मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर योगेंद्र यादव ने कहा कि "पहला सवाल तो ज्ञानेश कुमार पर उठता है कि आप क्या चुनाव आयोग को अपनी पर्सनल जागीर समझ रहे हैं. आप समझते हो जो मन में आया फैसला कर लिया और चार महीने तक चुनाव आयोग की बैठक ना होना ये तो स्कैंडल है देश में और ये चार महीने जबकि बड़े-बड़े फैसले हो रहे हैं. उस पूरे समय में चुनाव आयोग की बैठक नहीं हो रही. इसका मतलब है कि चुनाव आयोग संवैधानिक तरीके से काम नहीं कर रहा. ये तो कॉन्स्टिट्यूशनल क्राइसिस है. हम आपने सही पूछा कि ये बाकी दो सज्जन क्या कर रहे थे? बिल्कुल. ये फाइल में लिख रहे थे कि ये चीज गलत हो रही है. बहुत अच्छी बात है लेकिन फाइल में लिखने का काम तो अफसर का होता है."