मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ईरान-अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ते टकराव के बीच एक बड़ा सवाल उठ रहा है कि इस पूरे संकट के दौरान भारत की भूमिका क्या है. कई विश्लेषकों का मानना है कि भारत ने अब तक ‘तटस्थता’ की नीति अपनाते हुए इस संघर्ष पर सार्वजनिक रूप से बेहद संतुलित और सीमित प्रतिक्रिया दी है. यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि भारत और Ayatollah Ali Khamenei के नेतृत्व वाले Iran के बीच ऐतिहासिक रूप से कूटनीतिक और रणनीतिक संबंध रहे हैं. ऊर्जा, व्यापार और क्षेत्रीय सहयोग के कई मामलों में दोनों देशों ने समय-समय पर एक-दूसरे के साथ काम किया है.