AI की भूख से सूखेगा इंसान का गला! डेटा सेंटर्स बन रहे पानी के सबसे बड़े दुश्मन

AI की प्यास बुझाने में इंसान होंगे प्यासे! | Environmental Report |AI Data Centers | Google |ChatGPT
Edited By :  प्रवीण सिंह
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को भविष्य की क्रांति माना जा रहा है, लेकिन इसकी कीमत प्रकृति चुका रही है. हालिया पर्यावरण रिपोर्ट्स बताती हैं कि AI को चलाने वाले डेटा सेंटर्स भारी मात्रा में साफ पानी की खपत कर रहे हैं. गूगल की रिपोर्ट के अनुसार उसके डेटा सेंटर्स हर साल करीब 6.1 अरब गैलन पानी इस्तेमाल करते हैं. जैसे-जैसे AI का इस्तेमाल बढ़ेगा, वैसे-वैसे पानी की मांग भी बढ़ेगी. विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि अगर यही रफ्तार रही तो आने वाले वर्षों में दुनिया को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है.


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