पश्चिम बंगाल के सोनागाछी, एशिया के सबसे बड़े रेड-लाइट क्षेत्र में, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) ने बड़ी चिंता और राजनीतिक तूफ़ान खड़ा कर दिया है. चुनाव आयोग 2002 के दस्तावेज़ और माता-पिता के रिकॉर्ड मांग रहा है—जो अधिकांश सेक्स वर्कर्स के पास मौजूद नहीं हैं. NGOs इसे मानवीय संकट बता रहे हैं, जबकि TMC इसे “बैकडोर NRC” करार दे रही है. चुनाव आयोग ने सभी आरोपों को खारिज किया और हस्तक्षेप पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी. यह लड़ाई पहचान, सम्मान और वोट के अधिकार की है.