“मंगलवार 8 बजे तक फैसला करो”, ट्रंप ने बढ़ाई डेडलाइन, नहीं माना Iran तो क्या करने वाला है America?
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के लिए एक दिन का और इजाफा कर दिया है. ट्रंप ने मंगलावर रात तक का वक्त दिया है. अगर उस वक्त तक ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खोलता है तो अमेरिका बड़ा कदम उठा सकता है.
Iran War: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने रविवार को ईरान को लेकर अपनी तय समयसीमा में 24 घंटे की बढ़ोतरी करते हुए एक नई डेडलाइन दे दी है. उन्होंने कहा है कि अगर ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को खोलने पर सहमत नहीं होता है, तो उसे बड़े स्तर पर बुनियादी ढांचे पर हमलों का सामना करना पड़ सकता है.
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक संक्षिप्त और रहस्यमय पोस्ट में नई समयसीमा “मंगलवार, रात 8 बजे (ईस्टर्न टाइम)” बताई. यह समय भारतीय समय के अनुसार बुधवार सुबह 5:30 बजे होगा. इसका मतलब है कि तेहरान के पास अब एक और दिन है ताकि वह अमेरिका के साथ किसी समझौते की दिशा में कदम बढ़ा सके.
ईरान अगर ऐसा नहीं करता है तो क्या होगा?
अगर ऐसा नहीं होता है, तो ट्रंप पहले ही ईरान के पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाने की धमकी दे चुके हैं, जिसे ईरान ने “युद्ध अपराध” करार दिया है. इससे पहले भी ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कड़े शब्दों में ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर स्ट्रेट को नहीं खोला गया, तो वह वहां के पावर प्लांट और पुलों को निशाना बना सकते हैं. उनके इस बयान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काफी प्रतिक्रिया देखने को मिली है.
गौरतलब है कि ईरान ने 28 फरवरी से अमेरिका और इजरायल के बमबारी अभियान के बाद से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को प्रभावी रूप से बंद कर रखा है. यह समुद्री मार्ग दुनिया के तेल और गैस सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जाता है. इसके बंद होने से कई देशों में ईंधन और गैस का संकट गहरा गया है, जिससे वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और इसका दबाव अमेरिका में मिड-टर्म चुनाव के साल में ट्रंप पर भी पड़ रहा है.
राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहने वाले ट्रंप ने हाल ही में कई मीडिया संस्थानों को छोटे-छोटे इंटरव्यू दिए. इन इंटरव्यू में उन्होंने एक अमेरिकी एयरमैन के रेस्क्यू ऑपरेशन का जिक्र करते हुए ईरान को लेकर अपनी सख्त स्थिति दोहराई.
इंटकव्यूज में क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?
The Wall Street Journal को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस समय बहुत मजबूत स्थिति में है और अगर ईरान ने मंगलवार शाम तक कोई कदम नहीं उठाया, तो वहां के पावर प्लांट और पुल पूरी तरह तबाह हो सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसा हुआ तो ईरान को दोबारा खड़ा होने में 20 साल तक लग सकते हैं, अगर वह एक देश के रूप में बचा रहा तो.
क्या ईरान पर कब्जे की कही बात?
Fox News को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सोमवार तक कोई समझौता हो सकता है. उन्होंने कहा कि बातचीत जारी है और डील होने की संभावना बनी हुई है. हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो वह बड़े स्तर पर कार्रवाई करने पर विचार कर रहे हैं, जिसमें ईरान के तेल संसाधनों पर कब्जा करने की बात भी शामिल है.
इसी इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने ईरानी वार्ताकारों को “मौत से सुरक्षा” देने का आश्वासन दिया है और यह भी कहा कि ईरान ने परमाणु हथियार विकसित न करने की बात मान ली है. उनके मुताबिक, इस मुद्दे पर अब कोई विवाद नहीं बचा है और ज्यादातर शर्तों पर सहमति बन चुकी है.
ABC News को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि यह संघर्ष हफ्तों नहीं बल्कि कुछ दिनों में खत्म हो सकता है. हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर कोई समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका की कार्रवाई की सीमा बहुत कम रह जाएगी और वह किसी भी स्तर तक जा सकता है.