असम विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के “मिया समुदाय” वाले बयान ने सियासत गरमा दी है. घुसपैठ, जनसंख्या संतुलन और कानून-व्यवस्था के मुद्दे फिर से चुनावी केंद्र में आ गए हैं. सवाल यह है कि क्या असम का चुनाव विकास से हटकर अब धर्म और पहचान की राजनीति पर टिक गया है.