ईरान-इज़राइल युद्ध और ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की कथित मौत की खबर के बाद देशभर के मौलानाओं में आक्रोश देखने को मिला है. कई धार्मिक नेताओं ने इसे मुस्लिम जगत पर हमला बताया और कड़ी प्रतिक्रिया दी. इस बीच बेंजामिन नेतन्याहू की नीतियों पर भी तीखी टिप्पणियां की गईं. विभिन्न राज्यों के मुस्लिम धर्मगुरुओं ने बयान जारी कर इस घटना की निंदा की. उनका कहना है कि यह कदम क्षेत्रीय शांति के लिए खतरनाक है और इससे हालात और बिगड़ सकते हैं. कुछ मौलानाओं ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की, जबकि कुछ ने इज़राइल की कार्रवाई को उकसावे वाला कदम बताया. उन्होंने कहा कि इससे पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता बढ़ेगी.