B.COM की पढ़ाई, फिर 6 साल की मेहनत, चौथे अटेंप्ट में UP PCS टॉप करने वालीं नेहा पांचाल की सक्सेस स्टोरी
बी.कॉम की पढ़ाई के बाद नेहा पांचाल ने सिविल सेवा का सपना चुना और 6 साल तक लगातार मेहनत करती रहीं. कई चुनौतियों और असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और चौथे प्रयास में UP PCS परीक्षा में टॉप कर शानदार सफलता हासिल की.
कौन हैं UPPCS टॉपर नेहा पांचाल
(Image Source: x-@riskyyadav41 )उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के नतीजों ने इस बार खास चर्चा बटोरी है, क्योंकि टॉप रैंक पर एक महिला उम्मीदवार ने बाजी मारी है. दिल्ली की नेहा पांचाल ने टॉप कर न सिर्फ अपनी मेहनत का परिणाम हासिल किया, बल्कि इस परीक्षा में लड़कियों की मजबूत मौजूदगी भी साबित की.
दिल्ली से बी.कॉम की पढ़ाई पूरी करने के बाद नेहा पांचाल ने अपने करियर के लिए आसान रास्ता नहीं चुना, बल्कि सिविल सर्विस जैसे मुश्किल एग्जाम की तैयारी का फैसला किया. साल 2018 से शुरू हुई इस यात्रा में उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन कभी हार नहीं मानी. करीब 6 साल की कड़ी तैयारी और चार प्रयासों के बाद आखिरकार नेहा पांचाल ने UPPSC परीक्षा में टॉप कर अपनी सफलता की कहानी लिख दी.
कौन हैं नेहा पांचाल?
नेहा पांचाल मूल रूप से दिल्ली की निवासी हैं और उनकी शुरुआती पढ़ाई भी यहीं पूरी हुई. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्यामलाल कॉलेज से बी.कॉम की पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने पॉलिटिकल साइंस और इंटरनेशनल रिलेशंस में एमए कर अपनी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन को और मजबूत बनाया.
चौथे प्रयास में मिली सफलता
नेहा को कामयाबी अचानक नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे कई सालों की लगातार मेहनत है. उन्होंने 2018 से सिविल सेवा की तैयारी शुरू की थी और यह उनका चौथा अटेंप्ट था, जिसमें उन्होंने टॉप रैंक हासिल की. इससे पहले वह 2023 में UPSC के इंटरव्यू फेज़ तक पहुंच चुकी थीं, जो उनकी मजबूत तैयारी और एक्सपीरियंस को दिखाता है.
यूपी में नौकरी को लेकर क्या सोच है?
एक मॉक इंटरव्यू में नेहा ने साफ तौर से कहा था कि उनके लिए नौकरी की जगह कभी मायने नहीं रखती थी. जब उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की, तब उन्होंने यह तय नहीं किया था कि उन्हें सिर्फ दिल्ली में ही काम करना है. उनका मानना है कि प्रशासनिक सेवाओं में कैडर पॉलिसी के अनुसार जहां जिम्मेदारी मिले, वहीं पूरी ईमानदारी से काम करना चाहिए.
मेहनत और धैर्य की मिसाल
नेहा पांचाल की सफलता उन सभी उम्मीदवारों के लिए प्रेरणा है, जो लंबे समय से तैयारी कर रहे हैं. उनकी कहानी यह बताती है कि लगातार प्रयास और सही दिशा में मेहनत करने से सफलता जरूर मिलती है.