कुछ ही महीनों में बढ़ गई 11% संपत्ति, मोहम्मद यूनुस पर उठते सवाल! कहीं शेख हसीना की तरह छोड़ना न पड़ जाए बांग्लादेश
बांग्लादेश की अत्रिम सरकार के लीडर मोहम्मद यूनुस पर गाज गिर सकती है. जिस तरह उनकी प्रोपर्टी में इज़ाफा हुआ है, उससे वह जांच के घेरे में आ सकते हैं.;
Bangladesh News: बांग्लादेश की सत्ता में बदलाव हो गया है और अंतरिम सरकार के मंत्री मोहम्मद यूनुस तारिक रहमान को सत्ता सौंपने वाले हैं. लेकिन, इससे पहले कयास लगाए जा रहे हैं कि कहीं मोहम्मद यूनुस का भी वही हाल न हो जो शेख हसीना का हुआ था. अगर उनकी प्रॉपर्टी में हुई बढ़ोतरी की जांच की गई तो हो सकता है कि उन्हें देश छोड़कर भागना पड़े या फिर उन्हें जेल में डाल दिया जाए.
शेख हसीना सरकार के बदलने के बाद मोहम्मद यूनुस की अंत्रिम सरकार बनी थी. इस दौरान देखा गया कि उनकी सरकार के मंत्रियों की प्रॉपर्टी में भारी उछाल आया है. सवाल उठता है कि जिस हालत में बांग्लादेश था उस कंडीशन में उनकी प्रॉपर्टी में इतना कैसे इज़ाफा हो सकता है?
क्या है पूरा मामला?
दस्तावेज़ों के मुताबिक, 18 महीनों में मोहम्मद यूनुस की प्रोपर्टी में लगभग 11 फीसद की बढ़ोतरी हुई है. वर्तमान में उनकी संपत्ति लगभग साढ़े 12 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो पिछले साल की तुलना में करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपये अधिक है. अंतरिम सरकार के टॉप चार मंत्रियों में संपत्ति वृद्धि के मामले में यूनुस पहले स्थान पर बताए जा रहे हैं. यूनुस पर जांच इसलिए भी हो सकती है क्योंकि, उन्होंने बांग्लादेश को उस वक्त संभाला था जब वह बुरे हालातों से गुजर रहा था. देश की आर्थिक स्थिति वैसी नहीं थी, ऐसे में प्रॉपर्टी में 1 करोड़ 30 का इजाफा कई तरह के सवाल खड़े करता है.
दूसरे नंबर पर आवास मंत्री अदिलुर रहमान का नाम है, जिनकी संपत्ति में करीब 1 करोड़ 23 लाख रुपये का इज़ाफा दर्ज किया गया है. कुल 21 मंत्रियों में से 18 की संपत्ति में इजाफा हुआ है.
क्या तारिक रहमान सरकार लेगी कोई एक्शन?
सूत्रों का कहना है कि नए प्रधानमंत्री रहमान मंत्रियों की संपत्ति में हुए इस इज़ाफे की जांच के लिए एक समिति गठित कर सकते हैं. इसी बीच खबर है कि मोहम्मद यूनुस दोबारा पेरिस में बसने की तैयारी कर रहे हैं.
क्या यूनुस के खिलाफ है कोई मामला दर्ज?
उल्लेखनीय है कि यूनुस बांग्लादेश के एकमात्र नोबेल पुरस्कार विजेता हैं और माइक्रो फाइनेंस के क्षेत्र में उनका नाम प्रमुखता से लिया जाता है. शेख हसीना सरकार के कार्यकाल के दौरान उन पर भ्रष्टाचार के मामले दर्ज हुए थे, हालांकि अपनी सरकार बनने के बाद उन मामलों को वापस ले लिया गया.
यूनुस के एक मंत्री ने छोड़ा बांग्लादेश
यूनुस सरकार के एक मंत्री फैज अहम तैयब ने तारिक रहमान की सरकार बनने के बाद बांग्लादेश छोड़ दिया है. माना जा रहा है कि उन्होंने देश छोड़ने का फैसला उनके कामों पर कई तरह के सवाल उठने के बाद लिया है. फैज़ के कार्यकाल के दौरान आईटी सेक्टर में उनके जरिए विदेशी कंपनियों को लेकर कुछ फैसले लिए थे. जिस पर देश में आपत्ति की आवाज़े भी बुलंद हुई थीं.
फैज अहम तैयब पर यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि उन्होंने जरूरत से अधिक क्षमता वाले उपकरणों की खरीद के लिए कुछ कंपनियों को टेंडर जारी किए. इन आरोपों को लेकर राजनीतिक हलकों में बहस तेज है और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
कब शपथ लेंगे बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री?
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरमैन तारिक रहमान 17 फरवरी को देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले हैं. इस समारोह के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं को आमंत्रित किया गया है.
बांग्लादेश शपथ ग्रहण में भारत से कौन जाएगा?
भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक भारत की तरफ से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे. उनके साथ विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी मौजूद रहेंगे. प्रधानमंत्री मोदी उस दिन मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ निर्धारित द्विपक्षीय बैठक में व्यस्त रहेंगे, इसलिए वे ढाका नहीं जाएंगे.
भारत-बांग्लादेश रिश्तों पर क्या बोले तारिक रहमान?
आम चुनाव में जीत के बाद तारिक रहमान ने शनिवार को पहली बार मीडिया से बातचीत की. भारत-बांग्लादेश संबंधों पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता बांग्लादेश के हित होंगे. उन्होंने यह भी कहा कि चीन देश के विकास में एक अहम सहयोगी रहा है और भविष्य में भी दोनों देशों के बीच सहयोग जारी रहने की उम्मीद है.