कहते हैं, मां कामाख्या देवी के दरबार से कोई खाली हाथ नहीं लौटता. असम के गुवाहाटी में स्थित इस शक्तिपीठ की मान्यता पूरी दुनिया में है और वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे से पहले टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर भी मां कामाख्या के दरबार में पहुंचे. गंभीर के कार्यकाल पर नजर डालें तो भारतीय क्रिकेट से जुड़ी कुछ ऐसी बड़ी उम्मीदें मानी जाती हैं जिनका पूरा होना उनके लिए भी बेहद अहम होगा और शायद यही वजह है कि गंभीर मां कामाख्या के दर्शन करने पहुंचे. गंभीर के अंडर टीम इंडिया ने कई ऐसे उतार-चढ़ाव देखे हैं जिन्होंने भारतीय क्रिकेट के पुराने दबदबे पर सवाल खड़े किए.