'मेरी पसंद Iran का तेल लेना', Trump ने एकदम साफ की अपनी मंशा, क्या तेहरान का ये द्वीप बन जाएगा जंग का मैदान?
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने नई बहस छेड़ दी है, जहां उन्होंने ईरान के तेल पर कब्जे को सबसे बेहतर विकल्प बताया है. उन्होंने साफ कहा है कि उनकी पसंद ईरान का तेल लेना है.
Middle East Crisis: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि वह ईरान के तेल पर कब्जा करना “सबसे बेहतर विकल्प” मानते हैं. साथ ही उन्होंने संकेत दिए कि अमेरिका तेहरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप को अपने नियंत्रण में लेने की दिशा में कदम बढ़ा सकता है.
फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि उनकी प्राथमिकता ईरान के तेल संसाधनों पर नियंत्रण स्थापित करना है. उन्होंने इसकी तुलना वेनेजुएला से की, जहां अमेरिका कथित तौर पर तेल सेक्टर पर लंबे समय तक नियंत्रण बनाए रखने की योजना बना रहा है, खासकर वहां के नेता निकोलस मादुरो को हिरासत में लेने के बाद.
ईरान की जंग का पूरी दुनिया पर क्या असर?
यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान का संघर्ष और गहराता जा रहा है. इस टकराव का असर वैश्विक बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है. सोमवार को एशियाई कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड की कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जो इस संघर्ष की शुरुआत के बाद से उच्चतम स्तर के करीब है.
क्या बोले डानाल्ड ट्रंप?
ट्रंप ने अपने बयान में कहा, “सच कहूं तो मेरी पसंद ईरान का तेल लेना है, लेकिन अमेरिका में कुछ लोग पूछते हैं कि ऐसा क्यों किया जाए. वे लोग गलत हैं.” विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अमेरिका ऐसा कोई कदम उठाता है तो इसके तहत खार्ग द्वीप पर कब्जा करना शामिल हो सकता है, जहां से ईरान के अधिकांश तेल निर्यात होते हैं. इस बीच अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी भी बढ़ा दी है.
क्या अमेरिका कर रहा है हमले की प्लानिंग?
पेंटागन ने करीब 10,000 सैनिकों की तैनाती का आदेश दिया है, जिन्हें जमीनी ऑपरेशन और किसी क्षेत्र पर कब्जा बनाए रखने के लिए प्रशिक्षित किया गया है. इनमें से लगभग 3,500 सैनिक शुक्रवार को पहुंच चुके हैं, जिनमें करीब 2,200 मरीन शामिल हैं. इसके अलावा 2,200 और मरीन रास्ते में हैं और 82nd Airborne Division के हजारों सैनिकों को भी भेजा जा रहा है.
कितना चैलेंजिंग होगा खार्ग पर कब्जा करना?
हालांकि खार्ग द्वीप को निशाना बनाना जोखिम भरा भी हो सकता है. इससे अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने की संभावना बढ़ सकती है और युद्ध की अवधि व लागत दोनों में इजाफा हो सकता है. ट्रंप ने कहा, “हो सकता है हम खार्ग द्वीप लें, हो सकता है नहीं लें. हमारे पास कई विकल्प हैं. लेकिन अगर ऐसा हुआ तो हमें वहां कुछ समय तक रहना होगा.”
मोजतबा पर क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका अब तक 13,000 ठिकानों पर हमले कर चुका है और करीब 3,000 लक्ष्य अभी बाकी हैं. उनके अनुसार, “समझौता जल्दी हो सकता है.” ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर भी सवाल उठाए. उनका कहना है कि मोजतबा या तो मारे जा चुके हैं या बेहद गंभीर रूप से घायल हैं.