कितनी खतरनाक है ईरान की NOPO फोर्स, जो करेगी सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei की सुरक्षा? क्यों और कैसे कुचल देती है विरोध

ईरान की एलीट काउंटरटेरर यूनिट NOPO को देश की सबसे गुप्त और खतरनाक सुरक्षा फोर्स माना जाता है. अब यही यूनिट नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei की सुरक्षा में तैनात बताई जा रही है.

Curated By :  धीरेंद्र कुमार मिश्रा
Updated On : 12 March 2026 12:37 PM IST

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की एक बेहद गुप्त और खतरनाक सुरक्षा यूनिट फिर चर्चा में है. यह यूनिट है NOPO, जिसे ईरान की सबसे खास काउंटरटेरर फोर्स माना जाता है. रिपोर्ट्स के अनुसार अब इस यूनिट को नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei की सुरक्षा में लगाया गया है.

बताया जा रहा है कि पूर्व सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत के बाद ईरान ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है. इसी कारण सबसे भरोसेमंद मानी जाने वाली NOPO फोर्स को सक्रिय किया गया है. काले कपड़ों और हाई-टेक हथियारों से लैस यह यूनिट अंदरूनी खतरों से लेकर विरोध प्रदर्शनों को दबाने तक कई संवेदनशील मिशनों में इस्तेमाल की जाती रही है.

NOPO फोर्स क्या है और इसका नाम किसका संक्षेप है?

NOPO दरअसल फारसी नाम “Niru-ye Vijeh-ye Pasdaran-e Velayat” का संक्षिप्त रूप है. इसका मतलब होता है शासन या सर्वोच्च नेतृत्व की सुरक्षा के लिए बनाई गई विशेष फोर्स. यह यूनिट देश के सबसे संवेदनशील सुरक्षा मिशनों को अंजाम देती है और सीधे शासन के शीर्ष सुरक्षा ढांचे से जुड़ी मानी जाती है. इसका मुख्य उद्देश्य किसी भी तरह के आतंरिक खतरे या साजिश से नेतृत्व की रक्षा करना है.

NOPO की शुरुआत कब और क्यों हुई?

NOPO की स्थापना 1991 में की गई थी. उस समय ईरान को डर था कि आतंरिक अस्थिरता, विद्रोह या विदेशी साजिशें शासन के लिए खतरा बन सकती हैं. इसी वजह से एक ऐसी स्पेशल फोर्स बनाई गई जो आतंकवाद विरोधी अभियानों के साथ-साथ सत्ता की सुरक्षा भी कर सके. यह यूनिट Islamic Revolutionary Guard Corps यानी IRGC से अलग मानी जाती है, लेकिन इसके साथ मिलकर भी काम करती है.

IRGC से ज्यादा खतरनाक क्यों मानी जाती है?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक NOPO का आकार बहुत बड़ा नहीं है, लेकिन इसके सदस्य बेहद कड़े प्रशिक्षण से गुजरते हैं. बताया जाता है कि इसमें कुल छह ब्रिगेड हैं. चार तेहरान में, एक मशहद और एक इस्फहान में तैनात.

विशेषज्ञों के अनुसार यह यूनिट शहरी युद्ध, आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन और हाई-रिस्क मिशनों में माहिर होती है. इसकी ट्रेनिंग इतनी कठोर मानी जाती है कि कई विश्लेषक इसे IRGC की आम इकाइयों से भी ज्यादा घातक बताते हैं.

विरोध प्रदर्शनों को कुचलने में NOPO की भूमिका क्या रही है?

ईरान में जब भी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन या अस्थिरता की स्थिति पैदा होती है, तब इस यूनिट को तैनात किया जाता है. इसका इस्तेमाल कई बार प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने या सरकार विरोधी आंदोलनों को दबाने में किया गया है. यह भी कहा गया है कि संवेदनशील जेलों और राजनीतिक कैदियों वाले इलाकों की सुरक्षा में भी NOPO के जवान तैनात रहते हैं.

नए सुप्रीम लीडर की सुरक्षा में NOPO क्यों अहम मानी जा रही है?

ईरान की सत्ता संरचना में बदलाव के बाद सुरक्षा खतरे बढ़ने की आशंका है. ऐसे में सबसे भरोसेमंद और प्रशिक्षित सुरक्षा यूनिट को नए नेतृत्व की सुरक्षा में लगाया जाना स्वाभाविक माना जा रहा है. विश्लेषकों का कहना है कि NOPO की खासियत उसकी गोपनीयता, तेज कार्रवाई और उच्च स्तर की ट्रेनिंग है. यही वजह है कि संकट के समय इसे ईरान की “अंतिम सुरक्षा ढाल” माना जाता है.

NOPO की खासियत क्या है?

  • 1991 में बनी ईरान की एलीट काउंटरटेरर यूनिट.
  • सुप्रीम लीडर और शासन की सुरक्षा इसका मुख्य मिशन.
  • सीमित लेकिन बेहद प्रशिक्षित ब्रिगेड संरचना.
  • विरोध प्रदर्शनों और आतंरिक खतरों से निपटने में इस्तेमाल.
  • तेज, गुप्त और उच्च जोखिम वाले ऑपरेशन में माहिर.

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