US-Iran Tension: अमेरिका करने वाला है ईरान पर तगड़ा हमला! भारतीय तुरंत छोड़ें ईरान, सरकार ने जारी की एडवाइजरी

ईरान में संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और ताजा विरोध प्रदर्शनों के बीच भारत ने अपने नागरिकों को देश छोड़ने की सलाह दी है. तेहरान में तनाव बढ़ा है, जबकि परमाणु समझौते को लेकर वार्ता जारी है.

US-Iran Tension

By :  सागर द्विवेदी
Updated On : 23 Feb 2026 4:49 PM IST

ईरान में तेजी से बदलते हालात और संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की आशंकाओं के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है. तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यवसायियों और पर्यटकों सहित सभी भारतीयों को उपलब्ध वाणिज्यिक उड़ानों समेत किसी भी माध्यम से ईरान छोड़ने की सलाह दी है.

यह परामर्श ऐसे समय आया है जब एक ओर अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर वार्ता जारी है, वहीं दूसरी ओर देश के कई हिस्सों में ताजा सरकार विरोधी प्रदर्शन भड़क उठे हैं. बढ़ते सैन्य जमावड़े और आंतरिक अशांति ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है.

भारतीय दूतावास ने क्या नई एडवाइजरी जारी की है?

तेहरान में भारतीय मिशन ने 5 जनवरी 2026 को जारी पूर्व परामर्श के संदर्भ में नई चेतावनी दोहराई है. ताजा सलाह में कहा गया है कि 5 जनवरी 2026 को भारत सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी के क्रम में और ईरान में बदलते हालात को देखते हुए, वर्तमान में ईरान में मौजूद भारतीय नागरिक- छात्र, तीर्थयात्री, व्यवसायी और पर्यटक- उपलब्ध परिवहन साधनों, जिसमें वाणिज्यिक उड़ानें भी शामिल हैं, के जरिए ईरान छोड़ने की सलाह दी जाती है.' दूतावास ने भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के व्यक्तियों (PIOs) से अपील की है कि वे प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहें, स्थानीय मीडिया पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर दूतावास से संपर्क करें.

क्या अमेरिका ईरान पर सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के आसपास मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है. उन्नत फ्रिगेट, लड़ाकू विमान और समन्वय इकाइयों की तैनाती को हाल के दशकों का सबसे बड़ा सैन्य जमावड़ा बताया जा रहा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार तेहरान को चेतावनी दी है कि यदि कूटनीतिक प्रयास विफल होते हैं तो सीमित सैन्य कार्रवाई संभव है. हालांकि, वाशिंगटन और तेहरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर बातचीत जारी है और अगला दौर जिनेवा में प्रस्तावित है.

ईरान का रिएक्शन क्या?

ईरान ने किसी भी तरह के दबाव को खारिज करते हुए कहा है कि वह किसी भी संभावित स्थिति के लिए तैयार है, लेकिन कूटनीति को प्राथमिक रास्ता मानता है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि वे जिनेवा में अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ से मुलाकात की उम्मीद कर रहे हैं और परमाणु मुद्दे पर समाधान की 'अच्छी संभावना' बनी हुई है. वाशिंगटन फिलहाल तेहरान की ओर से प्रस्तावित ढांचे का इंतजार कर रहा है, जो आने वाले दिनों में पेश किया जा सकता है.

ईरान में ताजा विरोध प्रदर्शन क्यों भड़के?

प्रत्यक्षदर्शियों और रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान और मशहद सहित कई शहरों में विश्वविद्यालय छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए. ये प्रदर्शन उन लोगों की याद में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान हुए, जो करीब छह सप्ताह पहले हुए देशव्यापी प्रदर्शनों पर कार्रवाई में मारे गए थे. कुछ जगहों पर सरकार समर्थकों और विरोधियों के बीच झड़पें भी हुईं. प्रदर्शनकारियों ने नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी की.

क्या पहले भी ऐसे प्रदर्शन हुए थे?

जनवरी की शुरुआत में हुए विरोध प्रदर्शनों को सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के प्रशासन के तहत सख्ती से दबा दिया गया था. उस दौरान कई प्रदर्शनकारियों की मौत और बड़ी संख्या में गिरफ्तारियों की खबरें सामने आई थीं. ताजा घटनाक्रम इस बात का संकेत है कि ईरान में राजनीतिक अस्थिरता और बाहरी दबाव एक साथ बढ़ रहे हैं.

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