चारधाम यात्रा को जाम मुक्त बनाने के लिए सरकार ने लागू किया बड़ा ट्रैफिक नियम, ग्रीन कार्ड भी हुआ अनिवार्य
उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा 2026 के लिए नया ट्रैफिक नियम लागू किया है, जिसमें दिन में केवल यात्री वाहनों को अनुमति होगी. वहीं, ग्रीन कार्ड सिस्टम और समय निर्धारण से यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने पर जोर दिया गया है.
इस बार उत्तराखंड सरकार चारधाम यात्रा को और भी सुगम, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए एक नया नियम लागू करने जा रही है. अब चारधाम रूट पर दिन के समय केवल तीर्थयात्री वाहन (यात्री बसें, टैक्सी आदि) ही चल सकेंगे. वहीं रात के समय भारी मालवाहक वाहन (ट्रक, मालगाड़ियाँ आदि) चल सकेंगे. परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने रोशनाबाद स्थित एआरटीओ कार्यालय में ग्रीन कार्ड प्रणाली के शुभारंभ के मौके पर यह घोषणा की. उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान दिन में मालवाहक वाहनों को चारधाम मार्ग पर चलने की अनुमति नहीं होगी.
ऐसे वाहन केवल रात 9 बजे के बाद ही इस रूट पर जा सकेंगे. इसके साथ ही तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए यात्रा का समय सुबह से लेकर रात 9 बजे तक तय किया जाएगा. इससे श्रद्धालु ट्रैफिक जाम से बच सकेंगे और बिना किसी परेशानी के आराम से चारधाम के दर्शन कर सकेंगे. मंत्री प्रदीप बत्रा ने यह भी बताया कि सरकार चारधाम यात्रा का कुल समय भी तय करने वाली है, ताकि पूरी यात्रा व्यवस्था और बेहतर हो सके. इस अवसर पर एनआईसी उत्तराखंड के वरिष्ठ निदेशक हिमांशु कुमार और संयुक्त निदेशक रमन पुंडीर के योगदान की सराहना की गई.
ग्रीन कार्ड के लिए नए काउंटर बनाए जाएंगे
हरिद्वार से चारधाम यात्रा के लिए पहले दिन 11 व्यावसायिक यात्री वाहनों को ग्रीन कार्ड जारी किए गए. ग्रीन कार्ड केवल उन वाहनों को ही मिलेगा जो पूरी तरह से फिट पाए जाते हैं और उनकी तकनीकी जांच में कोई कमी नहीं निकलती. परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि यात्री वाहनों को समय पर ग्रीन कार्ड उपलब्ध कराने के लिए राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में नए काउंटर भी बनाए जाएंगे. इससे तीर्थयात्री वाहनों के मालिकों को आसानी होगी और उन्हें दूर-दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
ऋषिकेश में पहले दिन बने 40 ग्रीन कार्ड
ऋषिकेश में चारधाम यात्रा के लिए व्यावसायिक वाहनों के ग्रीन कार्ड बनने का काम सोमवार से शुरू हो गया है. पहले दिन ही 40 ग्रीन कार्ड जारी किए गए. पिछले साल पहले दिन केवल 13 ग्रीन कार्ड बने थे, जबकि इस बार पहले दिन ही 40 बसों, ट्रैक्सी और मैक्सी कैब वाहनों को ग्रीन कार्ड मिल गए. चारधाम यात्रा के लिए अब व्यावसायिक वाहनों का ग्रीन कार्ड बनाना अनिवार्य है. परिवहन विभाग के अधिकारी वाहनों के सभी दस्तावेज, फिटनेस सर्टिफिकेट और अन्य जरूरी कागजात अच्छी तरह जांचने के बाद ही ग्रीन कार्ड जारी करते हैं. एआरटीओ कार्यालय में हवन-यज्ञ करने के बाद ग्रीन कार्ड बनाने का काम शुरू किया गया. मुख्य अतिथि अपर परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह ने रिबन काटकर इस काम का औपचारिक शुभारंभ किया. इस नई व्यवस्था से चारधाम यात्रा और भी सुरक्षित और सुचारू रूप से चल सकेगी. तीर्थयात्री बिना किसी परेशानी के अपने इष्ट देव के दर्शन कर सकेंगे.