उत्तर प्रदेश की सियासत में मुस्लिम वोट सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि कई सीटों पर जीत-हार के लिहाज से निर्णायक माना जाता है. करीब 19 फीसदी मुस्लिम आबादी वाले यूपी में समाजवादी पार्टी लंबे समय से खुद को इस वोट का सबसे मजबूत राजनीतिक दावेदार मानती रही है, जबकि कांग्रेस अब दोबारा इस समुदाय के बीच अपनी जमीन तलाश रही है. 2024 लोकसभा चुनाव में SP-कांग्रेस गठबंधन की बड़ी सफलता ने इस पुराने समीकरण को फिर चर्चा में ला दिया. कुल 80 सीटों में से SP ने 37 और कांग्रेस ने 6 सीटें जीतीं. लेकिन सवाल है कि मुस्लिम वोट पर असली पकड़ किसकी है?

अहम सवाल यह है कि कांग्रेस की वापसी से सपा क्यों बेचैन है? 2012 से 2024 तक मुस्लिम राजनीति में क्या बदला? और 2027 से पहले दोनों दलों की रणनीति क्या संकेत दे रही है? आइए FAQ में पूरा गणित समझते हैं.