सुनेत्रा पवार का महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में उभार राज्य की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव का संकेत है. दशकों तक सामाजिक और संस्थागत भूमिकाओं में परदे के पीछे काम करने के बाद उन्होंने अब सक्रिय राजनीति में कदम रखा है. अजित पवार के निधन के बाद उनका सत्ता के केंद्र में आना महाराष्ट्र की राजनीति के शक्ति संतुलन को नए सिरे से परिभाषित करने वाला माना जा रहा है.