आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत के ‘घर वापसी’ वाले बयान के बाद सियासी और धार्मिक हलकों में तीखी बहस छिड़ गई है. लखनऊ में दिए गए इस बयान पर मुस्लिम धर्मगुरुओं ने आपत्ति जताते हुए कहा कि मुसलमानों से कोई राय नहीं ली गई और इसे चुनावी मुद्दा बनाया जा रहा है. मौलाना शाजिद राशिदी समेत कई नेताओं ने बयान की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि ऐसे वक्तव्यों से समाज में विभाजन बढ़ता है और मुसलमानों को अलग दिखाने की कोशिश होती है.