डॉ. शरद कोहली ने दावा किया है कि देश में अब लगभग 30,000 टन सोना ही बचा है और इसी वजह से सरकार सोना लाने में सक्रिय भूमिका निभा रही है. सवाल यह है- क्या वाकई भारत के गोल्ड रिज़र्व में बड़ी कमी आई है? और अगर ऐसा है तो आम निवेशकों को क्या करना चाहिए? सरकार पहले भी गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसी योजनाओं के जरिए घरेलू सोने को औपचारिक अर्थव्यवस्था में लाने की कोशिश करती रही है. अगर सोने की उपलब्धता सीमित होती है, तो कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है- खासकर तब जब वैश्विक अनिश्चितता भी बनी रहे.