहरन दौड़ जाती है. सवाल उठता है. कोई इंसान इतना नीचे कैसे गिर सकता है? क्या उसे सिर्फ अपराधी कहना काफी है? या फिर ‘राक्षस’ शब्द भी उसके लिए छोटा पड़ जाता है? यहां तक कि सवाल गूंजता है कि आज अगर ये जिंदा होता तो कितने साल की इसे सजा होती? 

एपस्टीन की मौत साल 2019 में जेल की सलाखों के पीछे हुई. आधिकारिक तौर पर इसे आत्महत्या बताया गया. लेकिन उसकी मौत के बाद जो परतें खुलनी शुरू हुईं, उन्होंने दुनिया को एक ऐसे अंधेरे सच से रूबरू कराया, जो किसी बुरे सपने से कम नहीं. उसकी फाइल्स, उसके संपर्क, उसके राज. सब कुछ इतना रहस्यमयी और भयावह है कि सामने आ रहे नए खुलासे से हर कोई हैरान है.

सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि इस कहानी में सिर्फ एक अपराधी नहीं है. इसमें शामिल हैं दुनिया के बड़े-बड़े नेता, उद्योगपति और प्रभावशाली चेहरे. जिन्हें कभी लोग आदर्श मानते थे, कुछ को तो देवता की तरह पूजते थे! लेकिन अब उन्हीं नामों के साथ सवाल और शक जुड़ चुके हैं. दरअसल, ‘एपस्टीन फाइल्स’ सिर्फ दस्तावेज नहीं हैं. ये उन ताकतवर लोगों की कुंडली हैं, जिनकी चमकदार छवि के पीछे छिपे अंधेरे राज अब दुनिया के सामने आ रहे हैं. जितना बड़ा नाम, उतना बड़ा दाग. आइए इस एक्सप्लेनर में एपस्टीन से जुड़े उन सभी सवालों के जवाब जानते हैं जो लोगों के दिलों दिमाग एक खटक रहे हैं.

30 जनवरी को अमेरिकी न्याय विभाग ने करीब 30 लाख पन्नों के रिकॉर्ड सार्वजनिक किए और इसके साथ ही सत्ता के गलियारों में सन्नाटा छा गया. खुलासों के बाद 10 देशों में 15 से ज्यादा बड़े अधिकारियों को अपने पद छोड़ने पड़े हैं, जबकि 80 से अधिक प्रभावशाली लोगों के खिलाफ जांच जारी है. इन फाइलों में नेताओं, राजदूतों, अरबपतियों और शाही परिवारों के नाम शामिल हैं. ईमेल, फ्लाइट लॉग, संपर्क रिकॉर्ड और निजी बैठकों के विवरण में 700 से 1000 असरदार हस्तियों का जिक्र है. कई मामलों में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के गंभीर आरोप दर्ज हैं. दस्तावेजों में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और हिलेरी क्लिंटन जैसे हाई-प्रोफाइल नाम अलग-अलग संदर्भों में सामने आए हैं.

एपस्टीन फाइल्स में नाम आने पर किस-किस ने दिया इस्तीफा?

सबसे ज्यादा हलचल यूरोप में देखने को मिली है. करीब 10 देशों में इस्तीफों और जांच का सिलसिला शुरू हो गया. ब्रिटेन में तीन वरिष्ठ अधिकारियों पूर्व राजदूत पीटर मैंडेलसन, सलाहकार एडम पेरी और प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी को पद छोड़ना पड़ा. स्लोवाकिया के पूर्व विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मीरोस्लाव लाइचाक ने 300 से ज्यादा ईमेल और आपत्तिजनक चैट सामने आने के बाद इस्तीफा दिया. स्वीडन की वरिष्ठ राजनयिक जोआना रुबिनस्टीन, नॉर्वे की राजदूत मोना जूल, अमेरिका के पूर्व श्रम मंत्री एलेक्स एकोस्टा और एमआईटी लैब प्रमुख जोइची इतो भी पद छोड़ चुके हैं.

एपस्टीन फाइल्स में कितने देशों का जिक्र?

इन खुलासों ने कई सरकारों को कूटनीतिक और राजनीतिक संकट में डाल दिया है. ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी, जबकि प्रिंस एंड्रयू के खिलाफ नई फाइलों के आधार पर ताजा समीक्षा शुरू की गई है. नॉर्वे में राजदूत मोना जूल को निलंबित कर दिया गया और पूर्व प्रधानमंत्री थोरबजॉर्न जगलैंड के खिलाफ भ्रष्टाचार जांच शुरू हुई. फ्रांस में पूर्व मंत्री जैक लैंग को समन जारी हुआ. पोलैंड, लातविया और तुर्किये ने मानव तस्करी और संभावित सरकारी साठगांठ की जांच के लिए विशेष टीमें गठित की हैं.

बड़े नामों को जताना पड़ा अफसोस

नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस मेटे-मारिट के ईमेल सार्वजनिक होने पर संस्थागत समीक्षा हुई और उन्होंने माफी मांगी. माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने एपस्टीन से मुलाकातों पर खेद जताते हुए फाउंडेशन बोर्ड से इस्तीफा दिया. इजराइल के पूर्व प्रधानमंत्री एहुद बराक का नाम भी रिकॉर्ड में सामने आया, जिसके बाद उन्हें सफाई देनी पड़ी. दस्तावेजों में डोनाल्ड ट्रम्प का नाम 38 हजार से अधिक बार दर्ज बताया गया है. रिकॉर्ड के मुताबिक 1990 के दशक में एपस्टीन के निजी विमान से कई यात्राओं और मार-ए-लागो क्लब की गेस्ट लिस्ट में उनका जिक्र है. हालांकि नाम आने का अर्थ अपराध साबित होना नहीं है, लेकिन जांच एजेंसियां नेटवर्क की व्यापकता पर ध्यान दे रही हैं.

जांच में संकेत मिले हैं कि यह यौन शोषण और ट्रैफिकिंग का नेटवर्क केवल अमेरिका तक सीमित नहीं था. एपस्टीन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संपर्कों का जाल बिछाया था, जिसमें 15 देशों के रईस, नेता और प्रभावशाली लोग शामिल बताए जा रहे हैं. 2005: फ्लोरिडा में 14 वर्षीय लड़की की शिकायत से मामला खुला. जांच में 30 नाबालिग लड़कियों के बयान दर्ज हुए.

2006-08: ‘प्ली डील’ के तहत एपस्टीन को हल्की सजा मिली. 13 महीने की जेल और दिन में बाहर काम की अनुमति. इस समझौते को मंजूरी देने वाले अभियोजक एलेक्स एकोस्टा बाद में ट्रम्प सरकार में श्रम मंत्री बने. 2009-15: रिहाई के बाद भी एपस्टीन सक्रिय रहा. ‘लोलिता एक्सप्रेस’ नामक निजी विमान और निजी द्वीप से जुड़ी गतिविधियों पर सवाल उठते रहे. 2017-18: #MeToo आंदोलन के दौरान पीड़ितों की गवाही से मामला फिर सुर्खियों में आया. 2019: न्यूयॉर्क में सेक्स-ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तारी. एक महीने बाद जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत. आधिकारिक रूप से आत्महत्या. 2020-26: कोर्ट आदेश और ‘एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपरेंसी एक्ट’ के तहत 30 लाख पन्नों का खुलासा, वैश्विक जांच शुरू

लेस्ली वेक्सनर का एपस्टीन कनेक्शन!

लेस्ली वेक्सनर 1982 में अमेरिका के सबसे अमीर लोगों में से एक विक्टोरिया सीक्रेट और Bath & Body Works के मालिक ने एपस्टीन को वित्तीय सलाहकार बनाया इसके बाद इन दोनों की दोस्ती इतनी गहरी हो गई कि Power of Attorney दे दी. ये शुरुआत थी उस डरावनी कहानी की, जो बाद में पूरी दुनिया को हिलाने वाली थी.

जेफरी एपस्टीन को लेस्ली वेक्सनर ने गिफ्ट के रुप में न्यूयॉर्क शहर में एक आलीशान सात मंज़िला घर दिया जिसके दरवाजे पर दर्जनों नकली आंखें, हॉल में लटकी दुल्हन की स्कल्पचर, टैक्सिडर्मी किया हुआ बाघ, शेल्फ पर लोलिता का पहला एडिशन था. इस आलीशान महल के हर कमरे में और बाथरुम में छिपे कैमरे. दोस्तों यहीं वह घर था जहां पर दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोग आते थे, बैठते, खाते-पीते, हंसते और छिपे कैमरे हर पल रिकॉर्ड करते . यह घर एपस्टीन का था. यहां तक कि बेडरूम में भी कैमरे बिछे हुए थे, बिस्तर के ठीक ऊपर.

क्या था एपस्टीन का असली मकसद?

एपस्टीन का असली खेल केवल पैसा कमाना नहीं था. उसने नाबालिग लड़कियों और महिलाओं को शोषित किया. उन्हें उच्चस्तरीय पार्टियों और निजी जेट पर भेजा. शक्तिशाली लोगों को ब्लैकमेल किया. फाइल्स में सामने आए नाम- डोनाल्ड ट्रंप, बिल गेट्स, एलोन मस्क, ब्रिटिश प्रिंस एंड्रयू, अनिल अंबानी, हरदीप सिंह पुरी, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जिक्र हालांकि नरेंद्र मोदी के जिक्र वाले दावे पर विदेश मंत्रालय ने खारिज कर दिया है. वहीं हरदीप सिंह पुरी की बात करें तो उन्होंने माना कि हां मैं तीन से चार बार एपस्टीन से मिला हूं. पीसी कर उन्होंने बताया.

एपस्टीन के पार्टनर गिस्लेन मैक्सवेल ने इस नेटवर्क में 1994-1997 तक नाबालिग लड़कियों को शिकार बनाया. जिसमें लड़कियों से दोस्ती करना, फिल्म और शॉपिंग का लालच देना साथ एपस्टीन के मसाज और यौन शोषण के लिए मजबूर करना यह था मैक्सवेल का तरीका यानी कि पहले दोस्ती करो फिर यौन शोषण करो. फाइल्स के अनुसार, लड़कियों को लंबे समय तक बंद रखा गया, जबरन गर्भधारण कराया गया. बच्चे पैदा किए गए और जन्म के बाद गायब. कुछ सौदे क्रिप्टोकरेंसी में. यह वह जगह थी, जहां एपस्टीन की क्रूरता का असली चेहरा दिखा.

ब्रिटिश शाही परिवार और एंड्रयू का स्कैंडल

प्रिंस एंड्रयू के शाही खिताब छीन लिए गए, वर्जिनिया गिफ्रे ने यौन शोषण का खुलासा किया. बेटियां बीट्रिस और यूजिनी की तस्वीरें एपस्टीन को भेजी गई. एक महिला के वकील के अनुसार, एपस्टीन ने उसे शाही महल में प्रिंस एंड्रयू के साथ यौन संबंध बनाने के लिए भेजा.

बच्चियों का मांस खाता था जेफरी एपस्टीन?

एपस्टीन फाइल्स के सार्वजनिक होने के बाद सोशल मीडिया पर नरभक्षण से जुड़े सनसनीखेज दावे वायरल हुए. कुछ लोगों ने “क्रीम चीज” जैसे शब्दों को संदिग्ध अर्थों में जोड़कर प्रचारित किया, जबकि उपलब्ध दस्तावेजों में यह शब्द सामान्य भोजन या आयोजन संदर्भ में इस्तेमाल हुआ है. किसी भी आधिकारिक जांच या अदालती रिकॉर्ड में नरभक्षण का प्रमाणित सबूत नहीं मिला है. 2009 का एक पुराना वायरल वीडियो, जिसमें एक मॉडल ने अमीर लोगों पर बच्चों के खिलाफ भयावह अनुष्ठानों के आरोप लगाए थे, हाल के दावों से जोड़कर फिर से प्रसारित किया गया.

फैक्ट-चेक एजेंसी Snopes के अनुसार, फाइलों में “cannibal” और “cannibalism” जैसे शब्दों का उल्लेख जरूर है, लेकिन वे अप्रमाणित आरोपों और गवाहियों का हिस्सा हैं. हालांकि इन दावों की पुष्टि साफ नहीं हो पाई है. जांच के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप भी सामने आए, लेकिन उनके समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं. कुल मिलाकर, नरभक्षण से जुड़े दावों को लेकर अभी तक कोई प्रमाणिक पुष्टि नहीं हुई है और इन्हें सावधानी से देखने की जरूरत है.

 अंडरवियर में महिला के साथ नजर आए पूर्व ब्रिटिश राजदूत

पूर्व ब्रिटिश राजदूत पीटर मैंडेलसन का नाम जेफ्री एपस्टीन से जुड़े नए दस्तावेजों में फिर सामने आया है. जारी फाइलों में एक तस्वीर और बैंक रिकॉर्ड का उल्लेख है, जिनमें 2003-04 के दौरान एपस्टीन द्वारा उनसे जुड़े खातों में 75,000 डॉलर के भुगतान दिखाए गए हैं. तस्वीर सार्वजनिक होने के बाद मैंडेलसन ने कीर स्टार्मर की लेबर पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया, यह कहते हुए कि वे पार्टी को और शर्मिंदगी नहीं देना चाहते.

दस्तावेजों में 2009 के ईमेल भी शामिल हैं, जिनमें एपस्टीन ने कथित तौर पर बैंकरों के बोनस टैक्स को लेकर चर्चा की थी. उस समय मैंडेलसन बिजनेस सेक्रेटरी थे. ईमेल से संकेत मिलता है कि वे इस मुद्दे पर सरकारी स्तर पर बातचीत कर रहे थे, हालांकि किसी गैरकानूनी कार्रवाई का प्रत्यक्ष प्रमाण सामने नहीं आया है. मैंडेलसन के पति रेनाल्डो अविला दा सिल्वा का नाम भी फाइलों में आया है, जहां फीस भुगतान से जुड़े लेन-देन का जिक्र है. मैंडेलसन ने बयान जारी कर एपस्टीन पर भरोसा करने को गलती बताया और पीड़ितों से माफी मांगी, लेकिन किसी भी आपराधिक संलिप्तता से इनकार किया. एपस्टीन मामला 2005 में नाबालिगों के यौन शोषण के आरोपों से शुरू हुआ था और 2019 में उसकी मौत के बाद भी विवाद जारी है.

पुतिन को 'ऑफर' देना चाहता था जेफ्री एपस्टीन

अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) के हालिया दस्तावेजों से संकेत मिलता है कि जेफ्री एपस्टीन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनके करीबी अधिकारियों तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहा था. 2018 के ईमेल्स के अनुसार, उसने नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री थोर्बजॉर्न यागलैंड के जरिए यह संदेश पहुंचाने का प्रयास किया कि रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव उससे बातचीत करें. दस्तावेज बताते हैं कि एपस्टीन खुद को अंतरराष्ट्रीय राजनीति और निवेश मामलों में प्रभावशाली सलाहकार के रूप में पेश कर रहा था.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, एपस्टीन न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में रूस के तत्कालीन राजदूत विटाली चुरकिन के संपर्क में भी था. ईमेल्स में यह भी सामने आया कि उसने चुरकिन के बेटे को वेल्थ मैनेजमेंट फर्म में नौकरी दिलाने की पेशकश की थी. हालांकि, इन दावों से किसी आधिकारिक सहयोग या साजिश का प्रमाण नहीं मिलता. दस्तावेजों में यह भी उल्लेख है कि 2013 से ही एपस्टीन पुतिन से मुलाकात की कोशिश कर रहा था और निवेश संबंधी सलाह देने का दावा कर रहा था. पोलैंड में इन कथित संबंधों को लेकर जांच शुरू हुई है, जबकि रूस ने किसी भी खुफिया कनेक्शन के आरोपों को सिरे से खारिज किया है.

फाइल्स में सामने आया कि लड़कियों के साथ क्या किया गया?

  • पाम बीच स्थित घर में प्राइवेट कार से लाया जाता था.
  • लड़कियों की निजी जानकारी नोट की जाती.
  • उन्हें शॉवर और मसाज टेबल वाले कमरे में ले जाया जाता.
  • शुरुआती लड़कियों को अनुभवी पीड़ित सिखाती थी कि क्या करना है.
  • एपस्टीन और गिस्लेन मैक्सवेल का डरावना तरीका. 
  • लड़कियों को एक-दूसरे के साथ सेक्स रिलेशन बनाने के लिए मजबूर करना,
  • पैसे और उपहारों का लालच देकर मानसिक रूप से कर्जदार और नियंत्रित करना.
  • फोन कॉल और धमकी के जरिए लड़कियों को लगातार फॉलो करना.
  • पीड़ितों ने बताया कि उन्हें अक्सर 15 साल की उम्र में शोषण के लिए फंसाया गया.

2008 में एपस्टीन के खिलाफ पहला मामला कैसे सामने आया? 

2008 में एक 14 वर्षीय लड़की के माता-पिता ने पुलिस को बताया कि पाम बीच स्थित जेफ्री एपस्टीन के घर पर उनकी बेटी के साथ यौन हिंसा हुई. जांच के दौरान घर से कई नाबालिग लड़कियों की तस्वीरें और अन्य सामग्री मिली. बाद में एपस्टीन को नाबालिगों से सेक्स वर्क करवाने के आरोप में दोषी ठहराया गया और वह सेक्स अपराधी के रूप में पंजीकृत हुआ. हालांकि, फ्लोरिडा में अभियोजकों के साथ एक विवादित “प्ली डील” के कारण उसे अपेक्षाकृत कम सजा मिली.

2019 में क्या हुआ और उसकी मौत कैसे हुई?

करीब 11 साल बाद, 2019 में, एपस्टीन पर फिर से आरोप लगा कि वह नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण नेटवर्क चला रहा था. न्यूयॉर्क में गिरफ्तारी के बाद वह ट्रायल का इंतजार कर रहा था, तभी जेल में उसकी मौत हो गई. आधिकारिक तौर पर इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन इस पर सार्वजनिक बहस जारी रही.

“एपस्टीन फाइल्स” में क्या शामिल है?

दोनों जांचों के दौरान भारी मात्रा में दस्तावेज़ जमा हुए-पीड़ितों और गवाहों के बयान, छापों में बरामद सामग्री, ईमेल, संपर्क रिकॉर्ड और फ्लाइट लॉग. 2025 के न्याय विभाग के एक मेमो के अनुसार, एफ़बीआई के पास 300 जीबी से अधिक डेटा है, जिसमें बच्चों के शोषण से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो शामिल बताए गए हैं. सर्वाइवर की पहचान की सुरक्षा के कानूनों के कारण ऐसी सामग्री सार्वजनिक नहीं की जाएगी. समय-समय पर जारी दस्तावेज़ों को ही आम तौर पर “एपस्टीन फाइल्स” कहा जाता है. एपस्टीन की सहयोगी और पूर्व साथी गिस्लेन मैक्सवेल के खिलाफ अलग जांच हुई. 2021 में उसे नाबालिग लड़कियों की सेक्स-ट्रैफिकिंग में भूमिका के लिए दोषी ठहराया गया.

हाल में कौन-कौन से दस्तावेज़ जारी हुए?

रिपोर्ट्स के अनुसार लगभग 30 लाख नए दस्तावेज़ जारी किए गए हैं, जिनमें कुछ सामग्री पहले से सार्वजनिक थी (जैसे तस्वीरें, ईमेल और संपत्ति रिकॉर्ड). 2025 में चरणबद्ध रिलीज़ के दौरान सीमित पन्ने सार्वजनिक किए गए, जिनमें फ्लाइट लॉग और संपर्क विवरण थे; कुछ नाम गोपनीयता कारणों से छिपाए गए.

अमेरिकी कांग्रेस में फाइलों की रिलीज़ को लेकर क्या हुआ?

अमेरिकी संसद में एक डिस्चार्ज पिटीशन के ज़रिए वोट हुआ. हाउस में बिल भारी बहुमत से पारित हुआ और सीनेट में भी बिना विरोध पास हुआ, जिसके बाद राष्ट्रपति ने हस्ताक्षर किए. फिर भी अटॉर्नी जनरल को अधिकार है कि जांच को नुकसान या पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाली जानकारी रोकी जा सके.

क्या दस्तावेज़ों में बड़े नामों का उल्लेख है?

सार्वजनिक रिकॉर्ड में कई प्रसिद्ध हस्तियों के नाम अलग-अलग संदर्भों में दर्ज हैं- जैसे फ्लाइट लॉग, संपर्क सूची या सामाजिक कार्यक्रमों के संदर्भ. महत्वपूर्ण: किसी दस्तावेज़ में नाम होना अपराध का प्रमाण नहीं है. संबंधित व्यक्तियों ने कई मामलों में आरोपों से इनकार किया है.

डोनाल्ड ट्रंप और एपस्टीन के संबंधों पर क्या जानकारी है?

सार्वजनिक रिपोर्टों में दोनों के 1990 के दशक में सामाजिक संपर्क और कुछ कार्यक्रमों में साथ दिखने का उल्लेख मिलता है. कुछ दस्तावेज़ों में ट्रंप का नाम संपर्क सूची और फ्लाइट लॉग में दर्ज बताया गया है. ट्रंप ने गलत कार्यों के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि पहली गिरफ्तारी से पहले ही उनका एपस्टीन से संबंध खत्म हो गया था. मीडिया रिपोर्ट्स में अलग-अलग दावे हैं; नाम का उल्लेख अपराध सिद्ध नहीं करता.

कितनी बार जेल गया एपस्टीन?

2005 में एपस्टीन के खिलाफ पहला केस सामने आया फिर साल 2008 में उसके 13 महीने की जेल हुई इसके बाद साल 2019 में गिरफ्तारी और जेल में मौत हो गई लेकिन उसकी मौत के बाद वो खुलासे सामने आ रहे हैं जो कि एक आम आदमी की सोच से कोसो दूर है. अमेरिका और ब्रिटेन, दोनों में यह केस राजनीति, बिजनेस और शाही परिवार की गहरी सच्चाइयों को उजागर करता है.

एपस्टीन ने दुनिया को दिखा दिया कि कैसे अमीर, शक्तिशाली और प्रभावशाली लोग नाबालिगों का शिकार बना सकते हैं, और कैसे सिस्टम उनके खिलाफ कदम उठाने में विफल रहता है! 30 लाख पेज, 1.80 लाख तस्वीरें और 2,000 वीडियो. अरबपति, नेता, शाही परिवार और उद्योगपतियों का दखल. नाबालिग लड़कियों और महिलाओं का यौन शोषण. ये सभी तथ्य बताते हैं कि एपस्टीन फाइल्स केवल एक अपराधी की कहानी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता और घिनौनी सच्चाई हैं.

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