Netanyahu के वीडियो को Grok ने बता दिया Deepfake, कैफे ने दे दिए 3 'जिंदा' सबूत

Benjamin Netanyahu के एक वायरल वीडियो को Grok ने डीपफेक बताया, लेकिन जिस कैफे में वीडियो शूट होने का दावा है, वहां से तीन ‘जिंदा’ सबूत सामने आए. कैफे स्टाफ और लोकेशन डिटेल्स ने वीडियो के असली होने का दावा किया, जिससे सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई.

( Image Source:  סטף, הרי ירושלים- instagram )

मीडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच इजराइल और ईरान के बीच टकराव लगातार सुर्खियों में है. इसी बीच इजराइली वायुसेना ने दावा किया है कि उसने ईरान की राजधानी तेहरान स्थित Mehrabad Airport पर एयरस्ट्राइक कर एक विशेष विमान को नष्ट कर दिया. इजराइल का कहना है कि यह विमान ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei और अन्य सीनियर अधिकारियों के उपयोग में था.

इधर सोशल मीडिया पर एक और विवाद खड़ा हो गया, जब इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu की मौत को लेकर अफवाहें फैलने लगीं. तो वहीं Netanyahu ने एक वीडियो जारी कर उन्होंने अपनी हाथ की उगली दिखाई और बताया कि मैं जिंदा हूं. तो वहीं उनके इस वीडियो को Grok ने डीपफेक बताया जिसके बाद इन अफवाहों के बीच एक कैफे से उनकी ताजा तस्वीरें सामने आईं, जिनमें वह कॉफी पीते दिखाई दे रहे हैं. इससे यह इसारा मिला कि प्रधानमंत्री सेफ हैं और एक्टिव रूप से काम कर रहे हैं.

तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर इजराइल ने क्या दावा किया?

इजराइली वायुसेना के अनुसार उसने तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर एक एयरस्ट्राइक कर उस विमान को नष्ट कर दिया, जिसका इस्तेमाल ईरान के शीर्ष नेतृत्व द्वारा किया जाता था. इजराइल का कहना है कि यह विमान केवल यात्रा के लिए नहीं, बल्कि सैन्य खरीद और सहयोगी देशों के साथ संपर्क बनाए रखने के लिए भी उपयोग में लाया जाता था. इस हमले को ईरान के सैन्य ढांचे पर एक रणनीतिक चोट के रूप में देखा जा रहा है.

नेतन्याहू की मौत की अफवाहें क्यों फैलने लगीं?

हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर यह दावा तेजी से फैलने लगा कि इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ईरान के किसी हमले में मारे गए हैं. ये अटकलें तब और तेज हो गईं जब ईरान-इजराइल तनाव बढ़ने के बाद कई अपुष्ट पोस्ट सामने आए, जिनमें कहा गया कि ईरान बदले की कार्रवाई में नेतन्याहू को निशाना बना सकता है. कुछ पोस्टों में कथित रूप से घायल नेतन्याहू की तस्वीरें भी शेयर की गईं, जिससे भ्रम और बढ़ गया.

कैफे की तस्वीरों ने क्या संकेत दिया?

इसी बीच यरुशलम के एक कैफे The Sataf ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर नेतन्याहू की कुछ तस्वीरें साझा कीं. इन तस्वीरों में प्रधानमंत्री कैफे में कॉफी का आनंद लेते दिखाई दे रहे थे. कैफे ने पोस्ट में लिखा कि 'आज सटाफ में प्रधानमंत्री और उनके कार्यालय की मेजबानी करके हमें बहुत खुशी हुई! जानिए कौन-सी बेकरी जरूर विजिट करें.' इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों को काफी हद तक शांत कर दिया.

कैफे ने इलाके शांति को लेकर क्या कहा?

कैफे ने अपने पोस्ट में क्षेत्र में शांति की कामना भी व्यक्त की. पोस्ट में कहा गया कि 'सबसे अहम बात यह है कि खूबसूरत और शांत दिन आएंगे. हम यहां से रिज़र्व में तैनात सभी पुरुषों और महिलाओं (और उनके परिवारों), आईडीएफ और सुरक्षा व बचाव बलों को एक बड़ा सा आलिंगन भेजते हैं.' इस संदेश को कई लोगों ने युद्ध के माहौल में शांति की अपील के रूप में देखा.

AI डीपफेक विवाद कैसे शुरू हुआ?

नेतन्याहू का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह एक कैफे में कॉफी ऑर्डर करते दिखाई देते हैं. इसी वीडियो को लेकर विवाद तब बढ़ गया जब Grok, जो कि xAI का AI चैटबॉट है, ने एक यूजर के सवाल पर इसे '100% deepfake' बताया. इस टिप्पणी के बाद वीडियो की प्रामाणिकता को लेकर इंटरनेट पर बहस छिड़ गई और कई लोगों ने इसे AI से तैयार क्लिप बताना शुरू कर दिया.

छह उंगलियों वाले दावे की सच्चाई क्या निकली?

वीडियो को लेकर कुछ यूजर्स ने दावा किया कि उसमें नेतन्याहू के हाथ में छह उंगलियां दिखाई दे रही हैं, जिससे यह AI जनरेटेड क्लिप लगती है. हालांकि बाद में यह दावा गलत साबित हुआ. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह भ्रम एक भ्रामक स्क्रीनशॉट के कारण पैदा हुआ था, जबकि मूल वीडियो में ऐसा कुछ नहीं था.

इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने अफवाहों पर क्या कहा?

सोशल मीडिया पर बढ़ती अटकलों के बीच प्रधानमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट बयान जारी किया. कार्यालय ने कहा कि 'ये फेक न्यूज हैं, प्रधानमंत्री बिल्कुल ठीक हैं.' सरकारी चैनलों के जरिए साझा की गई जानकारी के अनुसार नेतन्याहू फिलहाल इजराइल में हैं और ईरान के साथ जारी तनाव पर देश की रणनीति को समन्वित कर रहे हैं.

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