Sambhal Insurance Scam: आज के समय में भविष्य को लेकर लोग ज्यादा परेशान रहते हैं. इसलिए हेल्थ, गाड़ी से लेकर कार तक का इंश्योरेंस करा लेते हैं. देश भर में सैकड़ों कंपनियां और बैंक हैं जो बीमा की सुविधा देते हैं, लेकिन क्या हो जब बीमा ही सुरक्षित न हो. उत्तर प्रदेश के संभल में हाल ही में ऐसे की कांड का खुलासा हुआ है.

संभल जिले में एक बड़ा बीमा घोटाला सामने आया, जिसमें फर्जी पॉलिसी, दस्तावेजों की कॉपी करके करोड़ों का घपला किया. यहां तक कि हत्या भी कर डाली और करीब 100 करोड़ से ऊपर की धोखाधड़ी की. पुलिस ने बड़ा जाल बिछाकर इस स्कैम का पर्दाफाश किया है.

मर्डर को बताया एक्सीडेंट

संभल पुलिस ने भोले-भाले लोगों को बीमा के नाम पर ठगने वाले शातिर गैंग का भंडाफोड़ किया है. देश की 58 बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर इंश्योरेंस कॉन्क्लेव की, जिसमें वित्त मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल हुए. एक कॉन्क्लेव ने संभल पुलिस ने पूरे कांड के बारे में जानकारी दी.

जानकारी के अनुसार, दो सगे भाइयों ने 50 लाख रुपये के इंश्योरेंस पॉलिसियों का क्लेम हड़पने के लिए दरियाब दिव्यांग व्यक्ति का जानबूझकर एक्सीडेंट करवाया और क्लेम करके 15 लाख रुपये ठग लिए. जब मृतक के परिजन ने शिकायत दर्ज कराई तो पूरा सच सामने आया.

कैसे सामने आया बीमा घोटाला?

एएसपी दक्षिणी आईपीएस अनुकृति शर्मा ने बताया कि बीमा कंपनी के अधिकारियों को इस ठगी के बारे में बताया गया. शर्मा ने बताया कि संभल बीमा घोटाले में शामिल गिरोह लगभग जनवरी से निगरानी में था. अब तक 52 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, लगभग 50 आरोपी अभी तक फरार हैं, जबकि 3 ने अदालत में आत्मसमर्पण किया है.

उन्होंने बताया कि यह गिरोह युवकों को चुनकर पहले उनके नाम पर जीवन बीमा पॉलिसी बनवाता था और फिर उनकी हत्या करके उसे दुर्घटना बता, बीमा क्लेम करता था. साथ ही कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी वाले व्यक्तियों और मृतकों के नाम पर फर्जी पॉलिसियां बना, दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर स्वास्थ्य व जीवन बीमा कंपनियों से बड़ी रकम अवैध रूप से हड़पता था.

हत्या के बाद घपला

अनुकृति शर्मा ने बताया सलीम (22) को कैब से रौंदकर उसके नाम पर 75 लाख रुपये ठगे गए. इसके बाद गिरोह ने अमन (24) को हथौड़े से मारने के बाद 2.7 करोड़ रुपये की सात पॉलिसी लेकर 20 लाख रुपये क्लेम किए गए. इसके अलावा गिरोह ने मरीज और मृत व्यक्तियों के नाम पर बैकडेट फर्जी पॉलिसियां बनवाईं. उन्होंने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र, बैंक दस्तावेज, आधार-पैन कार्ड और मोबाइल नंबर की कॉपी जैसी पेपर तैयार करके अभी तक 100 से 200 करोड़ तक की धोखाधड़ी की गई. बता दें कि ED इस पूरे मामले में 500 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग जांच भी कर रही है.