सील हुआ जोशीमठ में निर्माणाधीन टीटी हॉल, बढ़ रही थी नमाज पढ़ने वालों की संख्या; वीडियो वायरल होने पर मचा बवाल
चमोली जिले के जोशीमठ में नगर पालिका द्वारा बन रहे टीटी हॉल में नमाज पढ़ने का वीडियो वायरल हो गया. घटना के बाद विरोध प्रदर्शन हुआ और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है.
उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित जोशीमठ शहर में हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है. जिसने काफी विवाद खड़ा कर दिया है. यहां नगर पालिका द्वारा बनवाए जा रहे एक नए भवन में टेबल टेनिस (टीटी) हॉल का निर्माण कार्य चल रहा है. यह हॉल स्थानीय खिलाड़ियों के लिए बनाया जा रहा है, ताकि वे यहां प्रैक्टिस कर सकें. लेकिन निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है, इमारत अधर में लटकी हुई है. इसी बीच इस अधूरी इमारत के अंदर कुछ लोग नमाज पढ़ते हुए दिखे. इसकी एक वीडियो किसी स्थानीय व्यक्ति ने बनाई और सोशल मीडिया पर डाल दी.
वीडियो में साफ दिख रहा था कि कई लोग एक साथ इकट्ठा होकर नमाज अदा कर रहे हैं. यह वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद इलाके में काफी हंगामा मच गया. जैसे ही यह वीडियो लोगों तक पहुंचा, हिंदू संगठनों और स्थानीय निवासियों में भारी गुस्सा फैल गया. उन्होंने तुरंत आपत्ति जताई और कई सवाल खड़े किए. उनका कहना है कि यह सरकारी जमीन पर बन रही सरकारी इमारत है, जो खेल के लिए बनाई जा रही है. ऐसे में यहां धार्मिक गतिविधि कैसे हो सकती है? क्या प्रशासन सो रहा है? क्या इन लोगों की कोई जांच-पड़ताल हुई है? क्या इनका सत्यापन किया गया है कि वे कौन हैं और कहां से आते हैं?.
धीरे-धीरे बढ़ रही थी नमाज पढ़ने वालों की संख्या
स्थानीय लोगों का दावा है कि पिछले कुछ दिनों से यहां नमाज पढ़ने वालों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती जा रही थी. पहले कम लोग आते थे, लेकिन अब संख्या ज्यादा हो गई है. इस वजह से मामला और गंभीर हो गया. गुरुवार को हिंदू संगठनों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर इस घटना का विरोध किया. वे पुलिस थाने गए और शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने मांग की कि इस पर सख्त कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों. कुछ संगठनों ने तो उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन भी तुरंत सक्रिय हो गए. उन्होंने जांच शुरू करने का भरोसा दिया है.
हॉल को किया गया सील
कुछ खबरों के अनुसार, इस हॉल को सील कर दिया गया है ताकि आगे कोई विवाद न बढ़े. प्रशासन का कहना है कि वे शांति बनाए रखने की पूरी कोशिश कर रहे हैं और सभी पक्षों से बात करके मामला सुलझाएंगे. यह पूरा विवाद संवेदनशील है, क्योंकि जोशीमठ एक धार्मिक महत्व का स्थान है और यहां पहले से ही जमीन धंसने जैसी समस्याएं रही हैं. ऐसे में छोटी-छोटी बातें भी जल्दी बड़ा रूप ले लेती हैं. लोग अब सवाल कर रहे हैं कि निर्माणाधीन सरकारी भवन में किसी को धार्मिक काम करने की इजाजत किसने दी? क्या इसके लिए कोई नियम हैं? इस घटना से इलाके में तनाव बढ़ गया है और सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है.