ईरान–इज़राइल संघर्ष ने भारत की विदेश नीति और मध्य पूर्व में उसकी रणनीतिक स्थिति को लेकर नई बहस छेड़ दी है. Iran लंबे समय से भारत का अहम साझेदार रहा है, खासकर Chabahar Port परियोजना और अफगानिस्तान व मध्य एशिया तक पहुंच के लिहाज से. ऐसे में बढ़ते तनाव के बीच भारत की कूटनीतिक प्रतिक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं. पूर्व विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा की अमेरिका और इजरायल ने बिना किसी नियम कानून के ईरान पर हमला किया. उन्होंने कहा कि वियना संधि का घोर उल्लंघन हुआ है.