एपस्टीन का इजराइली कनेक्शन, खुफिया एजेंसी मोसाद से मिली थी ट्रेनिंग, रिपोर्ट ने खोले कई राज़!
एपस्टीन से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है. दावा किया जा रहा है कि एपस्टीन खुफिया एजेंसी मोसाद का एजेंट था. इसके साथ ही उसके इजराइल के पूर्व प्रधानमंत्री के साथ कनेक्शन थे.;
Epstein Files Updates: अमेरिकी एजेंसी की ओर से जारी एक दस्तावेज ने एपस्टीन को लेकर बड़ा खुलासा किया है. इस दस्तावेज़ को Confidential Human Source (CHS) रिपोर्ट के तौर पर चिन्हित किया गया है. इस दस्तावेज़ में अमेरिका के चुनावी प्रक्रिया पर घरेलू या विदेशी अनुचित प्रभाव से जुड़ी खुफिया जानकारी शामिल है. इस दस्तावेज़ में जेफ्री एपस्टीन को लेकर भी बड़ा दावा किया गा है.
दस्तावेज के मुताबिक, स्रोत ने दावा किया है कि उसने हार्वर्ड लॉ प्रोफेसर एलन डर्शोविट्ज़ और जेफ्री एपस्टीन के बीच हुई फोन बातचीत को सुना और उसके दौरान नोट्स भी बनाए. इन फोन कॉल्स से जुड़ी जानकारी बाद में इज़राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद तक पहुंचाई जाती थी.
मुखबिर ने क्या किया दावा?
मिडिल ईस्ट आई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस खुफिया जानकारी को 16 अक्टूबर 2020 को सौंपने वाले मुखबिर ने आरोप लगाया कि पूर्व इज़राइली प्रधानमंत्री एहुद बराक, मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को एक अपराधी मानते थे. मुखबिर का कहना है कि उसने एपस्टीन से जुड़ी कई बातचीत सुनीं, जिसके बाद वे इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि जेफ्री एपस्टीन मोसाद के जरिए को-ऑप्ट किया गया एजेंट था.
क्या है एपस्टीन से एहुद बराक का कनेक्शन?
हाल ही में जारी अन्य दस्तावेजों से यह भी सामने आया है कि जेफ्री एपस्टीन और इजराइल के पूर्व प्रधानमंत्री एहुद बराक के बीच लंबे समय से करीबी संबंध थे. बराक 2007 से 2013 तक इज़राइल के रक्षा मंत्री भी रह चुके हैं.
दस्तावेजों के अनुसार, एपस्टीन ने बराक को टेक कंपनी Palantir से जुड़े मामलों में सलाह दी थी. इसके अलावा, एपस्टीन ने बराक से यह भी कहा था कि वह ब्रिटेन के पूर्व मंत्री लॉर्ड पीटर मैंडेलसन को एक ऊर्जा कंपनी में नौकरी दिलाने में मदद करें. दोनों के बीच ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर को दी जाने वाली भारी कंसल्टेंसी फीस को लेकर भी बातचीत हुई थी.
इस मामले पर नेतन्याहू ने क्या कहा?
इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए, शुक्रवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि जेफ्री एपस्टीन का एहुद बराक के साथ असामान्य रूप से करीबी रिश्ता यह संकेत नहीं देता कि एपस्टीन इज़राइल के लिए काम करता था, बल्कि यह इसके उलट साबित करता है.
हालांकि, नेतन्याहू ने आगे आरोप लगाया कि एहुद बराक पिछले कई सालों से इज़राइली लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बराक ने एंटी-ज़ायनिस्ट कट्टरपंथी वामपंथियों के साथ मिलकर चुनी हुई सरकार को गिराने के असफल प्रयास किए और सरकार को कमजोर करने के लिए सार्वजनिक और पर्दे के पीछे कई गतिविधियों में शामिल रहे.
मुखबिर का बड़ा दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, मुखबिर को यह भी याद है कि एलन डर्शोविट्ज़ ने एक अन्य अमेरिकी वकील से कहा था कि एपस्टीन अमेरिकी और सहयोगी देशों की खुफिया एजेंसियों से जुड़ा हुआ था.
एपस्टीन से बात करने वाले शख्स के क्या थे मोसाद से कनेक्शन?
यह नाम न बताने वाला सोर्स एपस्टीन फाइल्स में केवल एक बार एक निर्धारित सोर्स आईडी के तहत सामने आया है. इसी सोर्स ने यह दावा भी किया कि एलन डर्शोविट्ज़ खुद भी मोसाद के जरिए को-ऑप्ट किए गए थे. एलन डर्शोविट्ज़ एक विवादास्पद शख्सियत माने जाते हैं और लंबे समय से नेतन्याहू के मित्र और सलाहकार रहे हैं.
एलन डर्शोविट्ज़ कई हाई प्रोफाइल केस के वकील
वह कई हाई-प्रोफाइल अमेरिकी मामलों में बचाव पक्ष के वकील रहे हैं. रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि ट्रंप के दामाद और पूर्व सलाहकार जेरेड कुशनर के परिवार और इज़राइल के बीच लंबे समय से संबंध रहे हैं. स्रोत ने जेरेड कुशनर के पिता चार्ल्स कुशनर का भी जिक्र किया और कहा कि कुशनर परिवार के इज़राइल से गहरे रिश्ते हैं और उनके व्यापारिक इतिहास में कथित भ्रष्टाचार रहा है.