ठाकुर हूं, ऐसी की तैसी कर दूंगी! HDFC बैंक में कस्टमर पर भड़की महिला कर्मचारी, गाली गलौज का Video Viral
कानपुर के HDFC बैंक की एक महिला कर्मचारी का ग्राहक से अभद्र भाषा में बहस करते हुए वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें जाति का नाम लेकर धमकाने के आरोप लगे हैं. सोशल मीडिया पर लोग इसे जातिगत अहंकार बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे उकसावे के बाद की प्रतिक्रिया मान रहे हैं.;
कानपुर, उत्तर प्रदेश में एक ऐसी घटना हुई है जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई है. यह मामला पनकी सेक्टर-2 स्थित HDFC बैंक की एक ब्रांच का है. यहां एक महिला कर्मचारी आस्था सिंह का एक ग्राहक के साथ काफी तेज बहस का वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में आस्था सिंह बहुत गुस्से में नजर आ रही हैं और वे ग्राहक से कह रही हैं 'ठाकुर हूं मैं, ब***दी मत करना मेरे से' साथ ही कुछ जगहों पर वे 'ऐसी की तैसी कर दूंगी' जैसी काफी अभद्र और गाली-गलौज वाली भाषा भी इस्तेमाल करती दिख रही हैं.
वीडियो में देखा जा सकता है कि आस्था सिंह काफी आक्रामक होकर लैपटॉप की तरफ हाथ बढ़ाती हैं, जैसे कि धमकाने या कुछ फेंकने की कोशिश कर रही हों. बैंक के अंदर यह पूरा माहौल बहुत तनावपूर्ण लग रहा है. कुछ साथी कर्मचारी उन्हें रोकने की कोशिश करते दिख रहे हैं, लेकिन वे रुकने का नाम नहीं ले रही हैं.
ग्राहक से तीखी बहस
यह वीडियो सबसे पहले @@SurajKrBauddh नाम के एक बौद्ध कार्यकर्ता ने शेयर किया. वे Mission Ambedkar के संस्थापक हैं. उन्होंने इस घटना को जातिवादी धमकी के रूप में पेश किया है. उनका कहना है कि आस्था सिंह ने अपनी जाति (ठाकुर) का हवाला देकर ग्राहक को डराने-धमकाने की कोशिश की, जो पूरी तरह गलत और असभ्य व्यवहार है. उन्होंने HDFC बैंक से मांग की है कि आस्था सिंह को तुरंत नौकरी से निकाला जाए. उन्होंने इसे ऊपरी जाति की अकड़ और मनुवादी सोच का उदाहरण भी बताया है.
क्या रहा लोगों का रिएक्शन?
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को देखकर लोगों की प्रतिक्रियाएं बिल्कुल अलग-अलग हैं. कुछ लोग बहुत गुस्से में हैं. वे कह रहे हैं कि बैंक जैसी जगह पर, जहां ग्राहक सेवा सबसे महत्वपूर्ण होती है, ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. जाति का नाम लेकर धमकाना तो और भी गलत है. कई यूजर्स ने हैशटैग जैसे #CasteAbuse, #HDFC, #Kanpur आदि इस्तेमाल करके बैंक से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर बैंक ने कुछ नहीं किया तो ग्राहकों का भरोसा टूट जाएगा.
महिला कर्मचारी का बचाव
दूसरी तरफ कुछ लोग आस्था सिंह का बचाव कर रहे हैं. उनका कहना है कि वीडियो पूरा नहीं है, बल्कि सिर्फ एक हिस्सा दिखाया जा रहा है. ग्राहक ने पहले ही काफी बदतमीजी की होगी, गालियां दी होंगी या उकसाया होगा. जब कोई लगातार अपमान करता है तो इंसान का गुस्सा फूट पड़ता है. वे कहते हैं कि आस्था सिंह का जवाब व्यक्तिगत गुस्से में था, न कि सिर्फ जाति के आधार पर. कुछ पोस्ट में यह भी कहा गया कि ग्राहक पुरुष था, जो पहले बहस कर रहा था, और बाद में उसकी पत्नी को आगे करके बात बढ़ाई गई. ऐसे में आस्था सिंह ने सिर्फ अपनी इज्जत बचाने के लिए जवाब दिया.
उठ रहे सवाल
कुल मिलाकर यह बहस अब सिर्फ एक छोटी घटना नहीं रह गई है. लोग अब बड़े सवाल उठा रहे हैं क्या वर्कप्लेस पर जाति का नाम लेकर बात करना सही है? बैंक जैसे प्रोफेशनल जगह पर कर्मचारियों को कितना संयम रखना चाहिए? ग्राहक सेवा में असभ्यता कब तक बर्दाश्त की जाएगी? क्या जाति का अहंकार अभी भी समाज में इतना मजबूत है कि लोग इसे खुले में इस्तेमाल करते हैं? अभी तक एचडीएफसी बैंक की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है न ही कोई कार्रवाई की खबर है. वीडियो अलग-अलग अकाउंट्स पर बार-बार शेयर हो रहा है। कुछ लोग इसे जातिगत अहंकार का मामला बता रहे हैं, तो कुछ इसे उकसावे और व्यक्तिगत गुस्से का.